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Gorakhpur News: बोगस फर्म के जरिये जीएसटी विभाग को लगाया 4.21 करोड़ का चूना
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जीएसटी अधिकारी ने तीन बोगस फर्म संचालकों के खिलाफ दर्ज कराया केस
रामगढ़ताल थाना पुलिस ने संचालकों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया
गोखपुर। शहर में बोगस फर्म के जरिये 4.21 करोड़ की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आने के बाद जीएसटी के सहायक आयुक्तों ने तीन फर्मों के संचालकों के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
एसजीएसटी के सहायक आयुक्त खंड 11 अजय कुमार ने कोतवाली इलाके के घासीकटरा में कागजों में संचालित श्रीलकी इंटरप्राइजेज के अविनाश उत्तम गाडे पर केस दर्ज कराया है। अविनाश मूल रूप से महाराष्ट्र के अंबेनगर रोड के निवासी है। आरोप है कि फर्म कागजों में संचालित की गई। फर्म ने एक करोड़ 97 लाख 77 हजार 418 रुपये की जीएसटी की चोरी की है। सात अप्रैल 2025 को फर्म का पंजीकरण कराया गया था। मामला उजागर होने पर पांच मई 2025 में पंजीकरण रद्द कर दिया गया।
वहीं दूसरा केस खंड दो के सहायक आयुक्त आरके द्विवेदी ने अशोकनगर कॉलोनी स्थित हिमांशु ट्रेडर्स हुंमायूपुर के हिमांशु पर दर्ज कराया है। आरोप है कि इस फर्म ने एक करोड़ 94 लाख, 38 हजार 557 रुपये का फायदा दूसरे फर्म को पहुंचाकर आईजीएसटी, एसजीएसटी और सीजीएसटी की चोरी की है। इस फर्म ने रुपयों के लेन-देन के लिए नई दिल्ली के एक प्राइवेट बैंक के खाते का इस्तेमाल किया है। फर्म का पंजीकरण 26 नवंबर 2024 को कराया गया और पकड़े जाने के बाद इसे भी पांच मई को ही रद्द किया गया।
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ऐसे ही तीसरा केस भी आरके द्विवेदी ने ही सहारा एस्टेट के वृंदावन कॉलोनी निवासी शैलेश तिवारी की फर्म तिवारी इंटरप्राइजेज पर दर्ज कराया है। आरोप है कि इस फर्म की मदद से दो करोड़ सात लाख 71 हजार 103 रुपये की कर चोरी कर दूसरी फर्म को फायदा पहुंचाया गया है। इस फर्म का पंजीकरण 24 अक्तूबर 2024 में ही रद्द कर दिया गया था। इस फर्म की कंपनियों ने फायदा लिया है।
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फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई तेज, कई और बोगस फर्म जीएसटी के रडार पर
गोरखपुर। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने हाल ही में कई बोगस फर्मों को नोटिस जारी किया है जो लंबे समय से फर्जी पते पर टैक्स चोरी कर रही थीं।
लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर स्थानीय जीएसटी अधिकारी इन फर्जी फर्मों की जांच में जुट गए हैं। इसी क्रम में शहर में भी बड़े पैमाने पर जांच चल रही है। तीन बोगस फर्मों के पकड़े जाने के बाद जीएसटी ने कार्रवाई तेज कर दी है। इससे पहले विभाग ने ऐसे गिरोह का भी पर्दाफाश किया था जो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के पैन और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म चला रहा था। इन फर्मों के जरिये एक करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन पकड़ा गया था। इसके बाद आयकर विभाग ने भी नोटिस जारी किया था। सूत्रों के अनुसार, बोगस फर्मों को नोटिस भेजे गए हैं। सभी की जांच की जा रही है। इनमें से कुछ फर्मों के खिलाफ पहले भी केस दर्ज किए गए हैं।
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रामगढ़ताल थाना पुलिस ने संचालकों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया
गोखपुर। शहर में बोगस फर्म के जरिये 4.21 करोड़ की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आने के बाद जीएसटी के सहायक आयुक्तों ने तीन फर्मों के संचालकों के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
एसजीएसटी के सहायक आयुक्त खंड 11 अजय कुमार ने कोतवाली इलाके के घासीकटरा में कागजों में संचालित श्रीलकी इंटरप्राइजेज के अविनाश उत्तम गाडे पर केस दर्ज कराया है। अविनाश मूल रूप से महाराष्ट्र के अंबेनगर रोड के निवासी है। आरोप है कि फर्म कागजों में संचालित की गई। फर्म ने एक करोड़ 97 लाख 77 हजार 418 रुपये की जीएसटी की चोरी की है। सात अप्रैल 2025 को फर्म का पंजीकरण कराया गया था। मामला उजागर होने पर पांच मई 2025 में पंजीकरण रद्द कर दिया गया।
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वहीं दूसरा केस खंड दो के सहायक आयुक्त आरके द्विवेदी ने अशोकनगर कॉलोनी स्थित हिमांशु ट्रेडर्स हुंमायूपुर के हिमांशु पर दर्ज कराया है। आरोप है कि इस फर्म ने एक करोड़ 94 लाख, 38 हजार 557 रुपये का फायदा दूसरे फर्म को पहुंचाकर आईजीएसटी, एसजीएसटी और सीजीएसटी की चोरी की है। इस फर्म ने रुपयों के लेन-देन के लिए नई दिल्ली के एक प्राइवेट बैंक के खाते का इस्तेमाल किया है। फर्म का पंजीकरण 26 नवंबर 2024 को कराया गया और पकड़े जाने के बाद इसे भी पांच मई को ही रद्द किया गया।
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ऐसे ही तीसरा केस भी आरके द्विवेदी ने ही सहारा एस्टेट के वृंदावन कॉलोनी निवासी शैलेश तिवारी की फर्म तिवारी इंटरप्राइजेज पर दर्ज कराया है। आरोप है कि इस फर्म की मदद से दो करोड़ सात लाख 71 हजार 103 रुपये की कर चोरी कर दूसरी फर्म को फायदा पहुंचाया गया है। इस फर्म का पंजीकरण 24 अक्तूबर 2024 में ही रद्द कर दिया गया था। इस फर्म की कंपनियों ने फायदा लिया है।
फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई तेज, कई और बोगस फर्म जीएसटी के रडार पर
गोरखपुर। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने हाल ही में कई बोगस फर्मों को नोटिस जारी किया है जो लंबे समय से फर्जी पते पर टैक्स चोरी कर रही थीं।
लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर स्थानीय जीएसटी अधिकारी इन फर्जी फर्मों की जांच में जुट गए हैं। इसी क्रम में शहर में भी बड़े पैमाने पर जांच चल रही है। तीन बोगस फर्मों के पकड़े जाने के बाद जीएसटी ने कार्रवाई तेज कर दी है। इससे पहले विभाग ने ऐसे गिरोह का भी पर्दाफाश किया था जो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के पैन और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म चला रहा था। इन फर्मों के जरिये एक करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन पकड़ा गया था। इसके बाद आयकर विभाग ने भी नोटिस जारी किया था। सूत्रों के अनुसार, बोगस फर्मों को नोटिस भेजे गए हैं। सभी की जांच की जा रही है। इनमें से कुछ फर्मों के खिलाफ पहले भी केस दर्ज किए गए हैं।