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Gorakhpur News: नीलम हत्याकांड .. 110 सवालों में उलझा भाई उगल गया राज, बोला- हत्या का नहीं पछतावा

Sat, 01 Nov 2025 02:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:44 AM IST
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Gorakhpur News: Neelam murder case.. Brother entangled in 110 questions spills the beans, says- I don't regret the murder
बहन का शव ठिकाने लगाने के बाद ससुराल पहुंचकर गुजारी थी रात
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बोला- नीलम मुझसे चिढ़ती थी, इसलिए उसकी हत्या करते हुए मुझे दुख नहीं हुआ

एक माह से बना रहा था प्लान, छठ के दिन बहन को अकेला पाकर दिया वारदात को अंजाम
गोरखपुर। गोरखनाथ थाना क्षेत्र के नया गांव में बहन नीलम निषाद की हत्या करने वाले आरोपी भाई राम आशीष निषाद ने पूछताछ के दौरान ऐसे खुलासे किए जिसने पुलिस को भी हिला दिया। करीब 110 सवालों में उलझने के बाद उसने हत्या की बात कबूल की। उसने ठंडे दिल से कहा कि नीलम मुझसे चिढ़ती थी, इसलिए उसे मारने का दुख नहीं है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एक माह से बहन की हत्या की योजना बना रहा था। छठ पूजा के दिन उसने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। छोटी बहन नीलम की बेरहमी से हत्या करने वाले राम आशीष को कोई अफसोस नहीं है। बीते 27 अक्तूबर को उसने गला घोंटकर बहन को मार डाला। फिर बोरी में भरने के लिए लाश को ऐसा मोड़ा-मरोड़ा कि गले की हड्डी तक टूट गई। दोनों हाथों की हडि्डयां भी कई जगह से टूट गईं। इस हत्या के पीछे पांच लाख रुपये का मुआवजा है, जो पिता बेटी की शादी के लिए रखे थे। पुलिस की गिरफ्त में आए राम आशीष ने बताया कि हत्या के बाद उसके भागने की कहानी गढ़नी थी। इसलिए बहन को मारकर मां के बक्से का ताला तोड़कर जेवर भी चुराए। भले ही मैं पकड़ा गया हूं, लेकिन मुझे कोई दुख नहीं है।
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हत्या के बाद चला गया ससुराल, वहीं सो गया
पूरी वारदात को अंजाम देकर राम आशीष नेबुआ नौरंगिया से अपने ससुराल पिपराइच स्थित चक जलाल छोटका टोला आया। यहां पर उसके पत्नी और बच्चे पहले से थे। वहां पूरी रात रूका। रात को उसके मोबाइल पर गोरखनाथ थाने से कॉल आई। तब उसने कहा कि वह अपने रिश्तेदारी में आया है। सुबह वह थाने आकर बात कर लेगा। इस दौरान वह नीलम के लापता होने की बात पर अनजान बन गया।
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गेहूं की बोरी का बयान देकर फंसा
पुलिस ने राम आशीष से पूछा कि तुम बाइक पर बोरे में क्या लेकर जा रहे थे? तब उसने जवाब दिया कि गेहूं की बोरी घर से लेकर जा रहा था। पुलिस ने भी पहले उसकी बात मान ली। इसके बाद घर जाकर इसरावती से पूछा कि घर में कहीं गेहूं रखा है क्या? इसरावती ने बताया कि घर में गेहूं कहीं नहीं रखा है, तब आखिर उसे कहां से मिल गया है। राम आशीष के दोनों कमरों में जाकर पुलिस ने देखा तो वहां भी कहीं गेहूं का एक दाना नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तब, राम आशीष ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कुशीनगर जाकर लाश बरामद कराई।
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नीलम की मौत से पड़ोसी भी दुख
सिर्फ नीलम का परिवार ही नहीं उनके पड़ोसी भी इस हत्या से दुखी हैं। पड़ोसी निर्मला देवी का कहना था कि नीलम बहुत ही मिलनसार थी। दिन भर हम लोग के साथ रहती थी। सिलाई बहुत अच्छी करती थी। हम लोगों के कपड़ों को फ्री में सिलाई कर देती थी। ऐसे हत्यारे भाई को फांसी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने को सोच भी न सके।
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एक महीने से हत्या की तैयारी कर रहा था भाई
पड़ोस में रहने वाली निर्मला देवी ने बताया कि राम आशीष के खराब व्यवहार की वजह से कोई भी बात नहीं करता था, जबकि नीलम को सब प्यार करते थे। एक महीने पहले राम आशीष अपनी पत्नी से कह रहा था कि मैं अपनी बहन को गड़ासा से मार दूंगा। जब ऐसा करना होगा एक सप्ताह पहले परिवार को हटा दूंगा। यह बात मैंने अपने कान से सुनी थी। मैंने नीलम को बताया भी था। अपने भाई से बचकर रहना, वह ऐसी बात कह रहा था लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। वो सच्चे दिल की थी। इधर नवरात्रि में राम आशीष अपनी पत्नी और बच्ची को पिपराइच स्थित मायके में छोड़कर आया था। इसके बाद उसने जो कहा था, वही किया।
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भाई जेल में, बहन रास्ते से हटी, तो प्रॉपर्टी अपनी
दरअसल, चिंकू निषाद को फोरलेन प्रोजेक्ट में जमीन आने के बाद करीब पांच लाख रुपये मुआवजा मिला था। चिंकू अपनी बेटी नीलम की शादी में इस रुपये का इस्तेमाल करना चाहते थे। उनका बड़ा बेटा राम आशीष (32) इसमें से हिस्सा मांग रहा था। इसे लेकर राम आशीष बौखलाया हुआ था। उसे लगा कि बहन नीलम (19) को रास्ते से हटा देगा तो पैसों के साथ सारी संपत्ति भी उसकी हो जाएगी। छोटा भाई तो पहले से ही जेल में बंद है।

कोट
आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ सभी साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए अपील की जाएगी, जिससे आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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