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Gorakhpur News: रिटायर्ड जज को कर लिया डिजिटल अरेस्ट, आधे घंटे चंगुल में फंसे रहे
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गोरखपुर। रामगढ़ताल इलाके में रहने वाले रिटायर्ड जज को डिजिटल अरेस्ट कर वसूली की कोशिश की गई। समझदारी दिखाते हुए आधे घंटे में ही उन्होंने फोन काट दिया। उन्होंने एसपी सिटी को मामले की जानकारी दी है। इसके पहले भी शहर में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल इलाके में एक रिटायर्ड जज परिवार के साथ रहते हैं। उनके पास मंगलवार को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को नार्कोटिक्स विभाग से बताते हुए बोला कि आपका कुरियर आया है, उसमें ड्रग्स है। यह सुनते ही रिटायर्ड जज के होश उड़ गए। इसके बाद एक अफसर ने पुलिस की वर्दी में आकर वीडियो कॉल पर ही रहने को कहा।
इसी बीच उनको ठगी का एहसास हो गया। उन्होंने तत्काल दूसरे फोन से एसपी सिटी से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। एसपी ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट के बारे में बताया, तब उन्होंने फोन काट दिए और इस तरह वह ठगी से बच गए।
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डिजिटल अरेस्ट की प्रमुख घटनाएं
वर्ष 2024 मई : सिविल लाइंस इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12:56 लाख की जालसाजी हुई।
वर्ष 2024, जुलाई : शाहपुर के हरिद्वारपुरम कॉलोनी निवासी ऑलविन अर्विन्द बर्नाड को 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया। इनके साथ जालसाजी नहीं हो सकी।
वर्ष 2024 जनवरी : मिर्जापुर के एक युवक को डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख 96 हजार रुपये ले लिए।
वर्ष 2024 सितंबर: तिवारीपुर के कमलनाथ की पत्नी को डिजिटल अरेस्ट किया गया। हालांकि जालसाजी नहीं हो सकी।
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कोट-
डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को जागरूक होना होगा। डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है, न ही इसका लिखा पढ़ी में कहीं जिक्र है। ऐसी कॉल आने पर तत्काल पास के थाने में शिकायत करनी चाहिए।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल इलाके में एक रिटायर्ड जज परिवार के साथ रहते हैं। उनके पास मंगलवार को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को नार्कोटिक्स विभाग से बताते हुए बोला कि आपका कुरियर आया है, उसमें ड्रग्स है। यह सुनते ही रिटायर्ड जज के होश उड़ गए। इसके बाद एक अफसर ने पुलिस की वर्दी में आकर वीडियो कॉल पर ही रहने को कहा।
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इसी बीच उनको ठगी का एहसास हो गया। उन्होंने तत्काल दूसरे फोन से एसपी सिटी से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। एसपी ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट के बारे में बताया, तब उन्होंने फोन काट दिए और इस तरह वह ठगी से बच गए।
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डिजिटल अरेस्ट की प्रमुख घटनाएं
वर्ष 2024 मई : सिविल लाइंस इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12:56 लाख की जालसाजी हुई।
वर्ष 2024, जुलाई : शाहपुर के हरिद्वारपुरम कॉलोनी निवासी ऑलविन अर्विन्द बर्नाड को 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया। इनके साथ जालसाजी नहीं हो सकी।
वर्ष 2024 जनवरी : मिर्जापुर के एक युवक को डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख 96 हजार रुपये ले लिए।
वर्ष 2024 सितंबर: तिवारीपुर के कमलनाथ की पत्नी को डिजिटल अरेस्ट किया गया। हालांकि जालसाजी नहीं हो सकी।
कोट-
डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को जागरूक होना होगा। डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है, न ही इसका लिखा पढ़ी में कहीं जिक्र है। ऐसी कॉल आने पर तत्काल पास के थाने में शिकायत करनी चाहिए।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी