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Gorakhpur News: ईंट से टूट गई थी मासूम के सिर की हड्डी, हत्या क्यों की पुलिस को भी नहीं मिला जवाब

Wed, 25 Sep 2024 05:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2024 05:18 AM IST
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Gorakhpur News: The innocent child's head was broken by a brick, even the police did not get the answer as to the reason for the murder
बांसगांव (गोरखपुर)। भैंसारानी गांव में आरोपी रंजीत द्वारा ईंट से मारने पर डेढ़ वर्ष के दिव्यांश के सिर की हड्डी टूट गई थी, इस वजह से उसकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दिव्यांश को परिजनों ने दफन कर दिया। वहीं आरोपी रंजीत से काफी देर तक पुलिस पूछताछ करती रही, लेकिन वह पागल होने का नाटक करता रहा, उसने मारने की कोई वजह नहीं बताई। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।
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राहुल यादव की पत्नी नीलू देवी की तहरीर पर आरोपी रंजीत पर हत्या को केस दर्ज किया गया है। इस केस में यह सवाल हर कोई उठा रहा है कि रंजीत ने इस तरह की कोई हरकत पहले कभी नहीं की थी, आखिर उसने अपना गुस्सा दिव्यांश पर ही क्यों उतारा, इसके पीछे आखिर क्या वजह हो सकती है? फिलहाल इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है।
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जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को राहुल के बेटे दिव्यांश का शव भैंसारानी गांव पहुंचा। उसे देखने के लिए भीड़ एकत्र हो गई। मासूम बच्चे को देखकर हर कोई रंजीत (मास्टर) को कोस रहा था। दिव्यांश के घर के ठीक पीछे आरोपी रंजीत का घर है। परिजनों का कहना है कि सोमवार को रंजीत पूरे दिन घर के आसपास मंडराता रहा। शाम को अचानक गली में आया और दिव्यांश को गोद में उठाकर बगल की दीवार से ईंट निकाल उसके सिर पर मारने लगा। उसकी बहन दीपांजलि के चिल्लाने पर परिजन दौड़कर आए, तब तक दिव्यांश लहूलुहान होकर अचेत हो चुका था।
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दिव्यांश को देता था चाकलेट टॉफी
मासूम की दादी विमला देवी ने बताया कि नाती को मारने वाला रंजीत घर पर अकेला रहता था। जब पैसा खत्म हो जाता था, तब वह अपनी जरूरत पूरी करने के लिए आसपास के गांव में लेबर का भी काम करता था। कभी-कभी रंजीत को खाना भी खिला दिया जाता था। एक सप्ताह से रंजीत दिव्यांश को टॉफी चाकलेट खिला रहा था, जिससे वह घुममिल गया था। अचानक ऐसा क्या हुआ कि रंजीत ने मासूम को मार ही डाला। बच्चे की मां नीलू ने बताया कि आंखों के सामने ही उसने मेरे बेटे को ईंट से मार डाला। बुधवार को बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखना था। अब किसके लिए व्रत रहूंगी। जिस आदमी को भोजन कराया, वही मेरे बेटे की हत्या कर देगा, कभी सोचा नहीं था।


बोले ग्रामीण, स्कूल में पढ़ाता था रंजीत
गांव की महिला बिन्दु देवी ने कहा कि रंजीत पर जरा भी शंका होती तो बच्चों को उससे दूर रखा जाता, वह पागल नहीं है, मेहनत न करना पड़े, इसलिए वह अपना अजीब हुलिया बनाकर रहता था। गांव की मेवाती ने कहा कि गांव में स्थित एक निजी स्कूल में रंजीत पढ़ाता था। जबसे स्कूल बंद है, वह लेबर का काम कर रहा था। कई ग्रामीणों का कहना था कि वह पढ़ने में तेज था लेकिन उसको नौकरी नहीं मिली, साथ ही उम्र बढ़ती चली गई, शादी भी नहीं हुई। इस वजह से भी वह थोड़ा परेशान रहने लगा था।
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