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आरोप : ऑक्सीजन का खाली सिलिंडर लगाया तो हो गई बुजुर्ग की मौत, अस्पताल ने कहा-निराधार 

Fri, 04 Jun 2021 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Jun 2021 05:58 AM IST
सार

  • आस्था हॉस्पिटल के खिलाफ पीड़ित ने की सीएमओ से शिकायत
  • लगाया आरोप, नॉन मेडिकल व्यक्ति अस्पताल का कर रहा संचालन

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gorakhpur news : When an empty cylinder of oxygen was put the elderly died but hospital said its baseless
demo pic... - फोटो : पीटीआई

विस्तार

ऑक्सीजन सपोर्ट के नाम पर मरीज को खाली सिलिंडर लगा दिया। इसकी वजह से मरीज की मौत हो गई। मामला आस्था हॉस्पिटल का है। पीड़ित परिजनों ने लिखित शिकायत सीएमओ से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया है कि हॉस्पिटल में नॉन मेडिकल व्यक्ति अस्पताल का संचालन कर रहा है। साथ ही मरीज को देखने वाला भी डॉक्टर के बजाए नॉन मेडिकल व्यक्ति था।

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जानकारी के मुताबिक प्रिंस सिंह ने आरोप लगाया है कि मेरे बाबा इंद्रजीत सिंह की बृहस्पतिवार को तबीयत खराब हुई। सीने में दर्द की शिकायत लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचा। जहां पर उन्होंने देखकर कोविड अस्पताल होने की वजह से भर्ती करने से मना कर दिया। इस बीच एक और डॉक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बेतियाहाता स्थित आस्था हॉस्पिटल में जाने की सलाह दी। इस बीच बाबा को ऑक्सीजन सपोर्ट पर लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। वहां पर पहुंचते ही पहले रुपये जमा करने को कहा गया।
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इस पर उनसे निवेदन किया गया कि पहले मरीज को देख लीजिए रुपये जमा कर दूंगा। लेकिन वह नहीं माने। अंत में पांच हजार रुपये दिया तब जाकर मरीज को एंबुलेंस से उतारकर स्ट्रेचर पर लिटाया। इस बीच हॉस्पिटल ने अपना ऑक्सीजन सपोर्ट दिया। जैसे ही उनका ऑक्सीजन सिलिंडर लगा बाबा की स्थिति बिगड़ने लगी। इस पर निवेदन किया गया कि बाबा को देख लीजिए, तो वहां मौजूद तथाकथित डॉक्टर उल्टा सीधा कहने लगा। इस पर एंबुलेंस के साथ आए टेक्नीशियन को बुला कर दिखाया तो पता चला कि अस्पताल की ओर से लगाया गया ऑक्सीजन सिलिंडर खाली है। इस बीच बाबा की मौत हो गई। मौत के बाद भी 3000 रुपये जमा कराए गए।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद है पूरी घटना
प्रिंस सिंह ने बताया कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। अस्पताल नॉन मेडिकल व्यक्ति चला रहा है। इलाज करने वाला डॉक्टर नहीं था। ऐसे में व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल के प्रबंधन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।


मरीज को स्ट्रेचर पर उतारते ही मौत हो गई। ऑक्सीजन सिलिंडर खाली नहीं था। रही बात रुपये लेने की तो यह बिल्कुल निराधार आरोप है। किसी से कोई रुपये नहीं लिए गए है।
अगंद सिंह चौहान, निदेशक आस्था हॉस्पिटल

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