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Gorakhpur News: पूर्व विधायक की प्रतिमा हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब नौ सितंबर को होगी
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दिवंगत केदारनाथ सिंह के बंगला व परिसर का प्रकरण : परिजनों ने कोर्ट में शपथपत्र देकर मकान खाली करने की कही बात
मंगलवार को भी बंगले में एहतियात के तौर पर तैनात रही पुलिस
गोरखपुर। पूर्व विधायक दिवंगत केदारनाथ सिंह ''''सैंथवार'''' की प्रतिमा हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर मंगलवार को होने वाली सुनवाई अब टल गई है। सुनवाई की अगली तारीख नौ सितंबर तय की गई है। वहीं केदारनाथ सिंह के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र देकर मकान खाली करने की बात कही है। उनकी मांग है कि प्रतिमा को न हटाया जाए। इसी मांग को लेकर सोमवार को सैंथवार समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। हंगामा के बाद पुलिस ने 41 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। मंगलवार को भी एहतियातन मौके पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
दरअसल, पूर्व विधायक केदार नाथ सिंह को नजूल की जमीन और बंगला पट्टे पर दी गई थी। इसी बीच शहर के अवधेश श्रीवास्तव ने कुछ वर्ष पहले 95 डिसमिल जमीन अपने नाम से फ्री होल्ड करा लिया। इसका सरकारी शुल्क भी जमा कर दिया गया। इसके बाद भी बंगला नहीं खाली हुआ तो फिर अवधेश श्रीवास्तव सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने अवधेश श्रीवास्तव के पक्ष में आदेश दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बंगला खाली कराने के लिए प्रशासन को आदेश दिया है।
हालांकि, उनकी मूर्ति को उसी जमीन पर एक किनारे शिफ्ट करने को भी कहा लेकिन समाज के लोग इसे अपना अपमान मान रहे हैं। वे मूर्ति को वहीं पर स्थापित रहने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर सैंथवार और मल्ल समाज के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। प्रशासन ने इसे हल्के में लिया। सोमवार को केदार सिंह के बंगले पर भीड़ जुट गई। सपा व कांग्रेस के लोग भी समर्थन में वहां पर पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई थी। बाद में एसपी सिटी अभिनव त्यागी भारी फोर्स के साथ खुद मौके पर पहुंचे। शाम को पुलिस ने 41 लोगों को हिरासत में लेकर मामले को शांत कराया और फिर देर रात सभी को छोड़ दिया गया था। एहतियातन मंगलवार को चौकी प्रभारी अवनीश पांडेय पुलिस टीम के साथ बंगले पर मौजूद रहे।
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मंगलवार को भी बंगले में एहतियात के तौर पर तैनात रही पुलिस
गोरखपुर। पूर्व विधायक दिवंगत केदारनाथ सिंह ''''सैंथवार'''' की प्रतिमा हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर मंगलवार को होने वाली सुनवाई अब टल गई है। सुनवाई की अगली तारीख नौ सितंबर तय की गई है। वहीं केदारनाथ सिंह के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र देकर मकान खाली करने की बात कही है। उनकी मांग है कि प्रतिमा को न हटाया जाए। इसी मांग को लेकर सोमवार को सैंथवार समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। हंगामा के बाद पुलिस ने 41 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। मंगलवार को भी एहतियातन मौके पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
दरअसल, पूर्व विधायक केदार नाथ सिंह को नजूल की जमीन और बंगला पट्टे पर दी गई थी। इसी बीच शहर के अवधेश श्रीवास्तव ने कुछ वर्ष पहले 95 डिसमिल जमीन अपने नाम से फ्री होल्ड करा लिया। इसका सरकारी शुल्क भी जमा कर दिया गया। इसके बाद भी बंगला नहीं खाली हुआ तो फिर अवधेश श्रीवास्तव सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने अवधेश श्रीवास्तव के पक्ष में आदेश दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बंगला खाली कराने के लिए प्रशासन को आदेश दिया है।
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हालांकि, उनकी मूर्ति को उसी जमीन पर एक किनारे शिफ्ट करने को भी कहा लेकिन समाज के लोग इसे अपना अपमान मान रहे हैं। वे मूर्ति को वहीं पर स्थापित रहने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर सैंथवार और मल्ल समाज के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। प्रशासन ने इसे हल्के में लिया। सोमवार को केदार सिंह के बंगले पर भीड़ जुट गई। सपा व कांग्रेस के लोग भी समर्थन में वहां पर पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई थी। बाद में एसपी सिटी अभिनव त्यागी भारी फोर्स के साथ खुद मौके पर पहुंचे। शाम को पुलिस ने 41 लोगों को हिरासत में लेकर मामले को शांत कराया और फिर देर रात सभी को छोड़ दिया गया था। एहतियातन मंगलवार को चौकी प्रभारी अवनीश पांडेय पुलिस टीम के साथ बंगले पर मौजूद रहे।
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