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Gorakhpur News: आज निलंबित चेयरमैन से पूछताछ कर सकती है विजिलेंस
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गोरखपुर। माडर्न रेल कोच फैक्टरी, रायबरेली में फर्जी नियुक्ति की जांच करने आई सेंट्रल विजिलेंस की टीम ने सोमवार को रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर में कार्यरत कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की। करीब छह घंटे तक चली जांच में कर्मचारियों के बयान और दस्तावेजों का बारीकी से मिलान किया। मंगलवार को टीम निलंबित चेयरमैन नुरुद्दीन अंसारी से भी मिलकर पूछताछ कर सकती है।
सोमवार को दोपहर बाद दो गाड़ियों से विजिलेंस टीम के पांच लोग रेलवे भर्ती बोर्ड पहुंचे। इनमें तीन सेंट्रल और दो स्थानीय विजिलेंस टीम के थे। बीते शुक्रवार को स्थानीय विजिलेंस टीम ने भी जांच कर कुछ कागजात एकत्र किए थे, सारे कागजातों को सेंट्रल टीम के लोगों ने ले लिया। रेलवे सूत्रों की मानें तो शाम चार बजे दो कमरों में विजिलेंस की टीम के लोगों ने कुछ कर्मचारियों को दस्तावेज सहित बुलाया और बंद कमरे में उनसे पूछताछ भी की।
टीम ने नियुक्ति प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल करने के बाद सारे दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान किसी की भी आवाजाही पर रोक लगी रही। इसके लिए दफ्तर के कुछ कर्मचारी बाहर तैनात किए गए थे।
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यह है मामला
माडर्न रेल कोच फैक्टरी, रायबरेली में फिटर पद के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर से 26 अप्रैल 2024 को पैनल जारी किया गया था। पैनल में सात अभ्यर्थियाें के नाम थे, जिसमें स्थानीय स्तर से दो नाम बढ़ा दिए गए। ये नाम भर्ती बोर्ड में तैनात दो कर्मचारियों के पुत्रों के थे। उन्होंने न तो फार्म भरा था और न ही परीक्षा ही दी थी। फर्जी डोजियर तैयार कर उनके नाम शामिल कर लिए गए थे और ट्रेनिंग भी करा दी गई। मामला पकड़ में आने पर रेलवे भर्ती बोर्ड के चेयरमैन नुरुद्दीन अंसारी को रेलवे बोर्ड ने 13 दिसंबर 2024 को निलंबित कर दिया है। अब कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामला पकड़ में आने के बाद दोनों फर्जी नियुक्ति वाले राहुल प्रताप और सौरभ कुमार बर्खास्त बर्खास्त किए जा चुके हैं। उन पर विधिक कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। इसके अतिरिक्त पैनल के अन्य अभ्यर्थियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न करने को कहा गया है। उनकी जांच की बात कही गई है।
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सोमवार को दोपहर बाद दो गाड़ियों से विजिलेंस टीम के पांच लोग रेलवे भर्ती बोर्ड पहुंचे। इनमें तीन सेंट्रल और दो स्थानीय विजिलेंस टीम के थे। बीते शुक्रवार को स्थानीय विजिलेंस टीम ने भी जांच कर कुछ कागजात एकत्र किए थे, सारे कागजातों को सेंट्रल टीम के लोगों ने ले लिया। रेलवे सूत्रों की मानें तो शाम चार बजे दो कमरों में विजिलेंस की टीम के लोगों ने कुछ कर्मचारियों को दस्तावेज सहित बुलाया और बंद कमरे में उनसे पूछताछ भी की।
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टीम ने नियुक्ति प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल करने के बाद सारे दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान किसी की भी आवाजाही पर रोक लगी रही। इसके लिए दफ्तर के कुछ कर्मचारी बाहर तैनात किए गए थे।
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यह है मामला
माडर्न रेल कोच फैक्टरी, रायबरेली में फिटर पद के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर से 26 अप्रैल 2024 को पैनल जारी किया गया था। पैनल में सात अभ्यर्थियाें के नाम थे, जिसमें स्थानीय स्तर से दो नाम बढ़ा दिए गए। ये नाम भर्ती बोर्ड में तैनात दो कर्मचारियों के पुत्रों के थे। उन्होंने न तो फार्म भरा था और न ही परीक्षा ही दी थी। फर्जी डोजियर तैयार कर उनके नाम शामिल कर लिए गए थे और ट्रेनिंग भी करा दी गई। मामला पकड़ में आने पर रेलवे भर्ती बोर्ड के चेयरमैन नुरुद्दीन अंसारी को रेलवे बोर्ड ने 13 दिसंबर 2024 को निलंबित कर दिया है। अब कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामला पकड़ में आने के बाद दोनों फर्जी नियुक्ति वाले राहुल प्रताप और सौरभ कुमार बर्खास्त बर्खास्त किए जा चुके हैं। उन पर विधिक कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। इसके अतिरिक्त पैनल के अन्य अभ्यर्थियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई न करने को कहा गया है। उनकी जांच की बात कही गई है।