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Gorakhpur News: 31 अक्तूबर तक शीतगृहों से आलू के निकासी का निर्देश
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जिले में आठ शीतगृह में रखे गए हैं 15.3 हजार एमटी आलू
गोरखपुर। शीतगृहों मे रखे गए आलू को 31 अक्तूबर तक हर हाल में निकालने का निर्देश जिला उद्यान अधिकारी ने शीतगृह मालिकों को दिया है। निर्देश के तहत शीतगृह मालिक किसानों से स्पष्ट कह दें कि महीने के अंत तक अपना आलू ले जाएं। शीतगृहों के खाली होने के बाद अधिशासी अभियंता भवन एवं विद्युत विभाग उसका निरीक्षण कर के रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसके बाद उसे अगले सत्र के लिए उसे तैयार किया जाएगा।
जनपद में आठ शीतगृहों में आलू का भंडारण किया जाता है। इन शीतगृहों में आलू रखने की क्षमता 48,782.59 मीट्रिक टन है। लेकिन 15,324 मीट्रिक टन आलू रखा गया था। वर्तमान में 78 प्रतिशत आलू निकाल लिया गया है और मात्र 22 प्रतिशत शेष है। जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ के अनुसार, शीतगृहों के खाली होने के बाद उसका निरीक्षण अधिशासी अभियंता भवन के द्वारा किया जाएगा। उनके निरीक्षण के बाद विद्युत विभाग की तरफ से निरीक्षण किया जाएगा। सब कुछ ठीक-ठाक मिलने के बाद उसकी रिपोर्ट उद्यान विभाग की तरफ से निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंशकरण को भेजी जाएगी। समीक्षा करने के बाद शीतगृह को अगले साल संचालन के लिए अनुमति दी जाएगी।
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गोरखपुर। शीतगृहों मे रखे गए आलू को 31 अक्तूबर तक हर हाल में निकालने का निर्देश जिला उद्यान अधिकारी ने शीतगृह मालिकों को दिया है। निर्देश के तहत शीतगृह मालिक किसानों से स्पष्ट कह दें कि महीने के अंत तक अपना आलू ले जाएं। शीतगृहों के खाली होने के बाद अधिशासी अभियंता भवन एवं विद्युत विभाग उसका निरीक्षण कर के रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसके बाद उसे अगले सत्र के लिए उसे तैयार किया जाएगा।
जनपद में आठ शीतगृहों में आलू का भंडारण किया जाता है। इन शीतगृहों में आलू रखने की क्षमता 48,782.59 मीट्रिक टन है। लेकिन 15,324 मीट्रिक टन आलू रखा गया था। वर्तमान में 78 प्रतिशत आलू निकाल लिया गया है और मात्र 22 प्रतिशत शेष है। जिला उद्यान अधिकारी पारसनाथ के अनुसार, शीतगृहों के खाली होने के बाद उसका निरीक्षण अधिशासी अभियंता भवन के द्वारा किया जाएगा। उनके निरीक्षण के बाद विद्युत विभाग की तरफ से निरीक्षण किया जाएगा। सब कुछ ठीक-ठाक मिलने के बाद उसकी रिपोर्ट उद्यान विभाग की तरफ से निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंशकरण को भेजी जाएगी। समीक्षा करने के बाद शीतगृह को अगले साल संचालन के लिए अनुमति दी जाएगी।
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