फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur police will bring four accused of Pinkan group from West Bengal

1600 करोड़ की ठगी मामला: पिनकन ग्रुप के चार आरोपियों को पश्चिम बंगाल से लेकर आएगी गोरखपुर पुलिस

Thu, 13 Apr 2023 11:32 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 13 Apr 2023 11:32 AM IST
सार

गोरखपुर जिले में दफ्तर खोलकर जालसाजी करने की पहली घटना पिनकन ग्रुप की नहीं है। इसके पहले भी यहां की भोली-भाली जनता को ठगने का धंधा कई लोगों ने किया है। स्पीक एशिया ने दस साल पहले यहां पर एक हजार करोड़ रुपये की जालसाजी की थी।

विज्ञापन
Gorakhpur police will bring four accused of Pinkan group from West Bengal
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

गोरखपुर और आसपास के जिलों सहित पूरे प्रदेश में जाल फैलाकर जालसाजी करने वाले पिनकन ग्रुप के चार आरोपी पश्चिम बंगाल की जेलों में बंद हैं। इन सभी को वारंट बी पर गोरखपुर पुलिस लेकर आएगी और फिर कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर विवेचक ने कोर्ट से अनुमति मांगी है। कोर्ट से आदेश मिलते ही पुलिस कागजी कार्रवाई पूरा कर आरोपियों को गोरखपुर लेकर आएगी।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाने में दर्ज केस में विनय सिंह, हरि सिंह के अलावा कोलकाता के दक्षिणी प्रभाग निवासी राजकुमार, यहीं के रघु सेठी, मनोरंजन राय, दीपांकर बसु भी आरोपी बनाए गए है। पता चला है कि इन सभी ने पश्चिम बंगाल में भी जालसाजी की थी और उन्हीं मामलों में वहीं की दो जेलों में बंद है। दो आरोपी विनय और हरि सिंह के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने इसमें कागजी कार्रवाई तेज कर दी और फिर अन्य आरोपियों को गोरखपुर लाकर पूछताछ किए जाने की तैयारी में है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: 1600 करोड़ की जालसाजी करने के आरोपी, पांच साल बाद गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन

स्पीक एशिया ने भी गोरखपुर से की थी एक हजार करोड़ की जालसाजी

गोरखपुर जिले में दफ्तर खोलकर जालसाजी करने की पहली घटना पिनकन ग्रुप की नहीं है। इसके पहले भी यहां की भोली-भाली जनता को ठगने का धंधा कई लोगों ने किया है। स्पीक एशिया ने दस साल पहले यहां पर एक हजार करोड़ रुपये की जालसाजी की थी। बाद में उसके आरोपी को दिल्ली पुलिस ने 2016 में गिरफ्तार किया और सामने आया कि आरोपी राम निवास पाल ने 2200 करोड़ रुपये की जालसाजी की थी। इसके अलावा भी कई संस्थाएं गोरखपुर में जालसाजी कर चुकी हैं।

जानकारी के मुताबिक, स्पीक एशिया एक ऑनलाइन सर्वे मार्केटिंग कंपनी थी। राम निवास पाल ने अपने भाई राम सुमिरन पाल के साथ मिलकर सिंगापुर में स्पीक एशिया कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया। 2010 में दोनों भाइयों ने मनोज शर्मा की मदद से भारत में स्पीक एशिया को लांच किया। शुरुआत में इन्होंने कंपनी के वेब सब्सक्रिप्शन के नाम पर 11 हजार रुपये वसूलने शुरू किए।

इसे भी पढ़ें: मवेशियों को बचाने के चक्कर में मां-बेटे झुलसे, मौके पर ही दोनों ने तोड़ा दम

इस वेब सब्सक्रिप्शन के जरिए मल्टीनेशनल फर्म का सर्वे फार्म भरने के लिए कहा जाता था। इसके एवज में 52 हजार रुपये का भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया गया। 2010 से 2011 के बीच कंपनी ने वादे के अनुसार कई निवेशकों को भुगतान भी किया। चेन प्रणाली पर आधारित इस कंपनी ने महज कुछ महीनों के भीतर 24 लाख निवेशकों को अपने साथ जोड़कर करीब 2276 करोड़ रुपये एकत्रित कर लिए थे।

 

पहले भी गोरखपुर में हो चुकी है करोड़ों की ठगी

  • 21 अप्रैल 2017: देश के कई प्रदेशों में हजारों लोगों से 100 करोड़ रुपये लेकर एक फाइनेंस कंपनी फरार हो गई है। गैब नाम की कंपनी ने कई प्रदेशों में दफ्तर खोल रखा था। आरडी और अन्य योजनाओं के नाम पर रुपये एकत्र करने के बाद कंपनी के जिम्मेदार फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की थी।
  • 09 दिसंबर 2014: बर्दमान सनमार्ग माइक्रो फाइनेंस कंपनी के मालिक, कर्मचारियों और एजेंटों पर कैंट पुलिस ने साजिश रचकर जालसाजी करने का मामला दर्ज किया था। जांच में पता चला कि 40 से अधिक लोगों से जालसाजी की गई थी। इस कंपनी ने भी रुपये जमाकर जालसाजी की थी।
  • 13 फरवरी 2016: गोलघर, सिनेमा रोड में माइक्रो फाइनेंस कंपनी का ऑफिस खोलकर संचालकों ने करीब 40 करोड़ रुपये का चूना लगाया। कंपनी में बतौर एजेंट जुड़े साढ़े पांच सौ लोगों से रुपये जमा कराकर संचालक फरार हो गए थे।
  • 2015: बड़हलगंज कस्बे में चिटफंड कंपनी खोलकर संचालकों ने सैकड़ों महिलाओं के साथ ठगी की थी। दो हजार महिलाओं को रोजगार के लिए लोन दिलाने का झांसा देकर कंपनी के संचालक ने सबको बेवकूफ बनाया था और 70 करोड़ लेकर फरार हो गए थे।
  • सात फरवरी 2016: कोतवाली इलाके के हजारीपुर, खूनीपुर आदि मोहल्ले के सैकड़ों लोगों ने एक महिला और उसके जेठ पर संस्था में रुपये जमाकर कराकर भागने का आरोप लगाया था। जांच में पता चला था कि संस्था फर्जी थी और करोड़ों रुपये लेकर गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed