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Gorakhpur News: अब कर्जमाफी की अफवाह...गोरखनाथ मंदिर पहुंची महिलाएं, रोकने पर मची अफरा-तफरी

Tue, 15 Oct 2024 03:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2024 03:40 AM IST
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Gorakhpur News: Now rumor of loan waiver...women reached Gorakhnath temple, chaos created when stopped
गोरखपुर। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिए कर्ज पर तीन हजार रुपये तक की ऋणमाफी की अफवाह पर सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं गोरखनाथ मंदिर पहुंच गईं। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कर्ज लेने वाली ये महिलाएं कैंपियरगंज, भटहट, संतकबीरनगर और महराजगंज से आई थीं। वे सीएम कैंप कार्यालय तक जाने की जिद कर रही थीं। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद महिलाओं को समझा-बुझाकर वापस किया। उन्होंने बताया कि पता नहीं किसने गांव में यह बात फैला दी कि गोरखनाथ मंदिर में फाॅर्म भरकर जमा कर दो तो कर्ज माफ हो जाएगा। यही सुनकर हम लोग पहुंचे थे।
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लोकसभा चुनाव के दौरान उड़ाई गई तमाम अफवाहों के बाद अब कर्ज माफ करने की अफवाह फैलाकर महिलाओं को गोरखनाथ मंदिर भेज दिया गया। महिलाओं से पता लगा कि पिछले दो-तीन दिनों से ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूह बनाकर कर्ज लेने वालों का कर्ज माफ होने की चर्चा हर जुबान पर है। इन्हीं अफवाहों पर रविवार को भी कुछ महिलाएं महराजगंज से मंदिर पर पहुंची थीं। सोमवार को दोपहर 12 के करीब कैंपियरगंज, भटहट, धानी, संतकबीरनगर, महराजगंज के निचलौल और फरेंदा से भारी संख्या में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं गोरखनाथ मंदिर पहुंच गईं।
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महिलाओं का कहना था कि उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने दस से तीस हजार रुपये तक का कर्ज ले रखा है। रविवार को कुछ महिलाएं गोरखपुर आई थीं। उनका कर्ज माफ हो रहा है। ऐसे में फाॅर्म भरवाकर उनके कर्ज माफ किए जाएं। गोरखनाथ पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया और उन्हें समझाने की कोशिश की पर महिलाएं नहीं मानीं।
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वे मंदिर में सीएम कैंप कार्यालय जाने की जिद पर अड़ी रहीं। पुलिस लगातार लाउडस्पीकर से घोषणा करती रही कि किसी प्रकार की ऋणमाफी की घोषणा नहीं हुई है। ये अफवाह है, आप लोग घर चले जाएं। इसके बाद सीओ गोरखनाथ ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारी से बात कराई। तब जाकर महिलाएं लौटीं। महिलाओं का कहना था कि उनके गांवों में सूचना दी गई थी की कर्ज माफ हो रहा है।





अफवाह फैलाई कि गोरखनाथ मंदिर में फॉर्म जमा हो तो लोन माफ

एक महिला ने बताया कि चर्चा थी कि गोरखनाथ मंदिर में फॉर्म जमा हो जाए तो कर्जा माफ हो जाएगा। उसने भी 40 हजार रुपये लोन लिया था। 1500 रुपये काटकर उन्हें 38500 रुपये मिले थे। बताया गया कि 12 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज लगेगा। वहीं, शशिकांत ने बताया-मेरी पत्नी ने भी लोन लिया है। मैंने बहुत समझाया था कि कर्ज माफी की कोई स्कीम नहीं है, लेकिन नहीं मानी और गांव के 40-45 महिलाओं के साथ चली गई।







सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि किसी ने अफवाह फैला दी थी कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिया लोन माफ हो रहा है। इसको लेकर महिलाएं पहुंची थीं। उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया।

वर्जन



कर्जमाफी की अफवाह सुनकर महिलाएं आई थीं। कुछ शरारती तत्व ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जाएगी।



-कृष्णा करुणेश, डीएम



सोशल मीडिया पर वायरल हुई फर्जी सूचना



माइक्रो कंपनी की ओर से दिए गए ऋण माफ किए जा रहे हैं। इसके लिए फार्म जमा हो रहे हैं। सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप पर भी ऐसी फर्जी सूचना प्रसारित कर दी गई। महिलाओं ने बताया कि उनके व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज आया था। महिलाओं का कहना था कि उन्हें लगा कि उनका फाॅर्म जमा नहीं हो पाया तो उनका ऋण माफ नहीं होगा। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समझाया कि ऐसी कोई योजना नहीं है। पुलिस के समझाने के बाद महिलाएं वापस तो हुईं लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थी कि उन्हें जो सूचना मिली है, वह अफवाह है।





आसानी से दे दिया कर्ज.. अब दबंगई से वसूल रहे



माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने पहले तो आसानी लोन दे दिया और अब उनके एजेंट दबंगई से ब्याज वसूल रहे हैं। स्वयं सहायता समूह की संचालिका कटहली देवी ने बताया कि वह फरेंदा, महराजगंज के पास छितौनी गांव की रहने वाली हैं। उनके समूह में 35 महिलाएं हैं। एक-एक महिलाओं ने चार-पांच माइक्रो फाइनेंस कंपनियों लोन लिया है। बहुत सारी ऐसी महिलाएं हैं, जिनके घरवाले भी कर्ज के बारे में नहीं जानते थे। मुत्थु, बजाज, भारत, फ्रीजर, अश्वधन आदि कंपनियों के लोग आए थे और आधार कार्ड लिया, घर देखा फिर लोन दे दिया। गांव में जो लोग लोन नहीं दे पा रहे हैं, उनसे दबंगई भी की जा रही है।


नोटिस आया तब पति को पता चला कि कर्जदार हैं



गोरखपुर। हरपुर-बुदहट के देवराडतुला गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन लेने के चक्कर में जालसाजी की शिकार भी हो चुकी हैं। सितंबर 2024 में ऐसा ही मामला सामने आया था। पुलिस से शिकायत करने वाली महिलाओं ने बताया कि उन्हें लोन मिला नहीं और कर्जदार हो गईं। इन महिलाओं के घरों में विभिन्न बैंकों से वसूली करने बैंक कर्मी पहुंच रहे हैं। जब यह बात उनके घर वालों को पता चला तो घर में खटास बढ़ गई। कई महिलाओं के पति तलाक की धमकी देकर घर छोड़कर बिना बताए कहीं चले गए। एसएसपी के निर्देश पर महिलाओं को थाना प्रभारी ने एक-एक कर बयान नोट किया। 27 सितंबर को आरोपी संचालिका रूपा और उसके पति दिनेश पर धोखाधड़ी का हरपुर-बुदहट थाने में केस दर्ज कर किया गया है।
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