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Gorakhpur News: हरित क्षेत्र ...10 कॉलोनियों के 3000 मकानों पर संकट

Sat, 27 Jul 2024 04:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2024 04:50 AM IST
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Gorakhpur News: 
Green area...3000 houses in 10 colonies in
गोरखपुर। इंजीनियरिंग कॉलेज, एम्स और एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं नजदीक देखकर बड़ी संख्या में लोगों ने सिंघड़िया और झारखंडी टुकड़ा नंबर दो में घर बनाया था। नगर निगम की ओर से सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन जीडीए की महायोजना-2031 में शामिल नहीं होने पर यहां के लोगों की चिंता बढ़ गई है। यह पूरा इलाका हरित क्षेत्र घोषित हुआ है। 10 से ज्यादा काॅलोनियों के लगभग 3000 मकानों पर संकट खड़ा हो गया है। लोगों का डर सता रहा है कि जीवनभर की पूंजी लगाकर जिस आशियाने को बनाया, वह कहींटूट न जाए।
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देवरिया रोड स्थित आदर्शनगर, सिंघड़िया, गैस गोदाम रोड, सरवन नगर, साईं धाम, स्वर्ण सिटी, वसुंधरा नगर, प्रज्ञापुरम समेत तमाम काॅलोनियों में ज्यादातर सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त लोगों ने मकान बनवाए हैं। इसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक भी हैं। जीडीए ने महायोजना 2031 में इस इलाके को हरित क्षेत्र घोषित किया है। हरित क्षेत्र में निर्माण कार्य नहीं हो सकता। जबकि सिंघड़िया और झारखंडी टुकड़ा नंबर दो के इस इलाके में करीब 1500 से ज्यादा आलीशान मकान, दुकान बने हुए हैं। कुछ घर ऐसे भी हैं, जो करीब 50 वर्ष पहले बने थे।
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पूरे इलाके में अब कहीं खाली प्लॉट नहीं है। पिछले दो साल से यहां के लोग इस क्षेत्र को आवासीय घोषित करने की मांग कर रहे हैं। महायोजना प्रारूप 2031 लागू करने से पहले लोगों से आपत्तियां मांगी गई थी। इस इलाके से लगभग 1300 से अधिक आपत्तियां लिखित या ई-मेल से दाखिल की गई थीं। इस पर जीडीए प्रशासन ने गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सुनवाई की थी, लेकिन इस इलाके के लोगों की मांग को दरकिनार कर दिया गया।
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सीवरलाइन और गैस पाइपलाइन भी



इस इलाके में जल निगम की ओर से सीवरलाइन बिछाने के बाद हर घर को कनेक्शन दिया गया है। इसके साथ ही घर-घर में जलकल की पाइप लाइन, रसोई गैस कनेक्शन भी है। नगर निगम व विधायक निधि से सड़क और नालियों का निर्माण के साथ ही नगर निगम से गृह कर, कूड़ा कलेक्शन चार्ज वसूलने के कार्य भी यहां नियमित चल रहा है। इलाके की कई सड़कों का लोकार्पण सांसद रहते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कर चुके हैं।



सुप्रीम कोर्ट ने भी किया है सीलिंग मुक्त



वर्ष 2011 में जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को लिखित तौर पर फोटोग्राफ्स के साथ यह जानकारी दी कि झारखंडी टुकड़ा नंबर दो में हजारों आवास बने हैं। सीलिंग के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में भी हजारों आवासों के बनने के आधार पर सिलिंग मुक्त घोषित किया है।



बोले स्थानीय



तमाम आपत्तियों के बाद भी सिंघड़िया और महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो का इलाका हरित क्षेत्र में ही रह गया। इसकी वजह से लोगों में डर का माहौल है। कई बार समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हुआ।



कामेश्वर सिंह



जीवनभर की पूंजी लगाकर हमलोगों ने घर बनवाया है। हरित क्षेत्र में होने की वजह से हमेशा डर सताता रहता है। इलाके में कई बड़े अधिकारियों का आवास है। यह किसी भी तरह से अवैध नहीं है।




भरत सिंह



वर्जन

मामला संज्ञान में है। महायोजना में शामिल करने का प्रयास किया गया था पर कुछ तकनीकी कारणों से नहीं हो पाया। यहां राहत देने के लिए प्रयास किया जा रहा है।



आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष जीडीए
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