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यूपी बोर्ड : प्रबंधकीय विवाद वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
Tue, 24 Sep 2024 06:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 24 Sep 2024 06:55 AM IST
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गोरखपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार प्रबंधकीय विवाद वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यालयों के बीच परीक्षार्थियों का पारस्परिक आवंटन भी नहीं होगा।
केंद्रों पर छात्रों की अधिकतम संख्या से लेकर उसकी दूरी भी देखी जा रही है। बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी। अंतिम सूची जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। केंद्र निर्धारण के लिए तहसील स्तर पर समिति गठित होगी। एक केंद्र पर अधिकतम दो हजार छात्र-छात्राएं ही परीक्षा देंगे। पिछले साल अधिकतम 1200 छात्र संख्या आवंटित करने का नियम था। इस बार केंद्र पर परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे केंद्रों की संख्या कम होगी। एक ही प्रबंधक द्वारा संचालित विद्यालयों में उस विद्यालय के छात्र, छात्राओं का केंद्र नहीं बनाया जाएगा। छात्रों का केंद्र 12 किमी की दूरी तक बनाया जाएगा। विषम परिस्थितियों में यह दूरी 15 किमी हो सकती है। छात्राओं का केंद्र अधिकतम सात किमी दूर बनाया जाएगा। बालिका विद्यालयों में बालकों का केंद्र नहीं बनाया जाएगा। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग छात्रों को भी अधिकतम सात किलोमीटर दूरी में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा।
कोट,
शासन द्वारा परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जो मानक दिए गए हैं। उनका पालन किया जाएगा। ऐसे किसी भी विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा, जिसके कारण परीक्षा की निष्पक्षता एवं शुचिता प्रभावित हो। विद्यालय में सीसीटीवी, फर्नीचर एवं छात्र संख्या के अनुरूप संसाधन आदि सुलभ होने पर ही केंद्र बनाया जाएगा।
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डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस
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केंद्रों पर छात्रों की अधिकतम संख्या से लेकर उसकी दूरी भी देखी जा रही है। बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी। अंतिम सूची जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। केंद्र निर्धारण के लिए तहसील स्तर पर समिति गठित होगी। एक केंद्र पर अधिकतम दो हजार छात्र-छात्राएं ही परीक्षा देंगे। पिछले साल अधिकतम 1200 छात्र संख्या आवंटित करने का नियम था। इस बार केंद्र पर परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे केंद्रों की संख्या कम होगी। एक ही प्रबंधक द्वारा संचालित विद्यालयों में उस विद्यालय के छात्र, छात्राओं का केंद्र नहीं बनाया जाएगा। छात्रों का केंद्र 12 किमी की दूरी तक बनाया जाएगा। विषम परिस्थितियों में यह दूरी 15 किमी हो सकती है। छात्राओं का केंद्र अधिकतम सात किमी दूर बनाया जाएगा। बालिका विद्यालयों में बालकों का केंद्र नहीं बनाया जाएगा। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग छात्रों को भी अधिकतम सात किलोमीटर दूरी में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा।
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कोट,
शासन द्वारा परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जो मानक दिए गए हैं। उनका पालन किया जाएगा। ऐसे किसी भी विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा, जिसके कारण परीक्षा की निष्पक्षता एवं शुचिता प्रभावित हो। विद्यालय में सीसीटीवी, फर्नीचर एवं छात्र संख्या के अनुरूप संसाधन आदि सुलभ होने पर ही केंद्र बनाया जाएगा।
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डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस