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बेतिया एस्टेट : प्रयागराज के मंडलेश्वरी सिंह ने किया उत्तराधिकार का दावा
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पिता भी कर चुके हैं दावा, उनके निधन के बाद अब बेटे ने खुद को महारानी के भाई का प्रपौत्र बताया
नोटिस मिलने के बाद बेतिया एस्टेट की ओर से तैयार हो रहा जवाब
महराजगंज में महारानी के नाम की जमीन की रिपोर्ट प्रशासक ने बिहार सचिवालय को भेजी
गोरखपुर। बेतिया एस्टेट की जमीनों की खोजबीन के बीच प्रयागराज के आनापुर के मंडलेश्वरी शरण सिंह ने खुद को महारानी जानकी कुंवर का प्रपौत्र बताते हुए राजघराने के उत्तराधिकारी होने का दावा किया है। इस मामले में बिहार सरकार को भी उन्होंने पत्र भेजा है। बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक अब इस मामले में जवाब तैयार करवा रहे हैं। जल्द ही प्रयागराज सिविल कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
दरअसल, बेतिया एस्टेट के अंतिम राजा हरेंद्र किशोर सिंह की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उनकी मृत्यु के बाद बेतिया एस्टेट का कोई सीधा वारिस नहीं बचा। उनकी पत्नी महारानी जानकी कुंवर इस राजघराने की अंतिम वारिस थीं। 1954 में उनका निधन हो गया। इसके बाद यूपी और बिहार में उनकी संपत्तियों को लेकर कई बार लोगों ने वारिस होने का दावा किया।
इसी क्रम में प्रयागराज के बिजेश्वरी शरण सिंह ने रिश्तेदार बताकर सिविल कोर्ट, प्रयागराज में दावा किया। सुनवाई के बीच ही कोराेना काल में उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके बेटे मंडलेश्वरी शरण सिंह ने खुद को महारानी के भाई का प्रपौत्र बताकर उत्तराधिकारी होने का दावा किया। इस मामले में अब कोर्ट ने दूसरे पक्ष यानी बिहार सरकार के प्रशासक से जवाब मांगा है।
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वर्जन
बेतिया एस्टेट के वंशज के रूप में मंडलेश्वरी शरण सिंह की ओर से दावा किया गया है। उनके पिता ने भी दावा किया था जिसका जवाब पूर्व में दिया जा चुका है। करीब 15 दिनों पहले प्रयागराज में बेतिया एस्टेट के अधिवक्ता ने इस मामले में विमर्श किया है। जल्द ही जवाब तैयार कराकर दाखिल किया जाएगा। इसके अलावा महराजगंज के पिपरिया गांव में खेवट दस्तावेज में 217 एकड़ जमीन में महारानी जानकी कुंवर का नाम सह हिस्सेदार में है। इसकी रिपोर्ट भी बिहार सरकार को दी गई है।
- बद्री प्रसाद गुप्ता, प्रशासक, बिहार सरकार एवं सहायक बंदोबस्त अधिकारी
गोरखपुर-बस्ती मंडल में है 102 एकड़ जमीन
गोरखपुर। गोरखपुर-बस्ती मंडल में बेतिया एस्टेट की 102 एकड़ जमीन है। इसमें सबसे ज्यादा गोरखपुर में 50.92 एकड़ जमीन बेतियाता मोहल्ले में है। 37.54 एकड़ जमीन कुशीनगर जिले के कप्तानगंज तहसील के नौ गांवों में है।
2018 में कराए गए सर्वे के मुताबिक, महराजगंज के परतावल तहसील के पिपरिया में 7.53 एकड़ जमीन है लेकिन अब खेवट दस्तावेजों में यह जमीन बढ़ सकती है। इस गांव में 217 एकड़ जमीन में बेतिया एस्टेट की महारानी जानकी कुंवर का नाम दर्ज है। इसे आधार बनाकर अब बेतिया एस्टेट के प्रशासक ने जिला प्रशासन से पैमाइश कराने की मांग की है और बिहार सरकार के सचिवालय को रिपोर्ट भेज दी है। उधर, गोरखपुर के बेतियाहाता मोहल्ले में बेतिया एस्टेट की जमीनों पर कब्जा के मामले में 31 लोगों के खिलाफ बिहार सरकार के प्रशासक ने एसडीएम कोर्ट में बेदखली का वाद दाखिल कराया है। इस मामले में अब सभी लोगों को एसडीएम कोर्ट की ओर से नोटिस भेजा जाएगा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बेतिया एस्टेट की जमीनें
