फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.

Gorakhpur News: घर में न घुस जाए मगरमच्छ...बना दिया पहरेदार, टॉर्च लेकर रातभर पहरा दे रहे ग्रामीण

Tue, 01 Oct 2024 06:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 01 Oct 2024 06:22 AM IST
विज्ञापन
In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.
रात में घूमता दिखा था मगरमच्छ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जगतबेला के टिकरिया गांव के लोग मगरमच्छ को लेकर सोमवार को भी दहशत में रहे। रविवार की रात ग्रामीणों ने जाग कर गुजारी। मगरमच्छ कहीं घर में न घुस जाए, इस डर से वह रातभर टॉर्च और लाठी लेकर पहरा देते रहे। दूसरे दिन भी शाम तक वन विभाग की टीम को मगरमच्छ को रेस्क्यू करने में सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन

In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.
मगरमच्छ खोजते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ रविवार की रात करीब 10 बजे पानी से बाहर आया था। पोखरे से निकलकर वह सड़क पर आ गया, लेकिन फिर कुछ ही समय में वह दोबारा पानी में चला गया। इसके बाद सोमवार को सुबह पोखरे में देखा गया।

सोमवार को सुबह वन विभाग की ओर से टीम में शामिल लोगों की संख्या बढ़ाई गई, ताकि मगरमच्छ को जल्द से जल्द रेस्क्यू किया जा सके। साथ में पुलिस भी मौजूद थी। बच्चों और महिलाओं में दहशत रही। पोखरे के आसपास के घरों में महिलाएं बच्चों को लेकर घर में थीं और दरवाजा बंद था।
विज्ञापन
विज्ञापन

In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.
इसी पोखरे के बाद मगरमच्छ दिखा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टिकरिया गांव के पूरब और कौड़िया-कालेसर फोरलेन के सर्विस लेन के बगल में स्थित पोखरे में इस समय पानी भरा है। रविवार को सुबह पांच बजे के करीब पोखरे में मगरमच्छ को देखा गया। इसके बाद वहां ग्रामीणाें की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने डायल 112 और वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद से ही उसको पकड़ने के लिए मशक्कत शुरू हो गई।

ग्रामीणाें के अनुसार, मगरमच्छ करीब सात से आठ फीट का है। करीब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी मगरमच्छ को रेस्क्यू नहीं किया जा सका। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि मगरमच्छ को रेस्क्यू करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उसे रेस्क्यू कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.
सड़क किनारे बैठकर मगरमच्छ के पकड़े जाने का इंतजार करते - फोटो : अमर उजाला
रातभर जगे रहे गांव के पुरुष
टिकरिया गांव में मगरमच्छ की दहशत इतनी हो गई है कि रविवार की रात सभी घरों से पुरुष पहरा देते रहे। महिलाओं और बच्चों को घर के अंदर कर दरवाजा बंद कर दिया गया। महिलाएं भी चैन की नींद नहीं सो पाईं। खासतौर पर उन घरों में जो पोखरे के पास में हैं। कुछ तो अपना मकान छोड़कर दूसरे के घर चले गए। सुबह होते ही भारी भीड़ फिर से पोखरे के पास इकट्ठा हो गई।

खतरा भांप हमलावर हो जाते हैं मगरमच्छ..पोखरे से दूरी बनाएं ग्रामीण
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मगरमच्छ एक शिकारी जानवर है और इसका स्वभाव बहुत ही खतरनाक और आक्रामक होता है। मगरमच्छ अक्सर एकांत में रहना पसंद करते हैं। यह अपने इलाके, अंडों या बच्चों की रक्षा करने के लिए हमला करता है।

In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.
चौराहे पर बैठकर मगरमच्छ की चर्चा करते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

भोजन की तलाश में कई बार यह इंसानों को अपना शिकार समझ लेता है। आमतौर पर यह मछली या अन्य जलीय जीवों को खाकर अपना पेट भरते हैं। जब मगरमच्छ को लगता है कि वह खतरे में है या उसे धमकी महसूस होती है तो वह हमलावर हो सकता है। ऐसे में ग्रामीण पोखरे से दूरी बनाकर रखेें। इससे उसे रेस्क्यू करने में भी आसानी होगी।

रेस्क्यू में परेशानी बन रही भीड़
गांव में मगरमच्छ की सूचना के बाद से ही पोखरे के पास ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद है। रविवार को सैकड़ों लोग खड़े होकर तमाशा देखते रहे। सोमवार को भी सुबह से ही वहां भीड़ मौजूद थी। मगरमच्छ जब भी दिखाई देता तो भीड़ शोर मचाना शुरू कर देती। शोर सुनकर वह दोबारा पानी में घुस जाता।

In Gorakhpur, Villagers kept guard all night with torches so that crocodile does not enter the house.
चर्चा करते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक घंटे तक सांस रोककर आपको नहीं दिखेंगे...मगर आपको देख रहे होंगे
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह बताते हैं कि मगरमच्छ पानी में तेज गति से चलते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल होता है। वह अपनी सांस करीब एक घंटे तक रोक सकते हैं। इसकी वजह से वह सामने होने के बाद भी नहीं दिखाई देते और न ही लोगों को महसूस होते हैं, जबकि वह आपको देख रहे होते हैं।

इनकी हृदय गति धीमी होती है, जिससे उन्हें ऊर्जा की बचत होती है और वे लंबे समय तक पानी में रह सकते हैं। मगरमच्छ के शरीर पर एक सुरक्षित कवच होता है, जो उन्हें हमलों से बचाता है। उसके जबड़े बहुत मजबूत होते हैं, जो उन्हें शिकार को मारने में मदद करते हैं। एक बार कोई इसमें फंस गया तो उसका बचना मुश्किल है। रेस्क्यू करने वालों को चोट पहुंचा सकते हैं। इनकी नजर बहुत तेज होती है, जो उन्हें पानी में शिकार को देखने में मदद करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed