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Gorakhpur News: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था हॉस्पिटल सील, तीन डॉक्टरों व आशा पर केस
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बांसगांव में हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत का मामला
जांच पड़ताल में हॉस्पिटल का नहीं मिला रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की डिग्री की जांच शुरू
बांसगांव (गोरखपुर)। इलाके के बघराई स्थित श्रीगोविंद हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। यहां लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन से प्रसूता की मौत हुई, जांच में यह बात सामने आई। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग, तहसील प्रशासन और थाने की पुलिस ने हॉस्पिटल सील कर दिया।
वहीं एसएसपी के निर्देश के बाद पति दिनेश कुमार की तहरीर पर बांसगांव थाने में डॉ. सन्नू राय, डॉ. एसके नायक, डॉ. शैलेष कुमार और आशा कार्यकर्ता गंगोत्री देवी के खिलाफ लापरवाही से ऑपरेशन किए जाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
बघराई स्थित हॉस्पिटल में पहुंचकर दोपहर के समय उप जिलाधिकारी प्रदीप सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. कृष्ण मोहन अग्रवाल व क्षेत्राधिकार बांसगांव दरवेश कुमार की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। हॉस्पिटल एक मकान में संचालित हो रहा था। अवैध हॉस्पिटल पर कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यहां डयूटी कर रहे डॉक्टरों की डिग्री की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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आशा ले गई थी निजी हॉस्पिटल
बांसगांव गोहली बसंत निवासी रेनू (28) के पति दिनेश कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका एक तीन साल का लड़का है। पत्नी रेनू की दूसरी डिलीवरी थी। रविवार शाम उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसकी सूचना गांव की आशा कार्यकर्ता गंगोत्री को दी। आशा की सलाह पर सरकारी एंबुलेंस की मदद से रविवार शाम करीब चार बजे सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। जहां दो घंटे इलाज के बाद डिलीवरी नहीं हुई। तब सीएचसी के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन आशा ने बहला-फुसलाकर बघराई में स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के हाॅस्पिटल में ले जाकर भर्ती करा दिया। वहां पहले रुपये जमा कराए गए। इसके बाद देर रात तीन डॉक्टरों डॉ. सन्नू राय, डॉ. एसके नायक, डॉ. शैलेष कुमार ने पत्नी का ऑपरेशन किया। उसे बेटा पैदा हुआ।
ऑपरेशन से बिगड़ी तबीयत
दिनेश का आरोप है कि ऑपरेशन से बच्चे के जन्म देने के बाद ही पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी। सोमवार सुबह हास्पिटल के डाक्टर कार में लादकर उसे दूसरे हाॅस्पिटल में भर्ती कराने निकले। लेकिन रास्ते में ही पत्नी ने दम तोड़ दिया। तब डॉक्टर शव को अपनी कार में लादकर उनवल चौराहे पर पहुंचा। वहां अपने गांव के नाबालिग चालक के हाथ में शव समेत कार सौंप कर डॉक्टर भाग गया।
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कोट-
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हॉस्पिटल में लापरवाही के कारण प्रसूता की मौत का मामला संज्ञान में आया है। इसमें केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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जांच पड़ताल में हॉस्पिटल का नहीं मिला रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की डिग्री की जांच शुरू
बांसगांव (गोरखपुर)। इलाके के बघराई स्थित श्रीगोविंद हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। यहां लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन से प्रसूता की मौत हुई, जांच में यह बात सामने आई। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग, तहसील प्रशासन और थाने की पुलिस ने हॉस्पिटल सील कर दिया।
वहीं एसएसपी के निर्देश के बाद पति दिनेश कुमार की तहरीर पर बांसगांव थाने में डॉ. सन्नू राय, डॉ. एसके नायक, डॉ. शैलेष कुमार और आशा कार्यकर्ता गंगोत्री देवी के खिलाफ लापरवाही से ऑपरेशन किए जाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
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बघराई स्थित हॉस्पिटल में पहुंचकर दोपहर के समय उप जिलाधिकारी प्रदीप सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. कृष्ण मोहन अग्रवाल व क्षेत्राधिकार बांसगांव दरवेश कुमार की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। हॉस्पिटल एक मकान में संचालित हो रहा था। अवैध हॉस्पिटल पर कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यहां डयूटी कर रहे डॉक्टरों की डिग्री की भी जांच शुरू कर दी गई है।
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आशा ले गई थी निजी हॉस्पिटल
बांसगांव गोहली बसंत निवासी रेनू (28) के पति दिनेश कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका एक तीन साल का लड़का है। पत्नी रेनू की दूसरी डिलीवरी थी। रविवार शाम उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसकी सूचना गांव की आशा कार्यकर्ता गंगोत्री को दी। आशा की सलाह पर सरकारी एंबुलेंस की मदद से रविवार शाम करीब चार बजे सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। जहां दो घंटे इलाज के बाद डिलीवरी नहीं हुई। तब सीएचसी के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन आशा ने बहला-फुसलाकर बघराई में स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के हाॅस्पिटल में ले जाकर भर्ती करा दिया। वहां पहले रुपये जमा कराए गए। इसके बाद देर रात तीन डॉक्टरों डॉ. सन्नू राय, डॉ. एसके नायक, डॉ. शैलेष कुमार ने पत्नी का ऑपरेशन किया। उसे बेटा पैदा हुआ।
ऑपरेशन से बिगड़ी तबीयत
दिनेश का आरोप है कि ऑपरेशन से बच्चे के जन्म देने के बाद ही पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी। सोमवार सुबह हास्पिटल के डाक्टर कार में लादकर उसे दूसरे हाॅस्पिटल में भर्ती कराने निकले। लेकिन रास्ते में ही पत्नी ने दम तोड़ दिया। तब डॉक्टर शव को अपनी कार में लादकर उनवल चौराहे पर पहुंचा। वहां अपने गांव के नाबालिग चालक के हाथ में शव समेत कार सौंप कर डॉक्टर भाग गया।
कोट-
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हॉस्पिटल में लापरवाही के कारण प्रसूता की मौत का मामला संज्ञान में आया है। इसमें केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी