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Gorakhpur News: गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर में डूबा युवक, रिमोट ऑपरेटेड लाइफ जैकेट से निकाला

Sat, 28 Dec 2024 12:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2024 12:50 AM IST
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Gorakhpur News: Youth drowned in Bhim Sarovar of Gorakhnath temple, pulled out with remote operated life jacket
गोरखपुर। खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में मॉकड्रिल की गई। इस दौरान भीम सरोवर में अचानक एक युवक डूबने पर रिमोट ऑपरेटेड लाइफ जैकेट की मदद से बाहर निकाल कर एंबुलेंस से मेडिकल कैंप तक ले जाने और भगदड़ की सूचना पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में इस मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। महाकुंभ-2025 के दृष्टिगत गोरखनाथ मंदिर में भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। एडीएम एफआर विनीत सिंह और एसपी साउथ जितेंद्र कुमार के निर्देशन में यह मॉक एक्सरसाइज शुरू हुई। इसको चार चरणों में बांटा गया था। पहले चरण में मंदिर परिसर के भीम सरोवर में व्यक्ति के डूबने की घटना को प्रदर्शित किया गया। इसमें एक युवक सरोवर में डूबने लगा, जिसे देखकर एसडीआरएफ ने रिमोट ऑपरेटेड लाइफ जैकेट उसके पास भेजा। युवक उसे पकड़कर नाव तक आया। इसके बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर बाहर निकाला गया। पोखरे के बाहर से उसे तत्काल एंंबुलेंस की मदद से मेडिकल कैंप तक भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज किया। खिचड़ी मेले में सुरक्षा के दृष्टिगत मेला अवधि तक एसडीआरएफ बल की तैनाती भीम सरोवर पर की गई है। एसडीआरएफ ने भीम सरोवर में चलने वाले मोटर बोट चालकों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया है।
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दूसरे चरण में मेला परिसर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। इसे मोटर बाइक और छोटे चार पहिया वाहन अग्निशमन वाहन के माध्यम से तत्काल काबू पा लिया गया। इंसिडेंट कमांडर ने मेला परिसर में संचालित हो रही सभी दुकानों की जांच कर प्रयोग में लाए जा रहे एलपीजी सिलेंडर और प्रयुक्त रेगुलेटर व पाइप आदि की जांच करने के निर्देश दिए। तीसरे चरण में बताया गया कि श्रद्धालुओं के बीच अफवाह फैलने से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसमें प्रवेश एवं निकासी द्वार पर तैनात पुलिस कार्मिकों और नागरिक सुरक्षा के वार्डन को जनमानस को बाहर निकालने की ट्रेनिंग दी गई। अफवाहों पर नियंत्रण के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को भी जांचा गया और यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक द्वार पर वायरलेस सिस्टम/सेट के साथ कार्मिक तैनात रहें। मेला परिसर के अंतर्गत वैकल्पिक चिकित्सालय की स्थापना के साथ आसपास की समस्त अस्पतालों को सूचीबद्ध करते हुए बेड आरक्षित किए जाने की कार्रवाई की गई।
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चौथे चरण में कमांड पोस्ट के साथ ही सभी विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें विभागों ने अपने पास राहत व बचाव कार्य से संबंधित उपकरणों को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन, नगर निगम, नागरिक सुरक्षा, लोक निर्माण, विद्युत, आपदा मित्र व सखी आदि विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
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