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Gorakhpur News: अब रजिस्ट्री का हर रिकॉर्ड होगा जांच एजेंसियों के पास
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सेंट्रल सर्वर पर अपलोड हो रहा रजिस्ट्री का ब्योरा
गोरखपुर। निबंधन कार्यालय में जमीनों की रजिस्ट्री, वरासत व अन्य दस्तावेजों का रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के पास होगा। आयकर की चोरी और अन्य अपराध की जांच के लिए आयकर विभाग या प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को रजिस्ट्री दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए सेंट्रल सर्वर से लिंक कर राजस्व विभाग के सर्वर पर उपलब्ध डेटा को ट्रांसफर किया जा रहा है। इसी के चलते रजिस्ट्री दफ्तर का सर्वर भी इन दिनों स्लो चल रहा है।
रजिस्ट्री विभाग का सर्वर काफी दिनों से स्लो चल रहा है। इसे लेकर अधिकारियों ने शासन स्तर पर वार्ता की। अब उन्हें बताया गया है कि सेंट्रल सर्वर पर विभाग का सर्वर मर्ज किया जा रहा है। इसमें सप्ताहभर का समय अभी और लगेगा। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद आयकर विभाग के पास रजिस्ट्री विभाग का सारा रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाएगा। विभाग की ओर से हर साल का विवरण चार्टर्ड अकाउंटेंट आयकर विभाग को भेजते हैं, मिलान के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को रजिस्ट्री दफ्तर आना पड़ता है। जुलाई-2025 में आयकर अधिकारी ने आकर विभाग में जांच की थी और तीन साल का ब्योरा ले गए थे लेकिन अब इस प्रक्रिया के बाद वे ऑनलाइन सारा विवरण हासिल कर लेंगे।
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गोरखपुर। निबंधन कार्यालय में जमीनों की रजिस्ट्री, वरासत व अन्य दस्तावेजों का रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के पास होगा। आयकर की चोरी और अन्य अपराध की जांच के लिए आयकर विभाग या प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को रजिस्ट्री दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए सेंट्रल सर्वर से लिंक कर राजस्व विभाग के सर्वर पर उपलब्ध डेटा को ट्रांसफर किया जा रहा है। इसी के चलते रजिस्ट्री दफ्तर का सर्वर भी इन दिनों स्लो चल रहा है।
रजिस्ट्री विभाग का सर्वर काफी दिनों से स्लो चल रहा है। इसे लेकर अधिकारियों ने शासन स्तर पर वार्ता की। अब उन्हें बताया गया है कि सेंट्रल सर्वर पर विभाग का सर्वर मर्ज किया जा रहा है। इसमें सप्ताहभर का समय अभी और लगेगा। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद आयकर विभाग के पास रजिस्ट्री विभाग का सारा रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाएगा। विभाग की ओर से हर साल का विवरण चार्टर्ड अकाउंटेंट आयकर विभाग को भेजते हैं, मिलान के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को रजिस्ट्री दफ्तर आना पड़ता है। जुलाई-2025 में आयकर अधिकारी ने आकर विभाग में जांच की थी और तीन साल का ब्योरा ले गए थे लेकिन अब इस प्रक्रिया के बाद वे ऑनलाइन सारा विवरण हासिल कर लेंगे।
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