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Gorakhpur News: रसायन की जगह बना दिया जीव विज्ञान का परीक्षक, दिया प्रार्थना पत्र
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यूपी बोर्ड परीक्षा में बुधवार से शुरू हो रही उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया
मंगलवार को एमएसआई इंटर कॉलेज में उप प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों की हुई ट्रेनिंग
गोरखपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बुधवार से शुरू हो रहा है। मंगलवार को उप प्रधान परीक्षकों एवं परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधी ट्रेनिंग दी गई। मंगलवार को परीक्षा ड्यूटी से असंतुष्ट कई शिक्षक प्रार्थना पत्रों के साथ मूल्यांकन केंद्र पहुंचे। असंतुष्ट शिक्षकों को प्रधानाचार्य से प्रमाणित प्रार्थनापत्र के साथ आवेदन करने के लिए कहा गया है। असंतुष्ट शिक्षकों में रसायन विज्ञान की शिक्षिका भी शामिल हैं जिन्हें जीव विज्ञान विषय के परीक्षक की ड्यूटी दे दी गई है।
मंगलवार को एमएसआई इंटर कॉलेज में उप प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों की ट्रेनिंग करवाई गई। डीआईओएस डॉ. अमरकांत सिंह ने परीक्षकों को मूल्यांकन से संबंधित दिशा-निर्देश दिए। मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के नियम, बोर्ड के मानकों सहित अन्य जानकारी दी गई। इसी दौरान परीक्षा में असंगत ड्यूटी लगाने से असंतुष्ट शिक्षक भी पहुंचे और आवश्यक सुधार की मांग की।
परीक्षकों की सूची में एक विद्यालय के प्रधानाचार्य नाम भी शामिल कर दिया गया है। नियमानुसार प्रशासनिक पद पर कार्यरत लोगों की ड्यूटी मूल्यांकन कार्य में नहीं लगाई जा सकती है। कुछ शिक्षक स्वास्थ्य अवकाश पर हैं इसके बावजूद परीक्षक के तौर पर उनकी ड्यूटी लगा दी गई है। इन शिक्षकों की बातें सुनने के बाद इन्हें संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से प्रार्थना पत्र प्रमाणित करवाकर संशोधन के लिए आवेदन करने को कहा गया। रसायन विज्ञान की एक शिक्षिका को जीव विज्ञान का परीक्षक बनाए जाने पर उन्होंने ड्यूटी हटवाने की मांग की है। एक शिक्षक ने स्वास्थ्य अवकाश पर होने के बावजूद ड्यूटी लगने के कारण नाम हटवाने के लिए आवेदन दिया है।
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कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर
उत्तरपुस्तिकाओं के जांच की प्रक्रिया को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। कंट्रोल रूम प्रभारी किरण ओरतो ने बताया कि प्रयागराज और लखनऊ में बने कंट्रोल रूम से लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, वहां से जो भी सूचना मांगी जा रही वह दिया जा रहा है। 15 दिन तक चलने वाली मूल्यांकन प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। कुछ अनुचित दिखने पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
परीक्षकों की विषय संबंधित त्रुटियों को प्रार्थना पत्र के माध्यम से ठीक कराया गया है। बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में शिक्षा विभाग के नियमों का अनुसरण करते हुए पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस
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मंगलवार को एमएसआई इंटर कॉलेज में उप प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों की हुई ट्रेनिंग
गोरखपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बुधवार से शुरू हो रहा है। मंगलवार को उप प्रधान परीक्षकों एवं परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधी ट्रेनिंग दी गई। मंगलवार को परीक्षा ड्यूटी से असंतुष्ट कई शिक्षक प्रार्थना पत्रों के साथ मूल्यांकन केंद्र पहुंचे। असंतुष्ट शिक्षकों को प्रधानाचार्य से प्रमाणित प्रार्थनापत्र के साथ आवेदन करने के लिए कहा गया है। असंतुष्ट शिक्षकों में रसायन विज्ञान की शिक्षिका भी शामिल हैं जिन्हें जीव विज्ञान विषय के परीक्षक की ड्यूटी दे दी गई है।
मंगलवार को एमएसआई इंटर कॉलेज में उप प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों की ट्रेनिंग करवाई गई। डीआईओएस डॉ. अमरकांत सिंह ने परीक्षकों को मूल्यांकन से संबंधित दिशा-निर्देश दिए। मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के नियम, बोर्ड के मानकों सहित अन्य जानकारी दी गई। इसी दौरान परीक्षा में असंगत ड्यूटी लगाने से असंतुष्ट शिक्षक भी पहुंचे और आवश्यक सुधार की मांग की।
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परीक्षकों की सूची में एक विद्यालय के प्रधानाचार्य नाम भी शामिल कर दिया गया है। नियमानुसार प्रशासनिक पद पर कार्यरत लोगों की ड्यूटी मूल्यांकन कार्य में नहीं लगाई जा सकती है। कुछ शिक्षक स्वास्थ्य अवकाश पर हैं इसके बावजूद परीक्षक के तौर पर उनकी ड्यूटी लगा दी गई है। इन शिक्षकों की बातें सुनने के बाद इन्हें संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से प्रार्थना पत्र प्रमाणित करवाकर संशोधन के लिए आवेदन करने को कहा गया। रसायन विज्ञान की एक शिक्षिका को जीव विज्ञान का परीक्षक बनाए जाने पर उन्होंने ड्यूटी हटवाने की मांग की है। एक शिक्षक ने स्वास्थ्य अवकाश पर होने के बावजूद ड्यूटी लगने के कारण नाम हटवाने के लिए आवेदन दिया है।
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कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर
उत्तरपुस्तिकाओं के जांच की प्रक्रिया को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। कंट्रोल रूम प्रभारी किरण ओरतो ने बताया कि प्रयागराज और लखनऊ में बने कंट्रोल रूम से लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, वहां से जो भी सूचना मांगी जा रही वह दिया जा रहा है। 15 दिन तक चलने वाली मूल्यांकन प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। कुछ अनुचित दिखने पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
परीक्षकों की विषय संबंधित त्रुटियों को प्रार्थना पत्र के माध्यम से ठीक कराया गया है। बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में शिक्षा विभाग के नियमों का अनुसरण करते हुए पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस