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Gorakhpur News: डोमिनगढ़-गोरखपुर तीसरी लाइन पर दौड़ी सीआरएस स्पेशल... ट्रायल सफल, देर रात से चलने लगीं ट्रेनें
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डोमिनगढ़ गोरखपुर जक्शन के बीच तीसरी लाईन का निरीक्षण करते रेल संरक्षा आयुक्त उत्तर पूर्व सर्किल
मेगा ब्लॉक : शुक्रवार को 14 घंटे ब्लॉक के चलते निरस्त रहीं 110 ट्रेनें, आज भी निरस्त रहेंगी 51 ट्रेनें
सीआरएस ने गोरखपुर-नकहा दोहरीकरण का भी ट्राली पर बैठकर किया निरीक्षण
तीसरी लाइन के निर्माण से आउटर पर नहीं खड़ी होंगी ट्रेनें, सरपट दौड़ेंगी
गोरखपुर। गोरखपुर-लखनऊ मेन रूट पर डोमिनगढ़-गोरखपुर जंक्शन तीसरी लाइन और गोरखपुर से नकहा जंगल दोहरीकरण कार्य पूरा हो गया है। शुक्रवार को रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल प्रणजीव सक्सेना ने ट्रॉली निरीक्षण के बाद शाम को फुल स्पीड में स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर संरक्षा की बारीकियों को परखा। सफल ट्रायल के बाद देर रात ट्रेनों का आवागमन बहाल कर दिया गया।
तीसरी लाइन पर ट्रेनें रेल संरक्षा आयुक्त की रिपोर्ट आने के बाद चलाई जाएंगी, इससे लाइन क्षमता में वृद्धि होगी और ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। शुक्रवार को 14 घंटे मेगा ब्लॉक रहा और 110 ट्रेनें निरस्त रहीं। रात 11 बजे ब्लॉक खत्म हुआ तो देर रात की ट्रेनें चलाई गईं। जबकि, शनिवार को गोरखधाम, लखनऊ-पाटलिपुत्र, लखनऊ इंटरसिटी सहित करीब 40 ट्रेनें चलाई जाएंगी और देहरादून, जम्मूतवी, पूर्वांचल सहित 51 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। रेल प्रशासन धीरे-धीरे ट्रेनों की संख्या बढ़ाएगा। 30 सितंबर से सभी ट्रेनें इस रूट पर चलने लगेंगी।
शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे रेल संरक्षा आयुक्त डोमिनगढ़ पहुंचे और पहले डोमिनगढ़ से गोरखपुर तक ट्राॅली निरीक्षण किया। पॉइंट, सेक्शन, सिग्नल, इलेक्ट्रिक तार, स्लीपर सहित संरक्षा के एक-एक बिंदुओं की गहनता से पड़ताल की। दोपहर में उन्होंने गोरखपुर-नकहा जंगल रेल दोहरीकरण निर्माण कार्य को देखा। फिर शाम को स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर स्पीड ट्रायल भी किया। कुछ दूरी तक ट्रेन 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी दौड़ाई गई। देर शाम रेल संरक्षा आयुक्त लखनऊ रवाना हो गए।
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इलेक्ट्रिक कार्य और एफओबी को तोड़ने का चला पूरे दिन काम
गोरखपुर जं.-डोमिनगढ़ (4 किमी) तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल (5 किमी) दोहरीकरण के साथ विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही गोरखपुर जंक्शन पर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) को तोड़ने का काम भी पूरे दिन चला।
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स्टेशन पर रहा सन्नाटा, ज्यादातर खान-पान स्टाल भी बंद रहे
मेगा ब्लॉक के चलते रेलवे स्टेशन पर पूरे दिन सन्नाटा रहा। प्लेटफॉर्म दो और तीन पर खान-पान के कुछ स्टॉल खुले रहे लेकिन ग्राहक नहीं थे। बाकी स्टॉल बंद रहे। उधर, स्टेशन निदेशक रमनदीप गुप्ता भी कार्य का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश देते रहे।
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दशहरा में कोलकाता नहीं जा पाए यात्री
मेगा ब्लॉक के चलते 22 सितंबर से ही कोलकाता जाने वाली पूर्वांचल एक्सप्रेस निरस्त है। इसके चलते दशहरा में घर जाने वाली बहुत सारे यात्री फंस गए हैं। उन्हें यात्रा निरस्त करनी पड़ी है। पिपराइच के रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि दशहरा में परिवार के साथ कोलकाता जाने की योजना थी लेकिन अब जा पाना मुश्किल लग रहा है। 30 सितंबर को ट्रेन तो चलेगी लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाएगा।
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पांच चरणों में पूरी हुई परियोजना
डोमिनगढ़-गोरखपुर कैंट-कसम्ही तीसरी लाइन व गोरखपुर जं.-नकहा जंगल दोहरीकरण परियोजना (22 किमी) को पूरा करने में 520 करोड़ की लागत आई है। इसे पांच चरणों में पूरा किया गया। प्रथम चरण में नकहा जंगल यार्ड, द्वितीय चरण में गोरखपुर कैंट-कुसम्ही, तृतीय चरण में डोमिनगढ़ यार्ड, चौथे चरण में गोरखपुर जं.-गोरखपुर कैंट, पांचवें चरण में गोरखपुर जं.-डोमिनगढ़ तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण का निर्माण कार्य को पूरा किया गया।
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पांच स्टेशनों पर माउस के एक क्लिक से तय हो रहा रूट
गोरखपुर। डोमिनगढ़, गोरखपुर जं., गोरखपुर कैंट, कुसम्ही और नकहा जंगल स्टेशनों पर ट्रेनें अब कंप्यूटर डिस्प्ले पर माउस के एक क्लिक से संचालित हो रही हैं। प्वाइंट और सिग्नल अब मैनुअल की जगह डिजिटल किया जा रहा है। इन स्टेशनों पर अब इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित कर दी गई है।
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कोट
तीसरी लाइन के निर्माण से लाइन क्षमता में वृद्धि होगी एवं मांग के अनुरूप ट्रेनें अधिक संख्या में तीव्र गति से चलाई जा सकेंगी। यात्री ट्रेनों का संचलन और अधिक सुचारू रूप से होगा, समय पालन में सुधार होगा। इसके साथ ही इस रेल खंड पर चलने वाली मालगाड़ियों के संचलन समय में भी कमी आएगी, जो व्यापारियों व उद्यमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अलावा तीसरी लाइन पर आवागमन आरंभ हो जाने से गोरखपुर कैंट सैटेलाइट स्टेशन के रूप में और बेहतर रूप से कार्य करने लगेगा।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
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सीआरएस ने गोरखपुर-नकहा दोहरीकरण का भी ट्राली पर बैठकर किया निरीक्षण
तीसरी लाइन के निर्माण से आउटर पर नहीं खड़ी होंगी ट्रेनें, सरपट दौड़ेंगी
गोरखपुर। गोरखपुर-लखनऊ मेन रूट पर डोमिनगढ़-गोरखपुर जंक्शन तीसरी लाइन और गोरखपुर से नकहा जंगल दोहरीकरण कार्य पूरा हो गया है। शुक्रवार को रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल प्रणजीव सक्सेना ने ट्रॉली निरीक्षण के बाद शाम को फुल स्पीड में स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर संरक्षा की बारीकियों को परखा। सफल ट्रायल के बाद देर रात ट्रेनों का आवागमन बहाल कर दिया गया।
तीसरी लाइन पर ट्रेनें रेल संरक्षा आयुक्त की रिपोर्ट आने के बाद चलाई जाएंगी, इससे लाइन क्षमता में वृद्धि होगी और ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। शुक्रवार को 14 घंटे मेगा ब्लॉक रहा और 110 ट्रेनें निरस्त रहीं। रात 11 बजे ब्लॉक खत्म हुआ तो देर रात की ट्रेनें चलाई गईं। जबकि, शनिवार को गोरखधाम, लखनऊ-पाटलिपुत्र, लखनऊ इंटरसिटी सहित करीब 40 ट्रेनें चलाई जाएंगी और देहरादून, जम्मूतवी, पूर्वांचल सहित 51 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। रेल प्रशासन धीरे-धीरे ट्रेनों की संख्या बढ़ाएगा। 30 सितंबर से सभी ट्रेनें इस रूट पर चलने लगेंगी।
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शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे रेल संरक्षा आयुक्त डोमिनगढ़ पहुंचे और पहले डोमिनगढ़ से गोरखपुर तक ट्राॅली निरीक्षण किया। पॉइंट, सेक्शन, सिग्नल, इलेक्ट्रिक तार, स्लीपर सहित संरक्षा के एक-एक बिंदुओं की गहनता से पड़ताल की। दोपहर में उन्होंने गोरखपुर-नकहा जंगल रेल दोहरीकरण निर्माण कार्य को देखा। फिर शाम को स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर स्पीड ट्रायल भी किया। कुछ दूरी तक ट्रेन 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी दौड़ाई गई। देर शाम रेल संरक्षा आयुक्त लखनऊ रवाना हो गए।
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इलेक्ट्रिक कार्य और एफओबी को तोड़ने का चला पूरे दिन काम
गोरखपुर जं.-डोमिनगढ़ (4 किमी) तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल (5 किमी) दोहरीकरण के साथ विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही गोरखपुर जंक्शन पर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) को तोड़ने का काम भी पूरे दिन चला।
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स्टेशन पर रहा सन्नाटा, ज्यादातर खान-पान स्टाल भी बंद रहे
मेगा ब्लॉक के चलते रेलवे स्टेशन पर पूरे दिन सन्नाटा रहा। प्लेटफॉर्म दो और तीन पर खान-पान के कुछ स्टॉल खुले रहे लेकिन ग्राहक नहीं थे। बाकी स्टॉल बंद रहे। उधर, स्टेशन निदेशक रमनदीप गुप्ता भी कार्य का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश देते रहे।
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दशहरा में कोलकाता नहीं जा पाए यात्री
मेगा ब्लॉक के चलते 22 सितंबर से ही कोलकाता जाने वाली पूर्वांचल एक्सप्रेस निरस्त है। इसके चलते दशहरा में घर जाने वाली बहुत सारे यात्री फंस गए हैं। उन्हें यात्रा निरस्त करनी पड़ी है। पिपराइच के रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि दशहरा में परिवार के साथ कोलकाता जाने की योजना थी लेकिन अब जा पाना मुश्किल लग रहा है। 30 सितंबर को ट्रेन तो चलेगी लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाएगा।
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पांच चरणों में पूरी हुई परियोजना
डोमिनगढ़-गोरखपुर कैंट-कसम्ही तीसरी लाइन व गोरखपुर जं.-नकहा जंगल दोहरीकरण परियोजना (22 किमी) को पूरा करने में 520 करोड़ की लागत आई है। इसे पांच चरणों में पूरा किया गया। प्रथम चरण में नकहा जंगल यार्ड, द्वितीय चरण में गोरखपुर कैंट-कुसम्ही, तृतीय चरण में डोमिनगढ़ यार्ड, चौथे चरण में गोरखपुर जं.-गोरखपुर कैंट, पांचवें चरण में गोरखपुर जं.-डोमिनगढ़ तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण का निर्माण कार्य को पूरा किया गया।
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पांच स्टेशनों पर माउस के एक क्लिक से तय हो रहा रूट
गोरखपुर। डोमिनगढ़, गोरखपुर जं., गोरखपुर कैंट, कुसम्ही और नकहा जंगल स्टेशनों पर ट्रेनें अब कंप्यूटर डिस्प्ले पर माउस के एक क्लिक से संचालित हो रही हैं। प्वाइंट और सिग्नल अब मैनुअल की जगह डिजिटल किया जा रहा है। इन स्टेशनों पर अब इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित कर दी गई है।
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कोट
तीसरी लाइन के निर्माण से लाइन क्षमता में वृद्धि होगी एवं मांग के अनुरूप ट्रेनें अधिक संख्या में तीव्र गति से चलाई जा सकेंगी। यात्री ट्रेनों का संचलन और अधिक सुचारू रूप से होगा, समय पालन में सुधार होगा। इसके साथ ही इस रेल खंड पर चलने वाली मालगाड़ियों के संचलन समय में भी कमी आएगी, जो व्यापारियों व उद्यमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अलावा तीसरी लाइन पर आवागमन आरंभ हो जाने से गोरखपुर कैंट सैटेलाइट स्टेशन के रूप में और बेहतर रूप से कार्य करने लगेगा।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर