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Gorakhpur News: पांच ब्लॉकों में तीन करोड़ से ज्यादा के घपलेबाजी की आशंका
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जांच में सचिव व एडीओ पंचायत ने नहीं दिया हिसाब-किताब, जांच टीम ने की कार्रवाई की संस्तुति
दिसंबर 2020 से मई 2021 के बीच हुए कार्यों में धांधली की हुई शिकायत
गोरखपुर। ग्राम पंचायतों के चुनाव के दौरान वर्ष 2020 में निर्माण व अन्य कार्यों के लिए आवंटित धनराशि में जमकर धांधली हुई है। जिले के 18 ब्लाॅकों में हुई जांच में पांच ब्लॉकों की रिपोर्ट आ गई है। इसमें तीन करोड़ से ज्यादा की धनराशि का हिसाब-किताब नहीं मिला है। प्रशासक नियुक्त किए गए एडीओ पंचायत और सचिव ने जांच में सहयोग भी नहीं किया। जांच कमेटियों ने रिकवरी के साथ ही विधिक कार्रवाई की संस्तुति की है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की दी है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर 2020 में खत्म हो गया था और नया चुनाव मई 2021 में हुआ। इस दौरान ग्राम पंचायतों में निर्माण व अन्य कार्य प्रभावित न होने पाए इसके लिए एडीओ पंचायत के प्रशासक नियुक्त किया गया। आरटीआई कार्यकर्ता संजय मिश्रा ने 30 जनवरी 2024 और 7 फरवरी 2024 को निदेशक पंचायती राज को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत को चुनाव के दौरान आवंटित धनराशि में अनियमितता की शिकायत कर जांच की मांग की। इसी क्रम में प्रदेश के सभी जिलों में जांच के निर्देश दिए गए। जिले के 19 ग्राम पंचायतों में धनराशि आवंटित की गई। पिछले महीने सभी जगहों पर जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों ने डीपीआरओ को दे दी है। हर जगह दस्तावेज नहीं मिले और गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए रिकवरी की सिफारिश की गई है।
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सबसे ज्यादा धनराशि उरुवा में मिली
जिले में सबसे ज्यादा धनराशि उरुवा में दी गई। 2020-21 में 2 करोड़ 42 लाख 55 हजार और 2021-22 में 32 लाख 98 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया। यहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता ने जांच की। अपनी रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों ने लिखा है कि जांच के दौरान सचिवों ने कागजात प्रस्तुत नहीं किए जिससे जांच नहीं हो पाई। संंबंधित के खिलाफ धनराशि की वसूली और विधिक कार्रवाई करना उचित होगा। बड़हलगंज के 22 ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट मिली है, हर जगह 25 से 35 हजार रुपये तक की गड़बड़ी मिली है।
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बेलघाट में सात ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट में दो जगहों पर ही जांच में आय और व्यय का रिकॉर्ड सही मिली। बाकी जगहों पर करीब पौने दो लाख का हिसाब नहीं मिला। इसी प्रकार सभी जगहों पर सचिव व एडीओ पंचायत की ओर से दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
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खोराबार में इंडिया मार्का पंप रिबोर भुगतान में गड़बड़ी
खोराबार ब्लाॅक में हुई जांच में पता चला है कि ग्राम पंचायत में जंगल लखनहां में इंडिया मार्का हैंड पंप रिबोर के लिए 28520 रुपये और जंगल रामगढ़ उर्फ चंवरी में 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एक हैंड पंप रिबोर में भारी अंतर भी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
कोट
18 ब्लॉकों में प्रधान के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किया गया था। इस दौरान ग्राम पंचायतों में खर्च हुए बजट में अनियमितता की शिकायत पर जांच कराई गई थी, पांच ब्लॉकों की रिपोर्ट आ गई है। संबंधित सचिव और एडीओ पंचायत को देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो रिकवरी व विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निलेश प्रताप सिंह, डीपीआरओ
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दिसंबर 2020 से मई 2021 के बीच हुए कार्यों में धांधली की हुई शिकायत
गोरखपुर। ग्राम पंचायतों के चुनाव के दौरान वर्ष 2020 में निर्माण व अन्य कार्यों के लिए आवंटित धनराशि में जमकर धांधली हुई है। जिले के 18 ब्लाॅकों में हुई जांच में पांच ब्लॉकों की रिपोर्ट आ गई है। इसमें तीन करोड़ से ज्यादा की धनराशि का हिसाब-किताब नहीं मिला है। प्रशासक नियुक्त किए गए एडीओ पंचायत और सचिव ने जांच में सहयोग भी नहीं किया। जांच कमेटियों ने रिकवरी के साथ ही विधिक कार्रवाई की संस्तुति की है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की दी है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर 2020 में खत्म हो गया था और नया चुनाव मई 2021 में हुआ। इस दौरान ग्राम पंचायतों में निर्माण व अन्य कार्य प्रभावित न होने पाए इसके लिए एडीओ पंचायत के प्रशासक नियुक्त किया गया। आरटीआई कार्यकर्ता संजय मिश्रा ने 30 जनवरी 2024 और 7 फरवरी 2024 को निदेशक पंचायती राज को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत को चुनाव के दौरान आवंटित धनराशि में अनियमितता की शिकायत कर जांच की मांग की। इसी क्रम में प्रदेश के सभी जिलों में जांच के निर्देश दिए गए। जिले के 19 ग्राम पंचायतों में धनराशि आवंटित की गई। पिछले महीने सभी जगहों पर जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों ने डीपीआरओ को दे दी है। हर जगह दस्तावेज नहीं मिले और गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए रिकवरी की सिफारिश की गई है।
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सबसे ज्यादा धनराशि उरुवा में मिली
जिले में सबसे ज्यादा धनराशि उरुवा में दी गई। 2020-21 में 2 करोड़ 42 लाख 55 हजार और 2021-22 में 32 लाख 98 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया। यहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता ने जांच की। अपनी रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों ने लिखा है कि जांच के दौरान सचिवों ने कागजात प्रस्तुत नहीं किए जिससे जांच नहीं हो पाई। संंबंधित के खिलाफ धनराशि की वसूली और विधिक कार्रवाई करना उचित होगा। बड़हलगंज के 22 ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट मिली है, हर जगह 25 से 35 हजार रुपये तक की गड़बड़ी मिली है।
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बेलघाट में सात ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट में दो जगहों पर ही जांच में आय और व्यय का रिकॉर्ड सही मिली। बाकी जगहों पर करीब पौने दो लाख का हिसाब नहीं मिला। इसी प्रकार सभी जगहों पर सचिव व एडीओ पंचायत की ओर से दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
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खोराबार में इंडिया मार्का पंप रिबोर भुगतान में गड़बड़ी
खोराबार ब्लाॅक में हुई जांच में पता चला है कि ग्राम पंचायत में जंगल लखनहां में इंडिया मार्का हैंड पंप रिबोर के लिए 28520 रुपये और जंगल रामगढ़ उर्फ चंवरी में 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एक हैंड पंप रिबोर में भारी अंतर भी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
कोट
18 ब्लॉकों में प्रधान के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किया गया था। इस दौरान ग्राम पंचायतों में खर्च हुए बजट में अनियमितता की शिकायत पर जांच कराई गई थी, पांच ब्लॉकों की रिपोर्ट आ गई है। संबंधित सचिव और एडीओ पंचायत को देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो रिकवरी व विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निलेश प्रताप सिंह, डीपीआरओ