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Gorakhpur News: सत्यापन में तीन और परवाना मिले फर्जी, होगी जांच

Sat, 15 Feb 2025 12:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:51 AM IST
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Gorakhpur News: Three more licenses found fake during verification, investigation will be done
गोरखपुर एआरओ कोर्ट पहुंची दो सदस्यीय टीम की जांच में 17 मामले आए सामने
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डीएम ने एडीएम न्यायिक को दिया जांच का आदेश
जांच के बाद फर्जी परवाना के आदेश पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज नाम होंगे खारिज

गोरखपुर/ खड्डा। एआरओ कोर्ट के फर्जी आदेश पर जारी परवाना के आधार पर राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े की शुरू हुई जांच में तीन और मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को परवाना की जांच करने गोरखपुर एआरओ कार्यालय पहुंची दो सदस्यीय टीम को पता चला कि 14 नहीं, 17 परवाना फर्जी हैं। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि सारे आदेश फर्जी हैं। टीम ने फर्जीवाड़े में इस्तेमाल पत्रावलियों को कब्जे में ले लिया है। वहीं, कुशीनगर डीएम ने एडीएम न्यायिक को जांच का आदेश दिया है।



खड्डा तहसील क्षेत्र के नदी उस पार बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर आदि गांव के अनेक काश्तकारों के खतौनी पर अपना नाम दर्ज कराने का खेल करीब दो साल से खड्डा तहसील की मिलीभगत से चल रहा है। कई ऐसे काश्तकार ऐसे हैं जिनको पता भी नहीं है और उनकी जमीन पर भू माफिया ने जालसाजी कर नाम दर्ज करा लिया है। इसकी शिकायत पहुंचने के बाद खड्डा के तहसीलदार महेश कुमार के नेतृत्व में जांच शुरू हुई। इसके लिए दो टीम भी गठित की गई है।
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तहसीलदार की छानबीन मेंं पहले दो, फिर 14 और अब फर्जी परवाना व आदेश से संबंधित तीन और संदिग्ध मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को तहसीलदार के आदेश पर राजस्व निरीक्षक व लेखपाल एआरओ कोर्ट गोरखपुर पहुंचे। सारे दस्तावेजों को सत्यापन के लिए सौंप दिया। सत्यापन के दौरान दस्तावेजों की जब मिलान किया गया कि पता चला कि लिफाफा तो असली है पर उसमें आदेश नकली है। इसके टीम अब वाद संख्या के आधार पर मिलान चल रहा है। सत्यापन करने पहुंचे राजस्वकर्मियों का कहना है कि पूरी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपी जाएगी। खड्डा के तहसीलदार महेश कुमार ने बताया कि दो सदस्यीय टीम गोरखपुर एआरओ कार्यालय में सत्यापन के लिए भेजी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की जांच में 17 मामले सामने आए हैं।
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रिकार्ड ऑपरेशन में शामिल हुए थे 42 राजस्व गांव



खड्डा। वर्ष 1989 में हुए मरचहवा नरसंहार के बाद नदी किनारे के 42 राजस्व गांवों में रिकाॅर्ड ऑपरेशन के लिए वर्ष 1990-91 में सरकारी आदेश हुआ। बाद में सात गांव और शामिल कर लिए गए। उस समय रिकाॅर्ड ऑपरेशन का मुख्यालय बलिया जिले के अधीन था। इस क्रम में सर्वे नायब तहसीलदार का एक कार्यालय खड्डा कस्बे में सुभाष चौक पर किराए के मकान में स्थापित हुआ। कुछ साल बाद बलिया से हटाकर गोरखपुर मुख्यालय से एआरओ कार्यालय संबद्ध कर दिया गया। बलिया से सभी अभिलेख गोरखपुर लाए गए।


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कोट

मामला गंभीर है। फर्जी आदेश के परवाना के आधार पर राजस्व अभिलेख में दर्ज नाम जांच रिपोर्ट आने के बाद खारिज किए जाएंगे। इसकी जांच के लिए एडीएम न्यायिक प्रेम कुमार राय को आदेश दिया गया है। गहनता से जांच कराई जा रही है। इसमें शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- विशाल भारद्वाज, डीएम, कुशीनगर
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