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Gorakhpur News: शिकायतों को निपटाने में गोरखपुर की पुलिस फिसड्डी, एडीजी ने जारी की रेटिंग
Thu, 16 Feb 2023 01:28 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 16 Feb 2023 01:28 PM IST
सार
पीएआर सिस्टम के तहत जनता से पांच पिलर्स पर सुझाव वोट के माध्यम से लिया जाता है। पांच पिलर्स में आईजीआरएस, पीआरवी, डाएरेक्ट पोल, टिवटर पोल, एफआईआर, पासपोर्ट और कैरेक्टर सर्टिफिकेट शामिल है। इन कामों में पुलिस कैसे अंजाम दे रही है, इसपर जनता ऑनलाइन अपना सुझाव देती है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) में गोरखपुर पुलिस महराजगंज, कुशीनगर से भी पीछे है। रेंज के सभी जिलों में सबसे निचले पायदान पर गोरखपुर आया है। जबकि, कुशीनगर को पहला और महराजगंज, देवरिया को दूसरा स्थान मिला हैं। एडीजी की ओर से पब्लिक अप्रुवल रेटिंग सिस्टम (पीएआर) की जरिए बने रेटिंग को जारी किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 75 प्रतिशत जनता ने गोरखपुर पुलिस से असंतुष्ट दिखी है। सिर्फ 24.02 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि व्यक्त की है। इससे पता चल रहा है कि पुलिस आईजीआरएस निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं है। जबकि वर्ष 2022 में जनता ने गोरखपुर पुलिस को पहले, दूसरे नंबर पर बनाए रखा था।
गोरखपुर पुलिस की आईजीआरएस में हमेशा रैंक खराब रहती है। गोरखपुर पुलिस को आईजीआरएस में वर्ष 2022 के अक्तूबर में 36.2, नवंबर में 27.2, दिसंबर में 26.0 और वर्ष 2023 जनवरी माह में 24.2 प्रतिशत लोग ही संतुष्ट हैं। इसके अलावा कुशीनगर में 86.07, महराजगंज व देवरिया में 80 प्रतिशत जनता संतुष्ट है। लगातार गोरखपुर की रैकिंग नीचे आ रही है।
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पांच पिलर्स पर लिया जाता है फीडबैक
पीएआर सिस्टम के तहत जनता से पांच पिलर्स पर सुझाव वोट के माध्यम से लिया जाता है। पांच पिलर्स में आईजीआरएस, पीआरवी, डाएरेक्ट पोल, टिवटर पोल, एफआईआर, पासपोर्ट और कैरेक्टर सर्टिफिकेट शामिल है। इन कामों में पुलिस कैसे अंजाम दे रही है, इसपर जनता ऑनलाइन अपना सुझाव देती है। हर माह सभी जिले का लिंक जारी किया जाता है। जिसपर जनता अपने जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सुझाव देती है।
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जानकारी के मुताबिक, 75 प्रतिशत जनता ने गोरखपुर पुलिस से असंतुष्ट दिखी है। सिर्फ 24.02 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि व्यक्त की है। इससे पता चल रहा है कि पुलिस आईजीआरएस निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं है। जबकि वर्ष 2022 में जनता ने गोरखपुर पुलिस को पहले, दूसरे नंबर पर बनाए रखा था।
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गोरखपुर पुलिस की आईजीआरएस में हमेशा रैंक खराब रहती है। गोरखपुर पुलिस को आईजीआरएस में वर्ष 2022 के अक्तूबर में 36.2, नवंबर में 27.2, दिसंबर में 26.0 और वर्ष 2023 जनवरी माह में 24.2 प्रतिशत लोग ही संतुष्ट हैं। इसके अलावा कुशीनगर में 86.07, महराजगंज व देवरिया में 80 प्रतिशत जनता संतुष्ट है। लगातार गोरखपुर की रैकिंग नीचे आ रही है।
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पांच पिलर्स पर लिया जाता है फीडबैक
पीएआर सिस्टम के तहत जनता से पांच पिलर्स पर सुझाव वोट के माध्यम से लिया जाता है। पांच पिलर्स में आईजीआरएस, पीआरवी, डाएरेक्ट पोल, टिवटर पोल, एफआईआर, पासपोर्ट और कैरेक्टर सर्टिफिकेट शामिल है। इन कामों में पुलिस कैसे अंजाम दे रही है, इसपर जनता ऑनलाइन अपना सुझाव देती है। हर माह सभी जिले का लिंक जारी किया जाता है। जिसपर जनता अपने जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सुझाव देती है।