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Gorakhpur News: बेटा बोला- फंदा मत लगाओ पापा, कौन रखेगा हमारा ध्यान
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शाहपुर जंगल सालिकराम में पेंटर ने दो बच्चों के सामने की थी रविवार को खुदकुशी
राजघाट में छोटे बेटे अंबर ने किया पिता का दाह संस्कार
पादरी बाजार (गोरखपुर)। पापा फंदा मत लगाओ, हम लोगों का ध्यान कौन रखेगा। यह मार्मिक लाइनें छोटे बेटे अंबर ने आखिरी समय में पिता गिरजेश उर्फ विक्की चौहान (38) से कही थी। साथ में छोटी बहन अवनी भी रोते हुए गिड़गिड़ा रही थी, लेकिन नाराज गिरजेश बच्चों की बातें अनसुनी कर फंदा लगाकर जान दे दी।
सोमवार को यह बातें यादकर अंबर (12) और उसकी छोटी बहन अवनी (08) रो रहीं थीं। दोनों बच्चों ने बताया कि मरने से पहले पापा ने हमलोगों को खाना बनाकर भरपेट खिलाया। वह हम लोगों को भूखा नहीं देख सकते थे।
पति की मौत के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचीं रेशमा चौहान ने बताया कि शुक्रवार को बड़ा बेटा कार्तिक दादा-दादी के पास बिना बताए मुंबई चला गया था। इसको लेकर पति नाराज थे। उसे खोजने रेलवे स्टेशन गई थीं, कहीं बेटा नहीं मिला। तब पति की पिटाई के डर से डरकर मायके चली गई थीं। वह बात-बात पर पीटते थे।
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बेटे अंबर ने किया दाह संस्कार
घटना की जानकारी पर विक्की के पिता रमेश पत्नी के साथ गोरखपुर स्थित घर आने के लिए निकल गए थे। वह मंगलवार तक घर पहुंचेंगे। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जंगल सालिकराम में विक्की का शव पुलिस ने भिजवाया। जहां पर सभी रिश्तेदारों ने बातचीत कर राजघाट में दाह संस्कार कर दिया। छोटे बेटे अंबर ने पिता का दाह संस्कार किया।
ये थी पूरी घटना
जंगल सालिक राम स्थित कलेक्ट्री टोला निवासी गिरजेश उर्फ विक्की चौहान (38) पेंटिंग का काम करते थे। विक्की के चार बच्चे कार्तिक (14), अंबर (12), अवनी (08) और एक पांच साल बच्चा है। गिरजेश के पिता रमेश चंद्र पत्नी के साथ मुंबई में रहते हैं। विक्की का बड़ा बेटा कार्तिक दो दिन पहले अकेले दादा-दादी के पास मुंबई चला गया। इसके बाद विक्की की पत्नी रेशमा चौहान पांच साल के बच्चे को लेकर बशारतपुर मायके चली गईं। रविवार को पत्नी नहीं आई तो खुद ही खाना बनाया और घर पर मौजूद दोनों बच्चों को खिलाया। दोपहर करीब एक बजे बच्चों के सामने खुदकुशी कर ली।
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कोट-
सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव घर भिजवा दिया गया, परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया।
- रवि कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ
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राजघाट में छोटे बेटे अंबर ने किया पिता का दाह संस्कार
पादरी बाजार (गोरखपुर)। पापा फंदा मत लगाओ, हम लोगों का ध्यान कौन रखेगा। यह मार्मिक लाइनें छोटे बेटे अंबर ने आखिरी समय में पिता गिरजेश उर्फ विक्की चौहान (38) से कही थी। साथ में छोटी बहन अवनी भी रोते हुए गिड़गिड़ा रही थी, लेकिन नाराज गिरजेश बच्चों की बातें अनसुनी कर फंदा लगाकर जान दे दी।
सोमवार को यह बातें यादकर अंबर (12) और उसकी छोटी बहन अवनी (08) रो रहीं थीं। दोनों बच्चों ने बताया कि मरने से पहले पापा ने हमलोगों को खाना बनाकर भरपेट खिलाया। वह हम लोगों को भूखा नहीं देख सकते थे।
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पति की मौत के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचीं रेशमा चौहान ने बताया कि शुक्रवार को बड़ा बेटा कार्तिक दादा-दादी के पास बिना बताए मुंबई चला गया था। इसको लेकर पति नाराज थे। उसे खोजने रेलवे स्टेशन गई थीं, कहीं बेटा नहीं मिला। तब पति की पिटाई के डर से डरकर मायके चली गई थीं। वह बात-बात पर पीटते थे।
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बेटे अंबर ने किया दाह संस्कार
घटना की जानकारी पर विक्की के पिता रमेश पत्नी के साथ गोरखपुर स्थित घर आने के लिए निकल गए थे। वह मंगलवार तक घर पहुंचेंगे। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जंगल सालिकराम में विक्की का शव पुलिस ने भिजवाया। जहां पर सभी रिश्तेदारों ने बातचीत कर राजघाट में दाह संस्कार कर दिया। छोटे बेटे अंबर ने पिता का दाह संस्कार किया।
ये थी पूरी घटना
जंगल सालिक राम स्थित कलेक्ट्री टोला निवासी गिरजेश उर्फ विक्की चौहान (38) पेंटिंग का काम करते थे। विक्की के चार बच्चे कार्तिक (14), अंबर (12), अवनी (08) और एक पांच साल बच्चा है। गिरजेश के पिता रमेश चंद्र पत्नी के साथ मुंबई में रहते हैं। विक्की का बड़ा बेटा कार्तिक दो दिन पहले अकेले दादा-दादी के पास मुंबई चला गया। इसके बाद विक्की की पत्नी रेशमा चौहान पांच साल के बच्चे को लेकर बशारतपुर मायके चली गईं। रविवार को पत्नी नहीं आई तो खुद ही खाना बनाया और घर पर मौजूद दोनों बच्चों को खिलाया। दोपहर करीब एक बजे बच्चों के सामने खुदकुशी कर ली।
कोट-
सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव घर भिजवा दिया गया, परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया।
- रवि कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