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Gorakhpur News: नहीं थे किसी बीमारी के लक्षण...अचानक थम गईं सांसें

Wed, 16 Jul 2025 12:59 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:59 AM IST
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Gorakhpur News: There were no symptoms of any disease...breathing suddenly stopped
युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, नहीं दे रहे लक्षण पर ध्यान
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गोरखपुर। एसएसबी के जवान रमेश रोजाना सुबह दौड़ लगाते थे। मंगलवार को परेड के दौरान दौड़ में हिस्सा लेने से पहले वह पूरी तरह फिट थे। दौड़ के दौरान मौजूद अधिकारियों के मुताबिक रमेश को किसी तरह की दिक्कत नहीं थी और न ही किसी बीमारी के लक्षण थे। दौड़ लगाने के दौरान ही वह लड़खड़ाने लगे और कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं।
डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक आने से पहले शरीर पर उसके लक्षण दिखाई देते हैं। छाती में भारीपन, सांस फूलना और थकावट जैसी समस्याएं आती हैं। एससएसबी के कमांडेंट जय प्रकाश आर्य ने बताया कि रमेश पूरी तरह फिट थे। उनके अंदर पहले ऐसे कोई लक्षण नहीं दिखे थे। पूरी तरह फिट होने की वजह से ही वह दौड़ में शामिल हुए थे। उनकी मौत से सभी साथी दुखी हैं। पार्थिव शरीर को सम्मान गार्ड के साथ अंतिम दर्शन के बाद हिमाचल स्थिति उनके पैतृक निवास स्थान पर भेज दिया गया। श्रद्धांजलि सभा में उप महानिरीक्षक असेम हेमोचंद्र, उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) डॉ. डीके मिश्रा, मुन्ना सिंह समेत अधिकारी और अन्य जवान शामिल रहे।
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सांस फूलने, धड़कन बढ़ने या थकान होने पर कराएं जांच

जिला अस्पताल में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि हार्ट अटैक से पहले शरीर में कुछ लक्षण जरूर आते हैं। युवा इसे नजरअंदाज कर देते हैं, इसकी वजह से ऐसी समस्याएं आती हैं। आजकल युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। अटैक से कुछ दिन पहले से छाती में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, थकान होना, अत्यधिक गैस बनना, बीपी बढ़ने आदि की दिक्कत आती है। मॉर्निंग वॉक या खेलने के दौरान यदि आप जल्दी थक जा रहे हैं तो यह भी हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। क्योंकि शरीर को जितनी ऑक्सीजन की जरूरत होती है, वह पूरी नहीं हो पाती।
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युवाओं में बढ़ रहा संकट
डॉ. रोहित ने बताया कि कई बार इको या ईसीजी कराने पर हार्ट में दिक्कत की पुष्टि नहीं होती। लेकिन, ऐसे मरीजों का ट्रेडमिल टेस्ट कराया जाता है। हर महीने 20-25 मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनमें ट्रेडमिल टेस्ट से इसकी पुष्टि होती है। यह सभी 25 से 45 की उम्र के लोग हैं। टेस्ट के बाद इनका इलाज शुरू किया जाता है। डॉ. रोहित ने कहा कि युवा मोबाइल फोन का इस्तेमाल काफी ज्यादा कर रहे हैं जिससे उनका स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इस वजह से वह पूरी नींद नहीं ले रहे। डाइट भी खराब हो गई है। युवा जंक फूड का सेवन काफी ज्यादा कर रहे हैं। हार्ट अटैक से बचने के लिए पहले अपनी जांच जरूर कराएं। साथ ही डाइट और दिनचर्या को ठीक करें।
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