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Gorakhpur News: डॉक्टर पर हमले के आरोपी सिपाही पर दर्ज है पॉक्सो एक्ट का केस
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संतकबीरनगर/ गोरखपुर। डॉ अनुज सरकारी पर हथौड़े से हमला के आरोपी सिपाही पंकज और उसके भाई शैलेष पर खलीलाबाद कोतवाली थाने में 17 अप्रैल 2024 को छेड़खानी, पाक्सो एक्ट व मारपीट का केस दर्ज है। दोनों भाइयों पर आरोप है कि कोचिंंग सेंटर में घुस गए और एक छात्रा से छेड़खानी करते हुए शिकायत करने पर जानमाल की धमकी दी। हालांकि, पंकज ने भी इसी दिन शिकायतकर्ता पर मारपीट और एससी-एसटी का केस दर्ज कराया था।
जानकारी के मुताबिक, खलीलाबाद के मंझरिया गांव निवासी पंकज और उसके गांव के श्रीनाथ से जमीन का विवाद चल रहा था। श्रीनाथ के बेटे बलवंत ने कोतवाली थाने में तहरीर दी थी कि 16 अप्रैल कोचिंग सेंटर में वह पढ़ा रहा था कि इसी बीच पंकज व शैलेष घुस गए और एक छात्रा से छेड़खनी करने लगा। मना करने पर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देने लगे।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर 17 अप्रैल को केस दर्ज कर लिया। उधर, पंकज ने 17 अप्रैल को ही श्रीनाथ और उनके तीन बेटों हेमंत, यशवंत और बलवंत पर कुल्हाड़ी से मारने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर केस दर्ज करा दिया।
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जमीन के विवाद में केस हुआ था, सुलह भी हो गई
गोरखपुर। सिपाही पंकज के पिता चंद्रदेव का कहना है कि पांच माह पहले मकान बनने के दौरान गांव के ही श्रीनाथ के परिवार से विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी थी। दूसरे पक्ष ने छेड़खानी का भी आरोप लगाया था। सीओ को जांच मिली। दोनों पक्ष ने सुलह करके सुलहनामा सीओ ऑफिस में भी दिया था। इसके बाद भी चार्जशीट लगा दी गई। उन्होंने बताया कि लड़की ने 164 के बयान में भी उनके बेटे पर लगा आरोप गलत बताया था। उनके बेटे को फर्जी केस में फंसाया गया। जहां तक गोरखपुर प्रकरण की बात है तो एक दिन पहले उसे बेरहमी से परिवार के सामने ही पीटा गया था। इससे वह मानसिक तनाव में आ गया था।
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जानकारी के मुताबिक, खलीलाबाद के मंझरिया गांव निवासी पंकज और उसके गांव के श्रीनाथ से जमीन का विवाद चल रहा था। श्रीनाथ के बेटे बलवंत ने कोतवाली थाने में तहरीर दी थी कि 16 अप्रैल कोचिंग सेंटर में वह पढ़ा रहा था कि इसी बीच पंकज व शैलेष घुस गए और एक छात्रा से छेड़खनी करने लगा। मना करने पर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देने लगे।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर 17 अप्रैल को केस दर्ज कर लिया। उधर, पंकज ने 17 अप्रैल को ही श्रीनाथ और उनके तीन बेटों हेमंत, यशवंत और बलवंत पर कुल्हाड़ी से मारने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर केस दर्ज करा दिया।
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जमीन के विवाद में केस हुआ था, सुलह भी हो गई
गोरखपुर। सिपाही पंकज के पिता चंद्रदेव का कहना है कि पांच माह पहले मकान बनने के दौरान गांव के ही श्रीनाथ के परिवार से विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी थी। दूसरे पक्ष ने छेड़खानी का भी आरोप लगाया था। सीओ को जांच मिली। दोनों पक्ष ने सुलह करके सुलहनामा सीओ ऑफिस में भी दिया था। इसके बाद भी चार्जशीट लगा दी गई। उन्होंने बताया कि लड़की ने 164 के बयान में भी उनके बेटे पर लगा आरोप गलत बताया था। उनके बेटे को फर्जी केस में फंसाया गया। जहां तक गोरखपुर प्रकरण की बात है तो एक दिन पहले उसे बेरहमी से परिवार के सामने ही पीटा गया था। इससे वह मानसिक तनाव में आ गया था।