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Gorakhpur News: छठ पूजा में सबसे ज्यादा बिका मोम लगा सेब, केमिकल से पका केला
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने सेब पर लगाए गए अखाद्य से पेट से संबंधित बीमारियां होने की जताई आशंका
गोरखपुर। छठ महापर्व के अवसर पर फलों की भारी मांग के बीच इस बार बाजार में सबसे ज्यादा मोम लगा सेब और केमिकल से पका केला बिकने की जानकारी सामने आई है। हिमाचल और उत्तराखंड से आए सेब को अधिक आकर्षक और लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए उन पर वैक्स (मोम) की परत चढ़ा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस पर चिंता जताते हुए उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि ऐसे सेब और अन्य फलों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुसार केवल फूड ग्रेड मोम का सीमित मात्रा में प्रयोग की अनुमति है। लेकिन जांच में यह पाया गया है कि कई दुकानदार औद्योगिक या गैर-खाद्य ग्रेड मोम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। ऐसे मोम लगे फल खाने से पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन लिवर पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा एलर्जी, गले में जलन और सांस की परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
ये बरतें सावधानी
सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि फल खरीदते समय और खाने से पहले कुछ सावधानियां जरूर बरतें। सेब या अन्य फलों को हल्के गर्म पानी (50–60 डिग्री सेंटीग्रेड) में कुछ सेकंड डुबोकर धोने से मोम की परत हटाई जा सकती है। इसके अलावा, एक कटोरे पानी में नींबू रस और बेकिंग सोडा मिलाकर उसमें फल को कुछ मिनट डुबोकर ब्रश से साफ करने की सलाह दी गई है। यदि संदेह हो कि फल पर अत्यधिक मोम लगा है, तो उसका छिलका उतारकर ही सेवन करें। खरीदारी के समय यह भी ध्यान देना चाहिए कि अत्यधिक चमकदार, चिकने और अस्वाभाविक रूप से चमकते सेब खरीदने से बचें।
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गोरखपुर। छठ महापर्व के अवसर पर फलों की भारी मांग के बीच इस बार बाजार में सबसे ज्यादा मोम लगा सेब और केमिकल से पका केला बिकने की जानकारी सामने आई है। हिमाचल और उत्तराखंड से आए सेब को अधिक आकर्षक और लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए उन पर वैक्स (मोम) की परत चढ़ा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस पर चिंता जताते हुए उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि ऐसे सेब और अन्य फलों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुसार केवल फूड ग्रेड मोम का सीमित मात्रा में प्रयोग की अनुमति है। लेकिन जांच में यह पाया गया है कि कई दुकानदार औद्योगिक या गैर-खाद्य ग्रेड मोम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। ऐसे मोम लगे फल खाने से पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन लिवर पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा एलर्जी, गले में जलन और सांस की परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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ये बरतें सावधानी
सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि फल खरीदते समय और खाने से पहले कुछ सावधानियां जरूर बरतें। सेब या अन्य फलों को हल्के गर्म पानी (50–60 डिग्री सेंटीग्रेड) में कुछ सेकंड डुबोकर धोने से मोम की परत हटाई जा सकती है। इसके अलावा, एक कटोरे पानी में नींबू रस और बेकिंग सोडा मिलाकर उसमें फल को कुछ मिनट डुबोकर ब्रश से साफ करने की सलाह दी गई है। यदि संदेह हो कि फल पर अत्यधिक मोम लगा है, तो उसका छिलका उतारकर ही सेवन करें। खरीदारी के समय यह भी ध्यान देना चाहिए कि अत्यधिक चमकदार, चिकने और अस्वाभाविक रूप से चमकते सेब खरीदने से बचें।
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