{"_id":"6886805354b5ed964c0a0262","slug":"gorakhpur-news-municipal-corporation-will-get-rs-75-crore-to-improve-air-quality-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-1017447-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम को मिलेंगे 75 करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम को मिलेंगे 75 करोड़ रुपये
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत मिलेगी राशि
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत नगर निगम को 75 करोड़ रुपये मिलेंगे। निगम इससे शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सड़क सुधार, धूल नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने, मियावाकी पौधरोपण, स्मार्ट पार्किंग और जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए करेगा।
गोरखपुर को पिछले वर्षों में 2023-24 तक 66 करोड़ और 2024-25 में 53 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस बार 75 करोड़ रुपये के आवंटन के बाद जल्द ही शहर स्तरीय क्रियान्वयन समिति (सीएलआईसी) की बैठक में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी राशि से नगर निगम शहर में 25 एकड़ भूमि पर महेसरा में पहला स्पंज पार्क बनेगा। इसमें मियावाकी वन भी होगा। यह पार्क वर्षा जल प्रबंधन के लिए बनाया जाएगा, जो जल-अवशोषण और उत्सर्जन की विशेषता रखेगा।
धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर सिरे से सिरे तक पक्का फर्श, गड्ढा मुक्त सड़कें, चौराहों का सौंदर्यीकरण, पार्कों और ग्रीन बेल्ट में मियावाकी पौधरोपण, कवर्ड सर्फेस पार्किंग और स्कूल-कॉलेजों में जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
विज्ञापन
कोट
राशि के सही उपयोग से गोरखपुर उन शहरों में शामिल हो सकता है, जहां वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। जल्द ही सीएलआईसी की बैठक में कार्ययोजना तैयार होगी।
गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त
विज्ञापन
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत नगर निगम को 75 करोड़ रुपये मिलेंगे। निगम इससे शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सड़क सुधार, धूल नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने, मियावाकी पौधरोपण, स्मार्ट पार्किंग और जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए करेगा।
गोरखपुर को पिछले वर्षों में 2023-24 तक 66 करोड़ और 2024-25 में 53 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस बार 75 करोड़ रुपये के आवंटन के बाद जल्द ही शहर स्तरीय क्रियान्वयन समिति (सीएलआईसी) की बैठक में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी राशि से नगर निगम शहर में 25 एकड़ भूमि पर महेसरा में पहला स्पंज पार्क बनेगा। इसमें मियावाकी वन भी होगा। यह पार्क वर्षा जल प्रबंधन के लिए बनाया जाएगा, जो जल-अवशोषण और उत्सर्जन की विशेषता रखेगा।
विज्ञापन
धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर सिरे से सिरे तक पक्का फर्श, गड्ढा मुक्त सड़कें, चौराहों का सौंदर्यीकरण, पार्कों और ग्रीन बेल्ट में मियावाकी पौधरोपण, कवर्ड सर्फेस पार्किंग और स्कूल-कॉलेजों में जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
विज्ञापन
कोट
राशि के सही उपयोग से गोरखपुर उन शहरों में शामिल हो सकता है, जहां वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। जल्द ही सीएलआईसी की बैठक में कार्ययोजना तैयार होगी।
गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त