फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Dahala murder case: First testimony will be given in fast track court on August 8

दहला हत्याकांड : आठ अगस्त को फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी पहली गवाही

Tue, 29 Jul 2025 01:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:37 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Dahala murder case: First testimony will be given in fast track court on August 8
सोमवार को होनी थी गवाही, टलने से निराश होकर लौटे चश्मदीद गवाह के रूप में मुन्नी लाल
विज्ञापन

गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के दहला गांव में 13 दिसंबर की रात एक ही परिवार के चार लोगों की जलाकर हत्या कर दी गई थी। घटना के आठ माह बाद सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की पहली गवाही थी लेकिन टल गई। अब आठ अगस्त को मुन्नी लाल की गवाही होगी।
दहला गांव 13 दिसंबर की रात आगजनी की घटना से दहल गया। रात 11:30 बजे अचानक मुन्नी लाल के घर से चीखने चिल्लाने की आवाज आने लगी। दो कमरों से आग की लपटें निकल रही थीं। दोनों कमरों के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था। अंदर एक कमरे में मुन्नी लाल का बेटा बृजेश निषाद पत्नी मधु और तीन साल की बेटी रिद्धिमा के साथ बचाने के लिए चिल्ला रहे थे। वहीं, दूसरे कमरे में अरविंद पत्नी माला के साथ बाहर आने के लिए जूझ रहा था।
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर में आग लगाने वाला बड़ा भाई बेचन निषाद हाथ में रॉड लेकर चिल्ला-चिल्ला कर बोल रहा था कि आज सबको जिंदा जला दूंगा। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित होने पर वह भाग गया था। मुन्नी लाल का नाती पप्पू साहनी घटना वाली रात घर पर ही रुका था। घटना के बाद वह आग बुझाने के लिए 45 मिनट तक बाल्टी से पानी लाकर दोनों कमरों में फेंकता रहा लेकिन आग नहीं बुझी। तभी अचानक कमरे में रखे फ्रिज में विस्फोट हुआ और दीवार फट गई। दीवार तोड़कर पप्पू ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग में फंसे बृजेश निषाद, पत्नी मधु, बच्ची रिद्धिमा (03), अरविंद निषाद और उसकी पत्नी माला को किसी तरह बाहर निकाला। चारों आग से झुलस गए थे। उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों भाइयों और उनकी पत्नियों की मौत हो गई थी। बच्ची रिद्धिमा को डॉक्टरों ने बचा लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

घटना के बाद बड़े भाई बेचन निषाद और उसकी पत्नी को पुलिस ने आरोपी बनाया था। इसके बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना के आठ माह बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस केस की पहली गवाही 28 जुलाई को होनी थी। अब यह टल गई है और गवाही आठ अगस्त को होगी। दो बेटों और दो बहू को खोने के बाद अब बड़े बेटे बेचन के खिलाफ मुन्नी लाल को गवाही देनी है। पुलिस सुरक्षा में उन्हें गवाही के लिए ले जाया जाएगा। बड़ा बेटा वर्तमान में जिला कारागार में बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed