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Gorakhpur News: 'पीडीए की पाठशाला' के चक्कर में अखाड़ा बना कैंट थाना, सपा नेताओं ने 'खाकी' पर लगाया ये आरोप

Sun, 24 Aug 2025 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 24 Aug 2025 01:45 AM IST
सार

महानगर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रतीक को लेकर निकलने लगे तो इंस्पेक्टर ने उन्हें फिर बुला लिया और उल्टा सीधा कहने लगे। इस पर जब विरोध किया तो गाली देने लगे। इसके बाद उनके साथ पुलिस वाले मारपीट करने लगे। बाद में सपा के वरिष्ठ नेता जफर अमीन डक्कू ने एसएसपी से बात कर मामले को खत्म कराया।

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In Gorakhpur, Cantt police station becomes an arena due to PDA's school
कैंट थाना( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बिना अनुमति पीडीए की पाठशाला चलाने को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की तो शुक्रवार देर रात कैंट थाना अखाड़ा बन गया। सपा यूथ ब्रिगेड के एक पदाधिकारी को छुड़ाने शुक्रवार देर रात कैंट थाना पहुंचे महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी का पुलिस वालों से विवाद हो गया। महानगर अध्यक्ष का आरोप है कि पुलिस वालों ने पार्टी नेताओं को गाली दी।
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इसका उन्होंने विरोध किया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि कैंट पुलिस ऐसी किसी घटना से इन्कार कर रही है। उधर, सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना के बारे में महानगर अध्यक्ष से जानकारी ली। बताया जा रहा है कि सपा यूथ बिग्रेड के जिलाध्यक्ष अविनाश तिवारी ने पीडीए की पाठशाला लगाकर फेसबुक पर पोस्ट कर दिया।
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इसकी भनक जब पुलिस को लगी तो उन्हें ढूढ़ने लगी। वह नहीं मिले तो यूथ बिग्रेड के जिला उपाध्यक्ष प्रतीक तिवारी को पुलिस ने उठा लिया। कैंट थाने लाकर वह अविनाश के बारे में पूछने लगी। इसकी जानकारी होने पर सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने कैंट इंस्पेक्टर से बात की और उसे छोड़ने को कहा।
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शब्बीर का कहना है कि एसएचओ कैंट संजय सिंह ने कहा कि वह प्रतीक को शाम तक छोड़ देंगे लेकिन छोड़ा नहीं गया। इसके बाद उन्होंने एसएसपी से पूरी बात बताई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि छूट जाएगा। इसके बाद भी जब नहीं छोड़ा गया तो वह थाने पहुंच गए। कुछ देर में प्रतीक को छोड़ दिया गया।


महानगर अध्यक्ष का कहना है कि प्रतीक को लेकर निकलने लगे तो इंस्पेक्टर ने उन्हें फिर बुला लिया और उल्टा सीधा कहने लगे। इस पर जब विरोध किया तो गाली देने लगे। इसके बाद उनके साथ पुलिस वाले मारपीट करने लगे। बाद में सपा के वरिष्ठ नेता जफर अमीन डक्कू ने एसएसपी से बात कर मामले को खत्म कराया।

थाने पर मारपीट की कोई घटना नहीं हुई है। सपा कार्यकर्ता पीडीए पाठशाला की अनुमति मांग रहे थे। उन्हें समझा कर भेज दिया गया: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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