फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: DDU: In this session too, admission to PhD will be done as per the old rules

डीडीयू : इस सत्र में भी पुरानी नियमावली से ही होगा पीएचडी में प्रवेश

Sat, 19 Oct 2024 05:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:32 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: DDU: In this session too, admission to PhD will be done as per the old rules
गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में इस सत्र में भी पुराने नियम के अनुसार पीएचडी में प्रवेश लिया जाएगा। पीएचडी को लेकर जारी यूजीसी की गाइड लाइन स्पष्ट नहीं होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय इस नए सत्र में भी शोध प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पीएचडी में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहा है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इसे लेकर निर्णय ले लिया है और शोध व विकास प्रकोष्ठ और प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशकों को इस दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के लिए निर्देशित कर दिया है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एक दिशा-निर्देश ने सत्र 2024-25 से विश्वविद्यालय की शोध पात्रता परीक्षा पर विराम लगा दिया था। आयोग की ओर से यह निर्देश दिए गए थे कि सत्र 2024-25 में विश्वविद्यालय उन्हीं विद्यार्थियों का प्रवेश लेंगे, जिन्होंने यूजीसी से नेट या जेआरएफ प्रमाणपत्र प्राप्त किया है, या पीएचडी प्रवेश की अर्हता परीक्षा पास की है। इस निर्देश के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2023-24 सत्र मेंं पीएचडी में प्रवेश के लिए शोध पात्रता परीक्षा इस घोषणा के साथ कराई कि शोध में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित होने वाली यह अंतिम परीक्षा होगी, लेकिन जब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शोध में प्रवेश को लेकर अपने द्वारा जारी दिशा-निर्देश पर मंथन की बात कही तो उसका फायदा उठाकर लखनऊ विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालयों ने सत्र 2024-25 के लिए शोध पात्रता परीक्षा आयोजित करने का निर्णय ले लिया, और विद्यार्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित कर लिया।
विज्ञापन

जब यह जानकारी गोरखपुर विश्वविद्यालय तक पहुंची तो कुलपति ने भी अपनी टीम को शोध पात्रता परीक्षा की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश जारी कर दिया। कुलपति के निर्देश के बाद शोध व विकास प्रकोष्ठ ने विभागों से पीएचडी की रिक्त सीटों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे ही रिक्तियां स्पष्ट हो जाएंगी, प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय की योजना वर्ष के दिसंबर तक शोध पात्रता परीक्षा आयोजित कर लेने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------

नए शोध अध्यादेश के आधार पर होगा पीएचडी में प्रवेश
सत्र 2024-25 में भी पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया विश्वविद्यालय द्वारा 2024 में तैयार किए गए नए शोध अध्यादेश के आधार पर ही होगी। पहले प्रवेश की परीक्षा कराई जाएगी, उसके बाद सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। दोनों के अंकों को मिलाकर परिणाम जारी किया जाएगा। नेट व जेआरएफ उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। यह अंक कितने होंगे, इस पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। पिछली प्रवेश परीक्षा में जेआरएफ पर 20 और नेट पर 10 अतिरिक्त अंक दिए गए थे। यह अंक इतने ज्यादा थे कि कुछ विभागों मेंं प्रवेश परीक्षा के आयाेजन के औचित्य पर ही सवाल उठने लगा था, क्योंकि ज्यादातर वहीं विद्यार्थी सफल हो गए थे, जो नेट या जेआरएफ थे। बिना इस अर्हता के प्रवेश परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी थी।

-----
वर्जन...
विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 में शोध पात्रता परीक्षा के माध्यम से ही पीएचडी में प्रवेश लिया जाएगा। इसके लिए शोध व विकास प्रकोष्ठ व प्रवेश प्रकोष्ठ को निर्देशित किया गया है। रिक्त सीटोंं की स्थिति स्पष्ट होते ही आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed