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Gorakhpur News: रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले दो रेल कर्मी व उनके बेटों पर लगा गैंगस्टर
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एक रेलकर्मी हो चुका है सेवानिवृत्त, अनुपस्थित अभ्यर्थियों की जगह अपने बेटों का नाम पैनल में कर लिया था शामिल
सात वर्ष पहले हुई थी परीक्षा, सत्यापन के लिए कोच फैक्ट्री से आए पैनल में हुआ था खेल
आरआरबी के सहायक सचिव की तहरीर पर दिसंबर 2024 में दर्ज हुआ था फर्जीवाड़े का केस
गोरखपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) गोरखपुर से निकाली गई भर्ती में टेक्नीशियन थर्ड के पैनल में फर्जी तरीके से बेटों का नाम जोड़ने के मामले में आरोपी दो रेल कर्मी व उनके बेटों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई है। इसमें एक रेलकर्मी सेवानिवृत्त हो चुका है। आरआरबी के सहायक सचिव एसएन उरांव की तहरीर पर फर्जीवाड़ा करने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने जैसी धाराओं में दिसंबर 2024 में केस दर्ज हुआ था। डीएम की संस्तुति के बाद पुलिस ने चारों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है।
आआरबी गोरखपुर से माॅडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली में नियुक्ति के लिए पैनल लिस्ट जारी की गई थी। इसमें नौ अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे। आरोप है कि आरआरबी में कार्यरत तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य व चेयरमैन के तत्कालीन निजी सचिव द्वितीय रामसजीवन ने अनुपस्थित रहे दो अभ्यर्थियों की जगह अपने-अपने बेटों का नाम शामिल कर दिया। 26 अप्रैल 2024 को सूची माॅडर्न कोच फैक्ट्री भिजवा दी थी। वेरीफिकेशन के लिए आए पत्र के जवाब में जो पत्र कोच फैक्ट्री के कार्मिक विभाग को भेजा गया था, उस पर चेयरमैन के फर्जी हस्ताक्षर करने की बात कही गई थी। संदेह जताया गया था कि चंद्रशेखर आर्य ने फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वेरीफाई कर दिया था।
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इन पर हुई गैंगस्टर की कार्रवाई
मॉडल रेलवे कालोनी में रहने वाले उरुवा बाजार के अमोढ़ा निवासी पूर्व निजी सचिव द्वितीय रामसजीवन, उनके पुत्र सौरभ कुमार व राप्तीनगर फेज फोर, रेल बिहार रोड में रहने वाले गाजीपुर के सहदात थाने के बरहपार नसरतपुर गांव निवासी पूर्व कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य और उनके पुत्र राहुल प्रताप के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई है।
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सात वर्ष पहले हुई थी परीक्षा
छह साल पहले यानी अगस्त 2018 में दो तिथियों नौ एवं 31 को कंप्यूटर आधारित प्रथम परीक्षा हुई थी। 21 जनवरी से 23 जनवरी 2019 तक कंप्यूटर आधारित द्वितीय परीक्षा हुई। 20 जून से 23 जुलाई 2019 तक सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बुलाया गया था। सत्यापन के लिए बुलाने के दौरान ही इस बात की जानकारी हो गई थी कि दो अभ्यर्थी जिनका रोल नंबर 451021087010025 एवं 441018096950222 है वे आने वाले नहीं हैं। उनकी कहीं और नौकरी लग गई है। इसके बाद पहले रोल नंबर पर चंद्रशेखर आर्य के पुत्र सौरभ कुमार व दूसरे पर रामसजीवन के पुत्र राहुल प्रताप का नाम फर्जी तरीके से दर्ज कर दिया गया था। यह पैनल 26 अप्रैल 2024 को तैयार हुआ था।
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सत्यापन के लिए कोच फैक्ट्री से आए पैनल में हुआ खेल
रायबरेली स्थित कोच फैक्ट्री के कार्मिक विभाग की ओर से चार मई 2024 को आरआरबी के चेयरमैन को पत्र लिखकर सत्यापन कराने को कहा गया था। आठ मई 2024 को यह कहते हुए पैनल की पुष्टि की गई कि यह पैनल आरआरबी गोरखपुर की ओर से जारी किया गया था। उसके नीचे आरआरबी के चेयरमैन का हस्ताक्षर भी था। सहायक सचिव ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि यह हस्ताक्षर चेयरमैन के नहीं हैं बल्कि चंद्रशेखर आर्य की राइटिंग है। चंद्रशेखर आर्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस मामले में दोनों अभ्यर्थियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
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कोट...
