{"_id":"688e6ff4be19ed3ec80057b5","slug":"gorakhpur-news-even-after-the-balcony-collapsed-classes-were-being-conducted-in-a-dilapidated-building-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-1024653-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: छज्जा गिरने के बाद भी जर्जर भवन में संचालित हो रही थीं कक्षाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: छज्जा गिरने के बाद भी जर्जर भवन में संचालित हो रही थीं कक्षाएं
विज्ञापन
विकास खंड चरगांवा चिलुआताल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बालापार कंपोजिट विद्यालय का टूट कर गिरा
बीएसए के निर्देशों को दरकिनार कर चल रही थीं कक्षाएं
घायल बच्चे की मां को नहीं बताई घटना
गोरखपुर। कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बरामदे का छज्जा विगत जून माह में ही टूटकर गिरा था। इसके बावजूद प्रधानाध्यापिका विद्यालय में कक्षा संचालित करा रही थीं। जबकि राजस्थान में विद्यालय की छत गिरने की घटना के बाद बीएसए ने सभी जर्जर विद्यालयों में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दिए थे। बीएसए ने कहा था कि जर्जर भवन में किसी अप्रिय घटना होने पर प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे।
शनिवार को जिस कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय की छत का प्लास्टर टूटकर गिरा, उस विद्यालय के जिम्मेदारों ने रंग-रोगन कराकर भवन की कमियों को छुपाया था। शनिवार की घटना के बाद घायल छात्र विक्रम के परिजनों की जानकारी विद्यालय की ओर से नहीं दी गई। गांव की महिला से जानकारी होने पर जब विक्रम की मां लक्ष्मी विद्यालय पहुंचीं तो उनसे प्रधानाध्यापिका ने झूठ बोला कि जंगले के छज्जे से टकराकर विक्रम का सिर फटा है। लक्ष्मी को प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया, जबकि छत का प्लास्टर गिरने से विक्रम को चोट लगी थी।
....
विद्यालय में पढ़ते हैं 280 विद्यार्थी
कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय बालापार में 280 बच्चे पंजीकृत हैं। शनिवार को बच्चों की संख्या कम थी। कक्षा पांच में सिर्फ 13 विद्यार्थी आए थे। अगर विद्यालय में अधिक छात्र आए होते तो छत का प्लास्टर गिरने से और अधिक विद्यार्थी चोटिल हो सकते थे। आदेशों की अवहेलना करने पर बीएसएस रमेंद्र कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापिका सुनीता अग्रहरी को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
.........
जिले के करीब 50 विद्यालय जर्जर
जिले के करीब 50 विद्यालय जर्जर घोषित किए जा चुके हैं। इनमें से कई में जहां बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई करते हैं तो कुछ के बच्चों को निकट के सुरक्षित भवनों में शिफ्ट कर शिक्षा विभाग द्वारा पठन-पाठन की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की कवायद भी शुरू करा दी गई है।
विज्ञापन
घायल बच्चे की मां को नहीं बताई घटना
गोरखपुर। कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बरामदे का छज्जा विगत जून माह में ही टूटकर गिरा था। इसके बावजूद प्रधानाध्यापिका विद्यालय में कक्षा संचालित करा रही थीं। जबकि राजस्थान में विद्यालय की छत गिरने की घटना के बाद बीएसए ने सभी जर्जर विद्यालयों में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दिए थे। बीएसए ने कहा था कि जर्जर भवन में किसी अप्रिय घटना होने पर प्रधानाध्यापक जिम्मेदार होंगे।
शनिवार को जिस कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय की छत का प्लास्टर टूटकर गिरा, उस विद्यालय के जिम्मेदारों ने रंग-रोगन कराकर भवन की कमियों को छुपाया था। शनिवार की घटना के बाद घायल छात्र विक्रम के परिजनों की जानकारी विद्यालय की ओर से नहीं दी गई। गांव की महिला से जानकारी होने पर जब विक्रम की मां लक्ष्मी विद्यालय पहुंचीं तो उनसे प्रधानाध्यापिका ने झूठ बोला कि जंगले के छज्जे से टकराकर विक्रम का सिर फटा है। लक्ष्मी को प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया, जबकि छत का प्लास्टर गिरने से विक्रम को चोट लगी थी।
विज्ञापन
....
विद्यालय में पढ़ते हैं 280 विद्यार्थी
कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय बालापार में 280 बच्चे पंजीकृत हैं। शनिवार को बच्चों की संख्या कम थी। कक्षा पांच में सिर्फ 13 विद्यार्थी आए थे। अगर विद्यालय में अधिक छात्र आए होते तो छत का प्लास्टर गिरने से और अधिक विद्यार्थी चोटिल हो सकते थे। आदेशों की अवहेलना करने पर बीएसएस रमेंद्र कुमार सिंह ने प्रधानाध्यापिका सुनीता अग्रहरी को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
.........
जिले के करीब 50 विद्यालय जर्जर
जिले के करीब 50 विद्यालय जर्जर घोषित किए जा चुके हैं। इनमें से कई में जहां बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई करते हैं तो कुछ के बच्चों को निकट के सुरक्षित भवनों में शिफ्ट कर शिक्षा विभाग द्वारा पठन-पाठन की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की कवायद भी शुरू करा दी गई है।