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Gorakhpur News: स्टेशन रोड पर खराब तेल में छन रही पकौड़ी...समोसा-भटूरा भी खाने लायक नहीं
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने अमेरिका से आई विशेष मशीन से की जांच
पिपराइच रोड पर भी बेसन व पनीर का लिया गया नमूना
गोरखपुर। बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन के बीच ठेलों पर छन रही पकौड़ी और समोसा जिस तेल में तला जा रहा है, उसमें पोलराइंड कंपाउंड 25 से अधिक है। मतलब यह है कि यह तेल कई दिनों से बार-बार गर्म हो रहा था। ऐसे तेल में तला गया समोसा खाने लायक नहीं रहता। इसीलिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तीन दुकानों पर मिले इन खराब तेल को नष्ट करा दिया। अब पूरे शहर में इस तरह का जांच अभियान चलेगा।
मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन के बीच ठेले पर चाट-पकौड़ा बेचने वालों की जांच की। इस दौरान तीन दुकानों का तेल मानक के विपरीत मिला, जिन्हें नष्ट कराया गया। इसके अलावा शहर में मसाला, बिस्कुट, नमकीन आदि के 26 और पिपराइच क्षेत्र में पनीर व बेसन के दो नमूने लिए गए।
बता दें कि, शहर की हर सड़क, गली में कहीं-कहीं ठेले पर पकौड़ी, बर्गर, चाउमीन, भटूरा-छोला बनता व बिकता है। फुटपाथ से लेकर पक्के मकानों तक में चलने वाली दुकानों में पकौड़ी, समोसा व अन्य खाद्य सामग्री लगातार एक ही तेल में तला जाता है। बार-बार तेल गर्म होने से उसके उपयोगी गुण नष्ट हो जाते हैं और ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसी शिकायतें आए दिन मिलती हैं कि दुकानदार एक ही तेल हफ्ते भर तक कड़ाई में रखकर बार-बार इस्तेमाल करते हैं। अभी तक खाद्य सुरक्षा विभाग के पास ऐसी कोई तकनीक नहीं थी, जिससे इस तेल की जांच हो सके। इस वजह से कार्रवाई भी नहीं होती थी।
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अब अमेरिका से डोम-24 नाम की एक जांच मशीन आई है। दो फुट लंबी छड़ी जैसी इस मशीन के एक सिरे पर मीटर लगा है। दूसरा सिरा तेल में डालते ही मशीन पोलराइड कंपाउंड और एसिड वैल्यू की जानकारी देती है। पोलराइड कंपाउंड 25 से अधिक है तो इसका मतलब यह है कि यह तेल बार-बार गर्म किया गया है। गर्म होने से इसके कंपाउंड टूटकर अलग होकर स्वरूप बदल रहे हैं। ऐसे तेल में एसिड वैल्यू भी 0.5 से अधिक होता है। ऐसे तेल में तला खाने से एसिडिटी बढ़ती है।
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मिठाई, मसाले, पनीर का भी लिया नमूना
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तेल की जांच के अलावा स्टेशन रोड की दुकानों पर बिकने वाले लोकल ब्रांड के बिस्कुट, नमकीन, चायपत्ती, मसाला व मिर्च पाउडर के नमूने लिए। इसके अलावा कुछ मिठाई की दुकानों से भी छेना, पेड़ा, लड्डू आदि के नमूने लिए गए। इसके अलावा पिपराइच रोड से पनीर व बेसन का नमूना लिया गया।
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होटल से आटे का नमूना लिया
सिक्सलेन पर देवरिया बाईपास मोड़ के पास स्थित होटल सात्विक में खराब आटे से रोटी बनाने की शिकायत हुई है। एक उपभोक्ता ने शिकायत की थी, उसने होटल से आर्डर पर जो खाना मंगाया था, उसमें रोटी खराब थी। ऐसा लग रहा था कि पुराने आटे से रोटी बनाई गई होगी। इस शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने होटल पहुंचकर जांच की और आटे का सैंपल लिया।
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कोट
खराब तेल कैंसर कारक होता है : डॉ. प्रशांत
दुनिया भर में हुई कई शोध में यह पता लग चुका है कि बार-बार एक ही तेल को गर्म करके उसमें पकाए गए खाने में हानिकारक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। यहां तो तेल ही बार-बार गर्म नहीं हो रहा है, बल्कि उसमें सुबह का तला समोसा या पकौड़ी भी बार-बार तली जाती है। इसीलिए यह खाना आसानी से पचता नहीं है, जिससे शरीर में फैट बढ़ता है। यही फैट धमनियों में चिपकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। वहीं, खराब तेल कैंसर कारक भी होता है। इसीलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे फुटपाथ पर से समोसा-पकौड़ी और ऐसी अन्य खाद्य वस्तुओं का उपयोग न करें।
- डॉ. प्रशांत अस्थाना, जिला अस्पताल
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वर्जन
स्टेशन रोड पर ठेला व मिठाई की दुकानों पर कड़ाही में बार-बार उबलने वाले तेल की जांच कराई गई। कुछ दुकानों का तेल खराब मिला, जिसे नष्ट करा दिया गया है। अब पूरे शहर में दुकानों पर मशीन से खाद्य तेलों की जांच कराई जाएगी। तेल की गुणवत्ता खराब मिली तो दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
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पिपराइच रोड पर भी बेसन व पनीर का लिया गया नमूना
गोरखपुर। बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन के बीच ठेलों पर छन रही पकौड़ी और समोसा जिस तेल में तला जा रहा है, उसमें पोलराइंड कंपाउंड 25 से अधिक है। मतलब यह है कि यह तेल कई दिनों से बार-बार गर्म हो रहा था। ऐसे तेल में तला गया समोसा खाने लायक नहीं रहता। इसीलिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तीन दुकानों पर मिले इन खराब तेल को नष्ट करा दिया। अब पूरे शहर में इस तरह का जांच अभियान चलेगा।
मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन के बीच ठेले पर चाट-पकौड़ा बेचने वालों की जांच की। इस दौरान तीन दुकानों का तेल मानक के विपरीत मिला, जिन्हें नष्ट कराया गया। इसके अलावा शहर में मसाला, बिस्कुट, नमकीन आदि के 26 और पिपराइच क्षेत्र में पनीर व बेसन के दो नमूने लिए गए।
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बता दें कि, शहर की हर सड़क, गली में कहीं-कहीं ठेले पर पकौड़ी, बर्गर, चाउमीन, भटूरा-छोला बनता व बिकता है। फुटपाथ से लेकर पक्के मकानों तक में चलने वाली दुकानों में पकौड़ी, समोसा व अन्य खाद्य सामग्री लगातार एक ही तेल में तला जाता है। बार-बार तेल गर्म होने से उसके उपयोगी गुण नष्ट हो जाते हैं और ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसी शिकायतें आए दिन मिलती हैं कि दुकानदार एक ही तेल हफ्ते भर तक कड़ाई में रखकर बार-बार इस्तेमाल करते हैं। अभी तक खाद्य सुरक्षा विभाग के पास ऐसी कोई तकनीक नहीं थी, जिससे इस तेल की जांच हो सके। इस वजह से कार्रवाई भी नहीं होती थी।
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अब अमेरिका से डोम-24 नाम की एक जांच मशीन आई है। दो फुट लंबी छड़ी जैसी इस मशीन के एक सिरे पर मीटर लगा है। दूसरा सिरा तेल में डालते ही मशीन पोलराइड कंपाउंड और एसिड वैल्यू की जानकारी देती है। पोलराइड कंपाउंड 25 से अधिक है तो इसका मतलब यह है कि यह तेल बार-बार गर्म किया गया है। गर्म होने से इसके कंपाउंड टूटकर अलग होकर स्वरूप बदल रहे हैं। ऐसे तेल में एसिड वैल्यू भी 0.5 से अधिक होता है। ऐसे तेल में तला खाने से एसिडिटी बढ़ती है।
मिठाई, मसाले, पनीर का भी लिया नमूना
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तेल की जांच के अलावा स्टेशन रोड की दुकानों पर बिकने वाले लोकल ब्रांड के बिस्कुट, नमकीन, चायपत्ती, मसाला व मिर्च पाउडर के नमूने लिए। इसके अलावा कुछ मिठाई की दुकानों से भी छेना, पेड़ा, लड्डू आदि के नमूने लिए गए। इसके अलावा पिपराइच रोड से पनीर व बेसन का नमूना लिया गया।
होटल से आटे का नमूना लिया
सिक्सलेन पर देवरिया बाईपास मोड़ के पास स्थित होटल सात्विक में खराब आटे से रोटी बनाने की शिकायत हुई है। एक उपभोक्ता ने शिकायत की थी, उसने होटल से आर्डर पर जो खाना मंगाया था, उसमें रोटी खराब थी। ऐसा लग रहा था कि पुराने आटे से रोटी बनाई गई होगी। इस शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने होटल पहुंचकर जांच की और आटे का सैंपल लिया।
कोट
खराब तेल कैंसर कारक होता है : डॉ. प्रशांत
दुनिया भर में हुई कई शोध में यह पता लग चुका है कि बार-बार एक ही तेल को गर्म करके उसमें पकाए गए खाने में हानिकारक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। यहां तो तेल ही बार-बार गर्म नहीं हो रहा है, बल्कि उसमें सुबह का तला समोसा या पकौड़ी भी बार-बार तली जाती है। इसीलिए यह खाना आसानी से पचता नहीं है, जिससे शरीर में फैट बढ़ता है। यही फैट धमनियों में चिपकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। वहीं, खराब तेल कैंसर कारक भी होता है। इसीलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे फुटपाथ पर से समोसा-पकौड़ी और ऐसी अन्य खाद्य वस्तुओं का उपयोग न करें।
- डॉ. प्रशांत अस्थाना, जिला अस्पताल
वर्जन
स्टेशन रोड पर ठेला व मिठाई की दुकानों पर कड़ाही में बार-बार उबलने वाले तेल की जांच कराई गई। कुछ दुकानों का तेल खराब मिला, जिसे नष्ट करा दिया गया है। अब पूरे शहर में दुकानों पर मशीन से खाद्य तेलों की जांच कराई जाएगी। तेल की गुणवत्ता खराब मिली तो दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य