पुलिस ने रेलवे भर्ती बोर्ड के सहायक सचिव की ओर से आई तहरीर पर सभी आरोपियों पर पहले ही केस दर्ज कर लिया था। डीएम की संस्तुति पर चारों आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। चारों आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा लेकर आगे की कार्रवाई में पुलिस जुटी है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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सात वर्ष पहले हुई थी परीक्षा, सत्यापन के लिए कोच फैक्ट्री से आए पैनल में हुआ था खेल
आरआरबी के सहायक सचिव की तहरीर पर दिसंबर 2024 में दर्ज हुआ था फर्जीवाड़े का केस
गोरखपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) गोरखपुर से निकाली गई भर्ती में टेक्नीशियन थर्ड के पैनल में फर्जी तरीके से बेटों का नाम जोड़ने के मामले में आरोपी दो रेल कर्मी व उनके बेटों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई है। इसमें एक रेलकर्मी सेवानिवृत्त हो चुका है। आरआरबी के सहायक सचिव एसएन उरांव की तहरीर पर फर्जीवाड़ा करने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने जैसी धाराओं में दिसंबर 2024 में केस दर्ज हुआ था। डीएम की संस्तुति के बाद पुलिस ने चारों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है।
आआरबी गोरखपुर से माॅडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली में नियुक्ति के लिए पैनल लिस्ट जारी की गई थी। इसमें नौ अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे। आरोप है कि आरआरबी में कार्यरत तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य व चेयरमैन के तत्कालीन निजी सचिव द्वितीय रामसजीवन ने अनुपस्थित रहे दो अभ्यर्थियों की जगह अपने-अपने बेटों का नाम शामिल कर दिया। 26 अप्रैल 2024 को सूची माॅडर्न कोच फैक्ट्री भिजवा दी थी। वेरीफिकेशन के लिए आए पत्र के जवाब में जो पत्र कोच फैक्ट्री के कार्मिक विभाग को भेजा गया था, उस पर चेयरमैन के फर्जी हस्ताक्षर करने की बात कही गई थी। संदेह जताया गया था कि चंद्रशेखर आर्य ने फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वेरीफाई कर दिया था।
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इन पर हुई गैंगस्टर की कार्रवाई
मॉडल रेलवे कालोनी में रहने वाले उरुवा बाजार के अमोढ़ा निवासी पूर्व निजी सचिव द्वितीय रामसजीवन, उनके पुत्र सौरभ कुमार व राप्तीनगर फेज फोर, रेल बिहार रोड में रहने वाले गाजीपुर के सहदात थाने के बरहपार नसरतपुर गांव निवासी पूर्व कार्यालय अधीक्षक चंद्रशेखर आर्य और उनके पुत्र राहुल प्रताप के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई है।
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सात वर्ष पहले हुई थी परीक्षा
छह साल पहले यानी अगस्त 2018 में दो तिथियों नौ एवं 31 को कंप्यूटर आधारित प्रथम परीक्षा हुई थी। 21 जनवरी से 23 जनवरी 2019 तक कंप्यूटर आधारित द्वितीय परीक्षा हुई। 20 जून से 23 जुलाई 2019 तक सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बुलाया गया था। सत्यापन के लिए बुलाने के दौरान ही इस बात की जानकारी हो गई थी कि दो अभ्यर्थी जिनका रोल नंबर 451021087010025 एवं 441018096950222 है वे आने वाले नहीं हैं। उनकी कहीं और नौकरी लग गई है। इसके बाद पहले रोल नंबर पर चंद्रशेखर आर्य के पुत्र सौरभ कुमार व दूसरे पर रामसजीवन के पुत्र राहुल प्रताप का नाम फर्जी तरीके से दर्ज कर दिया गया था। यह पैनल 26 अप्रैल 2024 को तैयार हुआ था।
सत्यापन के लिए कोच फैक्ट्री से आए पैनल में हुआ खेल
रायबरेली स्थित कोच फैक्ट्री के कार्मिक विभाग की ओर से चार मई 2024 को आरआरबी के चेयरमैन को पत्र लिखकर सत्यापन कराने को कहा गया था। आठ मई 2024 को यह कहते हुए पैनल की पुष्टि की गई कि यह पैनल आरआरबी गोरखपुर की ओर से जारी किया गया था। उसके नीचे आरआरबी के चेयरमैन का हस्ताक्षर भी था। सहायक सचिव ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि यह हस्ताक्षर चेयरमैन के नहीं हैं बल्कि चंद्रशेखर आर्य की राइटिंग है। चंद्रशेखर आर्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस मामले में दोनों अभ्यर्थियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
कोट...
पुलिस ने रेलवे भर्ती बोर्ड के सहायक सचिव की ओर से आई तहरीर पर सभी आरोपियों पर पहले ही केस दर्ज कर लिया था। डीएम की संस्तुति पर चारों आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। चारों आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा लेकर आगे की कार्रवाई में पुलिस जुटी है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट