{"_id":"6785682ac8e91bca9c01025f","slug":"gorakhpur-news-gorakhpur-link-expressway-now-you-will-have-to-wait-for-three-months-to-travel-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-808615-2025-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखुर लिंक एक्सप्रेस-वे : अब सफर के लिए करना होगा तीन महीने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखुर लिंक एक्सप्रेस-वे : अब सफर के लिए करना होगा तीन महीने का इंतजार
विज्ञापन
- बेलघाट के पास नदी कर रही है एक्सप्रेस-वे और पुल के पास कटान, इसीलिए बंद है एक लेन
- सेतु निगम 198 करोड़ रुपये से करा रहा काम, इंटरचेंज व अन्य अवशेष कार्य भी होंगे तीन महीने में
गोरखपुर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने के लिए अभी तीन महीने और इंतजार करना होगा। इस एक्सप्रेस-वे पर बेलघाट पुल के पास सरयू नदी की धारा मोड़ने का कार्य लंबित होने की वजह से एक लेन पर अभी आवागमन रोका गया है। इसके अलावा कुछ जगहों पर एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने-उतरने वाले रास्ते व कुछ जगहों पर सर्विस लेन का काम अधूरा है, जिसे मार्च तक पूरा किया जाना है। यूपीडा बोर्ड ने इसकी मंजूरी देते हुए तीन महीने समय सीमा बढ़ा दी है। इसके अलावा बचाव कार्य पर होने वाले 198 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की तरफ से कराया जा रहा है। 31 दिसंबर 2024 तक इसका कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य था। इसके अनुसार कार्य तेजी से चल रहा था। नवंबर में फोरलेन का काम पूरा होने के बाद अब उद्घाटन की तैयारी शुरू हो गई थी। इसी बीच दिसंबर में बेलघाट के पास सरयू नदी की धारा मुड़कर नई बनी सड़क और पुल के पास कटान करने लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीडा ने पुल बनाने की विशेषज्ञता वाले संस्थान उत्तर प्रदेश सेतु निगम से सहायता मांगी तो वहां एक विशेषज्ञ ने बीते 05 दिसंबर को मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद 13 दिसंबर को आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञ बुलाए गए। रुड़की से आए विशेषज्ञ ने बताया कि अगर नदी की धारा मोड़ने का कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले समय में लिंक एक्सप्रेस-वे और तटबंध ध्वस्त हो सकता है।
इसके बाद यूपीडा बोर्ड की बैठक में इस पुल को बचाने के लिए नदी की धारा मोड़ने, बांध को मजबूत बनाने और पुल के पास ठोकर निर्माण के लिए 198 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दे दी। इस कार्य के लिए सेतु निगम को एजेंसी चयनित करते हुए 50 करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए। मौके पर सेतु निगम की तरफ से कार्य शुरू करा दिया गया है।
विज्ञापन
-- -
अवशेष कार्य भी कराए जाएंगे
इस सड़क पर खजनी व बेलघाट समेत कई जगहों पर इंटरचेंज (एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने-उतरने वाला मोड़) बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा खजनी से गोरखपुर के बीच कुछ जगहों पर बाईपास का काम अधूरा है। उसे भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
यूपीडा के परियोजना प्रबंधक पीपी वर्मा ने बताया कि नदी की धारा मोड़ने की जिम्मेदारी सेतु निगम को मिली है। वे लोग धारा के बीच में जमा मिट्टी को हटाकर प्रवाह सीधा कराने के साथ ही बांध व पुल को बचाने के लिए ठोकर का भी निर्माण करा रहे हैं। इसके अलावा यूपीडा की तरफ से अवशेष बचे कार्यों को भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है। उम्मीद है कि सभी कार्य मार्च तक पूरा कर लिए जाएंगे।
गोरखपुर से लखनऊ-वाराणसी की राह बनेगी आसान
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस की जरिये गोरखपुर मंडल के लोग सीधे गाजीपुर से लखनऊ के बीच बने पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे से जुड़ जाएंगे। यह मार्ग गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और आंबेडकरनगर की सीमा से सीधे जुड़ रही है। इससे गोरखपुर से लखनऊ जाने का एक और आसान मार्ग मिल जाएगा। इसके अलावा गाजीपुर से वाराणसी और प्रयागराज की राह भी आसान हो जाएगी। एक्सप्रेस-वे का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का दावा करते हुए विभाग ने नए साल में मुख्यमंत्री के हाथों इसके उद्घाटन की तैयारी कर ली थी।
