फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Kanpur's adulterated khoya is defaming the market...yet the business is not stopping

Gorakhpur News: कानपुर के मिलावटी खोआ से बदनाम हो रही मंडी....फिर भी नहीं रुका रहा धंधा

Thu, 07 Aug 2025 01:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:07 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Kanpur's adulterated khoya is defaming the market...yet the business is not stopping
पिछले कई सैंपल हो चुके हैं फेल, जांच में हानिकारक श्रेणी में पाया गया है मिलावटी खोआ
विज्ञापन

मिलावटी खोआ में पाउडर और रिफाइंड का होता है इस्तेमाल, तीसरे दिन खराब हो जाता है यह खोआ
गोरखपुर। कानपुर खराब खोआ के लिए बदनाम हो चुका है। वहां के पाउडर, केमिकल और रिफाइन के इस्तेमाल से बनने वाला मिलावटी खोआ पूर्वांचल के सभी जिलों की मंडियों तक पहुंच रहा है। सारे खर्च और मुनाफा जोड़ने के बाद भी महज 200 रुपये प्रतिकिलो के भाव बिकने वाला यह खोआ सेहत के लिए बेहद खराब है। कई जांच में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। खाद्य सुरक्षा विभाग रिपोर्ट भी भेज चुका है, लेकिन धंधे पर लगाम नहीं लग पा रही है।
गोरखपुर की खोआ मंडी में पहले देसी खोआ सिद्धार्थनगर और गाजीपुर से आता था। जानकार बताते हैं कि एक किलो बनाने में करीब 250 रुपये का खर्च आता है। ग्रामीण क्षेत्र से गोरखपुर की मंडी तक लाने और मुनाफ जोड़ने के बाद वह आम उपभोक्ता के लिए 350 रुपये प्रति किलो से कम के भाव नहीं बिक पाता था। इसके चलते छोटे दुकानदार कम ही खोआ खरीदते थे। इसके बाद कानपुर से खोआ आने लगा। मिल्क पाउडर को रिफाइंड में गूंथकर बनने वाले इस खोआ का कुल खर्च 100 रुपये प्रति किलोग्राम से भी कम आता है। कानपुर से रोडवेज की बसों से बस्ती और गोरखपुर मंडल के जिलों में सीधे भेज दिया जाता है। सारे खर्च और मुनाफ जोड़ने के बाद भी थोक में 180 से 200 रुपये और फुटकर में 250 से 280 रुपये प्रति किलो के भाव बिक जाता है। सस्ता और अधिक मुनाफा देने की वजह से ही थोक से लेकर फुटकर विक्रेता और मिठाई के दुकानदार भी इसी खोआ का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन

---
कानपुर से गोरखपुर के बीच कहीं नहीं पकड़ पाते रोडवेज कर्मी
रोडवेज की बसों से सुबह-सुबह आने वाले खोआ को रास्ते में कहीं भी बसों की जांच करने वाले रोडवेज कर्मी नहीं पकड़ पाते। जबकि सबको पता है कि कानपुर से गोरखपुर आने वाली बसों में ही अधिकांशत: खोआ की खेप आती है। त्योहार के आसपास लगभग हर गाड़ी से इसकी सप्लाई आती है, जबकि सामान्य दिनों में कुछ चुनिंदा बसों में ही सामान लोड होता है। सारा माल रोडवेज चालक और कंडक्टर की निगरानी में ही आता है। कभी किसी माल के साथ दुकानदार या कोई एजेंट नहीं आता।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
रिक्शेवालों को पता है कि कौन सा माल किसका है
मिलावटी खोआ का सारा धंधा रोडवेज के बस चालक व कंडक्टर तो संभाल ही रहे हैं, स्थानीय स्तर पर रिक्शा चालक भी इसमें अहम कड़ी हैं। किस बस से उतरी बोरी या पैकेट किस दुकान का है, यह रिक्शेवाले को पता होता है। तय समय पर रिक्शा चालक रोडवेज के आसपास खड़ा होकर सवारी का इंतजार करता है। जैसे ही बस रुकती है, वह वहां पहुंचकर अपना माल उतारकर रिक्शे पर रखता है और सीधे संबंधित दुकान पर पहुंचा देता है।
--
कोट
कानपुर से मिलावटी खोआ आने की सूचना वहां के खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जा चुकी है। पिछले बार वहीं से मिले इनपुट के आधार पर ट्रेन से आई बड़ी खेप को पकड़ा गया था। रोडवेज के अफसरों को भी इसकी जानकारी दी गई है।
डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
---
कैसे पहचान करें
दूध विक्रेता पुरुषोत्तम ने बताया कि खोआ की असल पहचान जीभ पर रखकर कर सकते हैं। अच्छा खोआ हाथ से मसलने पर मुलायम लगता है और छोटा सा टुकड़ा जीभ पर रखते ही मुंह में दूध की मिठास घुल जाती है। वहीं मिलावटी खोआ को हाथ से मसलने पर रिफाइंड की महक आने लगती है। इसे जीभ पर रखने पर कड़वाहट आती है। इसके अलावा मिलावटी खोआ सफेद होता है, जबकि अच्छा खोआ हल्का भूरे रंग का होता है।

---
फूड पॉइजनिंग हो सकती है
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रशांत अस्थाना बताते हैं कि मिलावटी खोआ मिठाई की गुणवत्ता को भी खराब कर देगा। इसे खाने से बदहजमी और फूड पॉइजनिंग हो सकती है। लगातार ऐसी मिठाइयों के सेवन से पाचन क्षमता खराब होती है। इसके अलावा इसका कुप्रभाव लिवर पर भी पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed