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Gorakhpur News: माफिया विनोद के भाई संजय ने कोर्ट में किया सरेंडर, इस मामले में था 'वांटेड', 20 हजार ईनामी भी
Wed, 02 Jul 2025 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:43 AM IST
सार
शाहपुर में 18 फरवरी को प्रॉपर्टी डीलर अंकु शुक्ल को माफिया का भाई बनकर कॉल करके एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद 24 फरवरी को प्राॅपर्टी डीलर के दरवाजे पर खड़ी कार पर गोलियां चलाकर दहशत फैलाई गई थी।
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सीसीटीवी में कैद फायरिंग करने वाले मनबढ़. इसी फायरिंग के मामले में फरार चल रहा था संजय
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
विस्तार
गोरखपुर। माफिया विनोद उपाध्याय के भाई संजय उपाध्याय ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। शाहपुर में रंगदारी और घर पर चढ़कर कार पर गोलियां चलाने के मामले में वह भागा था। उसने हाईकोर्ट में सरेंडर के लिए अर्जी दी थी, लेकिन इसके बाद पुलिस ने तलाश तेज कर दी थी। मंगलवार को वह शाहपुर पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया।
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जानकारी के अनुसार, शाहपुर में 18 फरवरी को प्रॉपर्टी डीलर अंकु शुक्ल को माफिया का भाई बनकर कॉल करके एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद 24 फरवरी को प्राॅपर्टी डीलर के दरवाजे पर खड़ी कार पर गोलियां चलाकर दहशत फैलाई गई थी।
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आरोपियों की पहचान शाहपुर चरगांवा निवासी अंकित पासवान उर्फ मंटू, अंबिका पासवान, गुलरिहा रामपुर बुजुर्ग निवासी नितिन मिश्रा, चिलुआताल के करीमनगर पोखर भिंडा निवासी साहिल अली और गुलरिहा सेमरा नंबर दो निवासी शुभम श्रीवास्तव के रूप में हुई।
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पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भिजवा दिया। इसी बीच मामले में एक और आरोपी गौरव पांडेय ने पुलिस को चकमा देकर सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। शाहपुर पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो इस प्रकरण में संजय उपाध्याय का नाम सामने आया।
पुलिस उसकी गिरफ्तारी में जुटी थी, लेकिन वह चकमा देकर भागा फिर रहा था। इसी बीच एसएसपी ने उसपर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। उसने हाईकोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी दी थी, इसके बाद पुलिस की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। वह मंगलवार को कोर्ट में हाजिर हो गया।