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Gorakhpur News: जाइए कराइए इलाज...फिर करिए कामकाज
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रेलवे के एक अफसर को रेल प्रशासन ने मेडिकल लीव पर भेजा
अफसर को स्मृतिभ्रम की बीमारी, कामकाज हो रहा था प्रभावित
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अफसर को महाप्रबंधक के निर्देश पर इलाज के लिए मेडिकल लीव पर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से अधिकारी को स्मृ़ति भ्रम की बीमारी के लक्षण दिख रहे थे, वे अक्सर बातें भूल जाते हैं और इससे कामकाज प्रभावित हो रहा था। हालांकि, अधिकारी अपनी बीमारी को स्वीकार नहीं कर रहे हैं पर रेल प्रशासन ने उनके बदलते व्यवहार को देख इलाज के लिए मेडिकल लीव स्वीकृत कर दिया है। उनके छुट्टी पर जाने के बाद अभी किसी को अतिरिक्त प्रभार नहीं मिला है जिससे फाइलें पेंडिंग हैं।
दरअसल, रेलवे के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत रेलवे अफसर कुछ दिनों से बातें भूल जा रहे हैं। इसके चक्कर में बहुत सारी फाइलें अटकी पड़ी हैं और कामकाज प्रभावित हो रहा था। कुछ दिन पहले महाप्रबंधक ने उन्हें कामकाज को लेकर कुछ दिशा-निर्देश दिए थे लेकिन वे उसे भी भूल गए। बाद में उनकी बीमारी का पता चला। सूत्रों का कहना है कि अफसर मानने को तैयार नहीं है कि वे बातें भूल जाते हैं। लेकिन, उनके मातहत बहुत परेशान हैं। बहुत सारी फाइलों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही थी। इसे देखते हुए दो दिन पहले अफसर को मेडिकल लीव दे दिया गया। एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने मेडिकल लीव पर जाने की पुष्टि की है।
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अफसर को स्मृतिभ्रम की बीमारी, कामकाज हो रहा था प्रभावित
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अफसर को महाप्रबंधक के निर्देश पर इलाज के लिए मेडिकल लीव पर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से अधिकारी को स्मृ़ति भ्रम की बीमारी के लक्षण दिख रहे थे, वे अक्सर बातें भूल जाते हैं और इससे कामकाज प्रभावित हो रहा था। हालांकि, अधिकारी अपनी बीमारी को स्वीकार नहीं कर रहे हैं पर रेल प्रशासन ने उनके बदलते व्यवहार को देख इलाज के लिए मेडिकल लीव स्वीकृत कर दिया है। उनके छुट्टी पर जाने के बाद अभी किसी को अतिरिक्त प्रभार नहीं मिला है जिससे फाइलें पेंडिंग हैं।
दरअसल, रेलवे के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत रेलवे अफसर कुछ दिनों से बातें भूल जा रहे हैं। इसके चक्कर में बहुत सारी फाइलें अटकी पड़ी हैं और कामकाज प्रभावित हो रहा था। कुछ दिन पहले महाप्रबंधक ने उन्हें कामकाज को लेकर कुछ दिशा-निर्देश दिए थे लेकिन वे उसे भी भूल गए। बाद में उनकी बीमारी का पता चला। सूत्रों का कहना है कि अफसर मानने को तैयार नहीं है कि वे बातें भूल जाते हैं। लेकिन, उनके मातहत बहुत परेशान हैं। बहुत सारी फाइलों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही थी। इसे देखते हुए दो दिन पहले अफसर को मेडिकल लीव दे दिया गया। एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने मेडिकल लीव पर जाने की पुष्टि की है।
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