जिला क्षेत्रफल एकड़ में
गोरखपुर 50.92
कुशीनगर 37.54
महराजगंज 7.53
बस्ती 6.21
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नोटिस मिलने के बाद बेतिया एस्टेट की ओर से तैयार हो रहा जवाब
महराजगंज में महारानी के नाम की जमीन की रिपोर्ट प्रशासक ने बिहार सचिवालय को भेजी
गोरखपुर। बेतिया एस्टेट की जमीनों की खोजबीन के बीच प्रयागराज के आनापुर के मंडलेश्वरी शरण सिंह ने खुद को महारानी जानकी कुंवर का प्रपौत्र बताते हुए राजघराने के उत्तराधिकारी होने का दावा किया है। इस मामले में बिहार सरकार को भी उन्होंने पत्र भेजा है। बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक अब इस मामले में जवाब तैयार करवा रहे हैं। जल्द ही प्रयागराज सिविल कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
दरअसल, बेतिया एस्टेट के अंतिम राजा हरेंद्र किशोर सिंह की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उनकी मृत्यु के बाद बेतिया एस्टेट का कोई सीधा वारिस नहीं बचा। उनकी पत्नी महारानी जानकी कुंवर इस राजघराने की अंतिम वारिस थीं। 1954 में उनका निधन हो गया। इसके बाद यूपी और बिहार में उनकी संपत्तियों को लेकर कई बार लोगों ने वारिस होने का दावा किया।
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इसी क्रम में प्रयागराज के बिजेश्वरी शरण सिंह ने रिश्तेदार बताकर सिविल कोर्ट, प्रयागराज में दावा किया। सुनवाई के बीच ही कोराेना काल में उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके बेटे मंडलेश्वरी शरण सिंह ने खुद को महारानी के भाई का प्रपौत्र बताकर उत्तराधिकारी होने का दावा किया। इस मामले में अब कोर्ट ने दूसरे पक्ष यानी बिहार सरकार के प्रशासक से जवाब मांगा है।
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बेतिया एस्टेट के वंशज के रूप में मंडलेश्वरी शरण सिंह की ओर से दावा किया गया है। उनके पिता ने भी दावा किया था जिसका जवाब पूर्व में दिया जा चुका है। करीब 15 दिनों पहले प्रयागराज में बेतिया एस्टेट के अधिवक्ता ने इस मामले में विमर्श किया है। जल्द ही जवाब तैयार कराकर दाखिल किया जाएगा। इसके अलावा महराजगंज के पिपरिया गांव में खेवट दस्तावेज में 217 एकड़ जमीन में महारानी जानकी कुंवर का नाम सह हिस्सेदार में है। इसकी रिपोर्ट भी बिहार सरकार को दी गई है।
- बद्री प्रसाद गुप्ता, प्रशासक, बिहार सरकार एवं सहायक बंदोबस्त अधिकारी
गोरखपुर-बस्ती मंडल में है 102 एकड़ जमीन
गोरखपुर। गोरखपुर-बस्ती मंडल में बेतिया एस्टेट की 102 एकड़ जमीन है। इसमें सबसे ज्यादा गोरखपुर में 50.92 एकड़ जमीन बेतियाता मोहल्ले में है। 37.54 एकड़ जमीन कुशीनगर जिले के कप्तानगंज तहसील के नौ गांवों में है।
2018 में कराए गए सर्वे के मुताबिक, महराजगंज के परतावल तहसील के पिपरिया में 7.53 एकड़ जमीन है लेकिन अब खेवट दस्तावेजों में यह जमीन बढ़ सकती है। इस गांव में 217 एकड़ जमीन में बेतिया एस्टेट की महारानी जानकी कुंवर का नाम दर्ज है। इसे आधार बनाकर अब बेतिया एस्टेट के प्रशासक ने जिला प्रशासन से पैमाइश कराने की मांग की है और बिहार सरकार के सचिवालय को रिपोर्ट भेज दी है। उधर, गोरखपुर के बेतियाहाता मोहल्ले में बेतिया एस्टेट की जमीनों पर कब्जा के मामले में 31 लोगों के खिलाफ बिहार सरकार के प्रशासक ने एसडीएम कोर्ट में बेदखली का वाद दाखिल कराया है। इस मामले में अब सभी लोगों को एसडीएम कोर्ट की ओर से नोटिस भेजा जाएगा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में बेतिया एस्टेट की जमीनें
जिला क्षेत्रफल एकड़ में
गोरखपुर 50.92
कुशीनगर 37.54
महराजगंज 7.53
बस्ती 6.21