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रेड्डी अन्ना पोर्टल: देवरिया के सरगना को ढूंढ रही पुलिस
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गोरखपुर। शाहपुर के रामजानकी नगर में अवैध ढंग से रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेमिंग पोर्टल चला रहे आठ जालसाजों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। अब इस गिरोह के सरगना देवरिया जिले के थाना श्रीरामपुर क्षेत्र में रहने वाले मनीष सिंह कुशवाहा की तलाश पुलिस कर रही है। इसके नाम पर तीन आईडी चल रही थी। इसके साथ ही दिल्ली के आसपास रहने वाले सूरज को भी पुलिस ढूंढ रही है। दोनों के पकड़े जाने पर इस धंधे से जुड़ी जानकारी और कई बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, क्रोम के माध्यम से रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेम में सट्टेबाज जुड़ते हैं। मनीष ने रेड्डी अन्ना के पैनल की तीन आईडी खरीदी थी। एक आईडी की कीमत करीब 12 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद शाहपुर के रामजानकी नगर से अवैध सट्टे का खेल संचालित किया जाने लगा। लोगों को बहला-फुसलाकर म्युल/फर्जी खाते खुलवाए गए थे। उनमें पैसों का लेनदेन करते थे। एक दिन में 11-12 लाख रुपये का लेनदेन किया जाता था।
इसमें 20 प्रतिशत फायदा रेड्डी अन्ना के खाते में जाता था। रविवार को पकड़े गए जालसाजों में छह देवरिया और दो बिहार सिवान जिले के हैं। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं।
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लखनऊ में ट्रेनिंग ली, बना सिटी इंचार्ज
पुलिस के मुताबिक, रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेम की आईडी लेने के बाद बिहार के सिवान जिले के बेलाव गांव के चंदन कुशवाहा की ट्रेनिंग लखनऊ में कराई गई थी। इसके बाद वह गोरखपुर शहर में धंधे की कमान संभाल रहा था। रविवार को पकड़े जाने के बाद चंदन ने बताया कि ट्रेनिंग लेने के बाद उसे सिटी इंचार्ज बनाया गया था। यहां के अलावा और कहां यह अवैध धंधा चल रहा है, इसके बारे में उसे कुछ पता नहीं है। पुलिस के अनुसार, लखनऊ में जिस जगह पर ट्रेनिंग कराई जा रही है, वहां की भी जानकारी पुलिस जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि लखनऊ में भी इस गिरोह के गुर्गे काम कर रहे हैं।
दुबई व अन्य देशों से चल रही वेबसाइट
पुलिस के मुताबिक, दुबई व अन्य देशों से रेड्डी अन्ना की वेबसाइट संचालित की जा रही है। गिरोह के आठ जालसाजों के पकड़े जाने के बाद वेबसाइट डिलीट कर दी गई। इस वजह से उससे जुड़ी और जानकारी नहीं मिल पाई। ऑनलाइन जुड़े 25 मोबाइल नंबर मिले हैं, जिसे ट्रेस किया जा रहा है। इन नंबरों के जरिए पुलिस इस धंधे में लिप्त जालसाजों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
वर्जन
इस गिरोह के सरगना की तलाश चल रही है। पकड़े गए जालसाजों के पास से 25 मोबाइल नंबर मिले हैं। उन्हें ट्रेस किया जा रहा है। अवैध सट्टेबाजी का धंधा चलाने में कई लोग शामिल हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
-योगेंद्र कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ
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पुलिस के अनुसार, क्रोम के माध्यम से रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेम में सट्टेबाज जुड़ते हैं। मनीष ने रेड्डी अन्ना के पैनल की तीन आईडी खरीदी थी। एक आईडी की कीमत करीब 12 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद शाहपुर के रामजानकी नगर से अवैध सट्टे का खेल संचालित किया जाने लगा। लोगों को बहला-फुसलाकर म्युल/फर्जी खाते खुलवाए गए थे। उनमें पैसों का लेनदेन करते थे। एक दिन में 11-12 लाख रुपये का लेनदेन किया जाता था।
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इसमें 20 प्रतिशत फायदा रेड्डी अन्ना के खाते में जाता था। रविवार को पकड़े गए जालसाजों में छह देवरिया और दो बिहार सिवान जिले के हैं। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं।
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लखनऊ में ट्रेनिंग ली, बना सिटी इंचार्ज
पुलिस के मुताबिक, रेड्डी अन्ना ऑनलाइन गेम की आईडी लेने के बाद बिहार के सिवान जिले के बेलाव गांव के चंदन कुशवाहा की ट्रेनिंग लखनऊ में कराई गई थी। इसके बाद वह गोरखपुर शहर में धंधे की कमान संभाल रहा था। रविवार को पकड़े जाने के बाद चंदन ने बताया कि ट्रेनिंग लेने के बाद उसे सिटी इंचार्ज बनाया गया था। यहां के अलावा और कहां यह अवैध धंधा चल रहा है, इसके बारे में उसे कुछ पता नहीं है। पुलिस के अनुसार, लखनऊ में जिस जगह पर ट्रेनिंग कराई जा रही है, वहां की भी जानकारी पुलिस जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि लखनऊ में भी इस गिरोह के गुर्गे काम कर रहे हैं।
दुबई व अन्य देशों से चल रही वेबसाइट
पुलिस के मुताबिक, दुबई व अन्य देशों से रेड्डी अन्ना की वेबसाइट संचालित की जा रही है। गिरोह के आठ जालसाजों के पकड़े जाने के बाद वेबसाइट डिलीट कर दी गई। इस वजह से उससे जुड़ी और जानकारी नहीं मिल पाई। ऑनलाइन जुड़े 25 मोबाइल नंबर मिले हैं, जिसे ट्रेस किया जा रहा है। इन नंबरों के जरिए पुलिस इस धंधे में लिप्त जालसाजों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
वर्जन
इस गिरोह के सरगना की तलाश चल रही है। पकड़े गए जालसाजों के पास से 25 मोबाइल नंबर मिले हैं। उन्हें ट्रेस किया जा रहा है। अवैध सट्टेबाजी का धंधा चलाने में कई लोग शामिल हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
-योगेंद्र कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