विज्ञापन
- सेतु निगम 198 करोड़ रुपये से करा रहा काम, इंटरचेंज व अन्य अवशेष कार्य भी होंगे तीन महीने में
गोरखपुर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने के लिए अभी तीन महीने और इंतजार करना होगा। इस एक्सप्रेस-वे पर बेलघाट पुल के पास सरयू नदी की धारा मोड़ने का कार्य लंबित होने की वजह से एक लेन पर अभी आवागमन रोका गया है। इसके अलावा कुछ जगहों पर एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने-उतरने वाले रास्ते व कुछ जगहों पर सर्विस लेन का काम अधूरा है, जिसे मार्च तक पूरा किया जाना है। यूपीडा बोर्ड ने इसकी मंजूरी देते हुए तीन महीने समय सीमा बढ़ा दी है। इसके अलावा बचाव कार्य पर होने वाले 198 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की तरफ से कराया जा रहा है। 31 दिसंबर 2024 तक इसका कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य था। इसके अनुसार कार्य तेजी से चल रहा था। नवंबर में फोरलेन का काम पूरा होने के बाद अब उद्घाटन की तैयारी शुरू हो गई थी। इसी बीच दिसंबर में बेलघाट के पास सरयू नदी की धारा मुड़कर नई बनी सड़क और पुल के पास कटान करने लगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीडा ने पुल बनाने की विशेषज्ञता वाले संस्थान उत्तर प्रदेश सेतु निगम से सहायता मांगी तो वहां एक विशेषज्ञ ने बीते 05 दिसंबर को मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद 13 दिसंबर को आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञ बुलाए गए। रुड़की से आए विशेषज्ञ ने बताया कि अगर नदी की धारा मोड़ने का कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले समय में लिंक एक्सप्रेस-वे और तटबंध ध्वस्त हो सकता है।
विज्ञापन
इसके बाद यूपीडा बोर्ड की बैठक में इस पुल को बचाने के लिए नदी की धारा मोड़ने, बांध को मजबूत बनाने और पुल के पास ठोकर निर्माण के लिए 198 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दे दी। इस कार्य के लिए सेतु निगम को एजेंसी चयनित करते हुए 50 करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए। मौके पर सेतु निगम की तरफ से कार्य शुरू करा दिया गया है।
विज्ञापन
अवशेष कार्य भी कराए जाएंगे
इस सड़क पर खजनी व बेलघाट समेत कई जगहों पर इंटरचेंज (एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने-उतरने वाला मोड़) बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा खजनी से गोरखपुर के बीच कुछ जगहों पर बाईपास का काम अधूरा है। उसे भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
यूपीडा के परियोजना प्रबंधक पीपी वर्मा ने बताया कि नदी की धारा मोड़ने की जिम्मेदारी सेतु निगम को मिली है। वे लोग धारा के बीच में जमा मिट्टी को हटाकर प्रवाह सीधा कराने के साथ ही बांध व पुल को बचाने के लिए ठोकर का भी निर्माण करा रहे हैं। इसके अलावा यूपीडा की तरफ से अवशेष बचे कार्यों को भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है। उम्मीद है कि सभी कार्य मार्च तक पूरा कर लिए जाएंगे।
गोरखपुर से लखनऊ-वाराणसी की राह बनेगी आसान
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस की जरिये गोरखपुर मंडल के लोग सीधे गाजीपुर से लखनऊ के बीच बने पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे से जुड़ जाएंगे। यह मार्ग गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और आंबेडकरनगर की सीमा से सीधे जुड़ रही है। इससे गोरखपुर से लखनऊ जाने का एक और आसान मार्ग मिल जाएगा। इसके अलावा गाजीपुर से वाराणसी और प्रयागराज की राह भी आसान हो जाएगी। एक्सप्रेस-वे का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का दावा करते हुए विभाग ने नए साल में मुख्यमंत्री के हाथों इसके उद्घाटन की तैयारी कर ली थी।