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Gorakhpur News: 10 लाख से ज्यादा की रजिस्ट्री तो होगा पैनकार्ड का सत्यापन
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बृहस्पतिवार को शुरू हुई ओटीपी बेस्ड रजिस्ट्री
क्रेता और विक्रेता के मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी, फीड करने के बाद हुई रजिस्ट्री
गोरखपुर। अब दस लाख के ऊपर की रजिस्ट्री के समय पैनकार्ड का सत्यापन अनिवार्य हो गया है। इसके साथ ही रजिस्ट्री कराते समय क्रेता र विक्रेता के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे कंप्यूटर पर फीड करने के बाद ही रजिस्ट्री की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। भविष्य में आधार का भी सत्यापन कराने की तैयारी चल रही है। इससे जमीनों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा तो रुकेगा ही, आयकर विभाग को भी सही डेटा उपलब्ध हो जाएगा।
निबंधन कार्यालय में पिछले कई दिनों से साफ्टवेयर में काम चल रहा था। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे लखनऊ मुख्यालय से इसे अनिवार्य कर दिया गया। रजिस्ट्री दस्तावेज को जैसे ही स्कैन कर अपलोड किया गया, क्रेता और विक्रेता दोनों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ गया। इस ओटीपी को जब कंप्यूटर में फीड किया गया तो आगे की प्रक्रिया शुरू हुई। नाम, पता, पैन कार्ड नंबर सहित कई डेटा का सत्यापन के लिए अलग-अलग ओटीपी आया। पैन कार्ड को दस्तावेज के साथ प्रारूप में लिखने के साथ ही स्कैन कर अपलोड किया गया।
हालांकि, इस प्रक्रिया में रजिस्ट्री कराने में ज्यादा समय लगा। सदर कार्यालय में करीब 130 रजिस्ट्री हुई। निबंधन अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही आधार कार्ड का भी सत्यापन होगा, इसके बाद जमीनों की रजिस्ट्री में पूरी तरह फर्जीवाड़ा रुक जाएगा। एआईजी स्टांप संजय दुबे ने बताया कि बृहस्पतिवार से ओटीपी बेस्ड रजिस्ट्री की शुरूआत हो गई। इसके साथ ही पैनकार्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है।
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क्रेता और विक्रेता के मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी, फीड करने के बाद हुई रजिस्ट्री
गोरखपुर। अब दस लाख के ऊपर की रजिस्ट्री के समय पैनकार्ड का सत्यापन अनिवार्य हो गया है। इसके साथ ही रजिस्ट्री कराते समय क्रेता र विक्रेता के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे कंप्यूटर पर फीड करने के बाद ही रजिस्ट्री की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। भविष्य में आधार का भी सत्यापन कराने की तैयारी चल रही है। इससे जमीनों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा तो रुकेगा ही, आयकर विभाग को भी सही डेटा उपलब्ध हो जाएगा।
निबंधन कार्यालय में पिछले कई दिनों से साफ्टवेयर में काम चल रहा था। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे लखनऊ मुख्यालय से इसे अनिवार्य कर दिया गया। रजिस्ट्री दस्तावेज को जैसे ही स्कैन कर अपलोड किया गया, क्रेता और विक्रेता दोनों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ गया। इस ओटीपी को जब कंप्यूटर में फीड किया गया तो आगे की प्रक्रिया शुरू हुई। नाम, पता, पैन कार्ड नंबर सहित कई डेटा का सत्यापन के लिए अलग-अलग ओटीपी आया। पैन कार्ड को दस्तावेज के साथ प्रारूप में लिखने के साथ ही स्कैन कर अपलोड किया गया।
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हालांकि, इस प्रक्रिया में रजिस्ट्री कराने में ज्यादा समय लगा। सदर कार्यालय में करीब 130 रजिस्ट्री हुई। निबंधन अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही आधार कार्ड का भी सत्यापन होगा, इसके बाद जमीनों की रजिस्ट्री में पूरी तरह फर्जीवाड़ा रुक जाएगा। एआईजी स्टांप संजय दुबे ने बताया कि बृहस्पतिवार से ओटीपी बेस्ड रजिस्ट्री की शुरूआत हो गई। इसके साथ ही पैनकार्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है।
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