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Gorakhpur News: एनईआर की पहली हेरिटेज लाइन बनी मैलानी-नानपारा
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171 किमी लंबी लाइन को संरक्षित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने घोषित किया हैरिटेज लाइन
अंग्रेजों ने 120 साल पहले बिछाई थी लाइन, दुधवा नेशनल पार्क से होकर गुजरती है
गोरखपुर। दुधवा नेशनल पार्क से होकर जाने वाली मैलानी-नानपारा रेल लाइन को रेलवे बोर्ड ने हेरिटेज लाइन घोषित कर दिया है। 171 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन एनईआर की पहली रेल लाइन है जिसे संरक्षित किया जाएगा। अब इस मीटर गेज (छोटी लाइन) को ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन) में नहीं बदला जाएगा। जल्द ही यहां शीशे वाली ट्रेनें चलाई जाएंगी। पर्यटन की दृष्टि यह बड़ी उपलब्धि है।
अप्रैल 2025 में हेरिटेज की टीम कार्यकारी निदेशक हेरिटेज आशिमा के नेतृत्व में आई थी। टीम ने यहां आसपास के लोगों के साथ संवाद भी स्थापित किया और हेरिटेज उत्सव का भी आयोजन किया। टीम पूरी तरह से संतुष्ट होकर यहां से रवाना हुई। टीम के सकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर, हेरिटेज राजेश कुमार ने छह अक्तूबर को पत्र जारी किया है।
दरअसल, मैलानी-नानपारा रूट पूरी तरह से जंगल का क्षेत्र है। यहां जंगली जानवरों का भी विचरण होता है। चूंकि लाइन मीटर गेज थी इसलिए इसपर ट्रेनों का संचलन बंद था। लेकिन अब जब इसे हेरिटेज के रूप में घोषित कर दिया गया है तो एक बार फिर यहां से ट्रेनों का संचलन शुरू हो सकेगा।
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रेलवे मीटरगेज के इतिहास को संजोने के लिए मैलानी में एमजी (मीटरगेज) हेरिटेज म्यूजियम बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जगह फाइनल कर ली गई है। अब बंद चल रहे मैलानी नानपारा रेल रूट पर भी शिमला और ऊंटी की तरह ट्रेनें चलेंगी और पर्यटक इस खूबसूरत रूट का लुत्फ उठा सकेंगे।
-
कोट
रेलवे बोर्ड की ओर से मैलानी से नानपारा मीटर गेज रेलवे लाइन को हेरिटेज लाइन के रूप में संरक्षित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किया गया है। यह रेलवे लाइन प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क से होकर गुजरती है। पूर्वोत्तर रेलवे की यह पहली रेलवे लाइन है जिसे रेलवे बोर्ड की ओर से हेरिटेज लाइन के रूप में संरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर
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अंग्रेजों ने 120 साल पहले बिछाई थी लाइन, दुधवा नेशनल पार्क से होकर गुजरती है
गोरखपुर। दुधवा नेशनल पार्क से होकर जाने वाली मैलानी-नानपारा रेल लाइन को रेलवे बोर्ड ने हेरिटेज लाइन घोषित कर दिया है। 171 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन एनईआर की पहली रेल लाइन है जिसे संरक्षित किया जाएगा। अब इस मीटर गेज (छोटी लाइन) को ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन) में नहीं बदला जाएगा। जल्द ही यहां शीशे वाली ट्रेनें चलाई जाएंगी। पर्यटन की दृष्टि यह बड़ी उपलब्धि है।
अप्रैल 2025 में हेरिटेज की टीम कार्यकारी निदेशक हेरिटेज आशिमा के नेतृत्व में आई थी। टीम ने यहां आसपास के लोगों के साथ संवाद भी स्थापित किया और हेरिटेज उत्सव का भी आयोजन किया। टीम पूरी तरह से संतुष्ट होकर यहां से रवाना हुई। टीम के सकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर, हेरिटेज राजेश कुमार ने छह अक्तूबर को पत्र जारी किया है।
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दरअसल, मैलानी-नानपारा रूट पूरी तरह से जंगल का क्षेत्र है। यहां जंगली जानवरों का भी विचरण होता है। चूंकि लाइन मीटर गेज थी इसलिए इसपर ट्रेनों का संचलन बंद था। लेकिन अब जब इसे हेरिटेज के रूप में घोषित कर दिया गया है तो एक बार फिर यहां से ट्रेनों का संचलन शुरू हो सकेगा।
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रेलवे मीटरगेज के इतिहास को संजोने के लिए मैलानी में एमजी (मीटरगेज) हेरिटेज म्यूजियम बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए जगह फाइनल कर ली गई है। अब बंद चल रहे मैलानी नानपारा रेल रूट पर भी शिमला और ऊंटी की तरह ट्रेनें चलेंगी और पर्यटक इस खूबसूरत रूट का लुत्फ उठा सकेंगे।
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कोट
रेलवे बोर्ड की ओर से मैलानी से नानपारा मीटर गेज रेलवे लाइन को हेरिटेज लाइन के रूप में संरक्षित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किया गया है। यह रेलवे लाइन प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क से होकर गुजरती है। पूर्वोत्तर रेलवे की यह पहली रेलवे लाइन है जिसे रेलवे बोर्ड की ओर से हेरिटेज लाइन के रूप में संरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर