फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Eid Miladunnabi's gathering will be special... 1500 years are being completed

Gorakhpur News: खास होगी ईद मिलादुन्नबी की महफिल...1500 साल हो रहे पूरे

Sat, 30 Aug 2025 02:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:01 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Eid Miladunnabi's gathering will be special... 1500 years are being completed
पैगंबर-ए-इस्लाम मुहम्मद साहब के जन्मदिवस के 1,500 साल पूरे होने पर तैयारियों में जुटे लोग
विज्ञापन

गोरखपुर। इस्लामी माह रबीउल अव्वल में ईद मिलादुन्नबी (पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब का जन्मदिवस) पांच सितंबर को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। इस बार अल्लाह के आखिरी नबी हजरत मुहम्मद साहब को दुनिया में तशरीफ लाने के 1,500 साल पूरे हो जाएंगे। ऐसे में ईद मिलादुन्नबी को खास बनाने की तैयारी की जा रही है। रबीउल अव्वल के पहले जुमे के मौके पर उलेमाओं ने तकरीर में नबी की शान बयान की और इस महीने को सुन्नत के मुताबिक गुजारने की ताकीद की।
उंचवा मस्जिद के इमाम अहमदुल्लाह ने बताया कि इस्लाम में ईद मनाने का तरीका खास नमाज है। ऐसे में बड़ी खुशी मनाने के लिए नमाज और इबादत में इजाफा करें। साथ ही पैगंबर मुहम्मद साहब की सुन्नतों पर चलने की कोशिश करें।
विज्ञापन

सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि पांच सितंबर (12 रबीउल अव्वल शरीफ) को अल्लाह के आखिरी नबी हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दुनिया में तशरीफ लाने के 1,500 साल पूरे हो जाएंगें। इस बार की ईद मिलादुन्नबी हम सभी के लिए बेहद खास है। समाजसेवी नेहाल अहमद ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के मौके पर देशवासियों में फूल और मिठाइयां बांट कर उन्हें पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत व पैगाम से रूबरू करवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन ने कहा कि शरीअत के दायरे में रहकर ईद मिलादुन्नबी की खुशियां मनाएं। गाइडलाइन के मुताबिक पुरअमन तरीके से तयशुदा रास्तों से जुलूस-ए-मुहम्मदी निकालें। प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर उन्हें पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत व शिक्षाओं पर आधारित कोई किताब, फूल और मिठाइयों के साथ मुबारकबाद पेश करें। अल्लाह की इबादत करें।


वरिष्ठ शिक्षक आसिफ महमूद ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत नई नस्ल तक पहुंचाने के लिए निबंध लेखन व सवाल-जवाब प्रतियोगिता आयोजित की जाए। मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर के शिक्षक कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की याद में गरीबों व यतीमों के बीच जाकर वक्त गुजारें, उन पर शफकत करें, कपड़ा खाना वगैरह बांटें और उनके काम आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed