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Gorakhpur News: महिला अस्पताल की ओटी के बाहर लगे आठ कैमरे, 24 घंटे रहेंगे सक्रिय
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अब ऑपरेशन थिएटर पर रहेगी सख्त निगरानी
गोरखपुर। पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध वसूली पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ओटी को निगरानी में लेने का फैसला लिया गया है। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के बाहर आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हाई-रिजॉल्यूशन वाले यह कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग को पिछले कुछ महीनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ऑपरेशन के दौरान मरीजों से अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है। तीमारदारों का आरोप था कि बिना रुपये दिए ऑपरेशन में देरी की जाती है और रुपये नहीं देने पर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। सब कुछ ओटी के बाहर ही फिक्स हो जाता था। आरोप है कि मांग पूरी होने पर ही डॉक्टर ऑपरेशन करते थे। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कैमरे लगाने का फैसला लिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में लगी निगरानी प्रणाली न केवल अवैध वसूली को रोकेगी बल्कि चिकित्सा प्रक्रियाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को भी बढ़ाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शोभावती ने बताया कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को रोकने के लिए की गई है। अब हर सर्जिकल प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। अगर कोई शिकायत आती है तो फुटेज की मदद से जांच आसान होगी। मामले की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जा सकेगी।
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गोरखपुर। पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध वसूली पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ओटी को निगरानी में लेने का फैसला लिया गया है। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के बाहर आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हाई-रिजॉल्यूशन वाले यह कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग को पिछले कुछ महीनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ऑपरेशन के दौरान मरीजों से अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है। तीमारदारों का आरोप था कि बिना रुपये दिए ऑपरेशन में देरी की जाती है और रुपये नहीं देने पर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। सब कुछ ओटी के बाहर ही फिक्स हो जाता था। आरोप है कि मांग पूरी होने पर ही डॉक्टर ऑपरेशन करते थे। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कैमरे लगाने का फैसला लिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में लगी निगरानी प्रणाली न केवल अवैध वसूली को रोकेगी बल्कि चिकित्सा प्रक्रियाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को भी बढ़ाएगी।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शोभावती ने बताया कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को रोकने के लिए की गई है। अब हर सर्जिकल प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। अगर कोई शिकायत आती है तो फुटेज की मदद से जांच आसान होगी। मामले की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जा सकेगी।
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