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Gorakhpur News: इलेक्ट्रिक बस में छूटा बैग, दो घंटे में मिला वापस
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बैग में रुपये और फोन दोनों सुरक्षित मिले
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर का मेला देख अपनी मां के साथ लौट रही ममता का बैग शुक्रवार को सिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की बस में छूट गया। लेकिन इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर की तत्परता से सिर्फ दो घंटे में बैग उन्हें वापस मिल गया। बैग में उनके रुपये और मोबाइल भी सुरक्षित थे।
असुरन चौक के निकट भेड़ियागढ़ निवासी ममता अपनी मां के साथ गोरखनाथ मंदिर में मेला देखने गई थीं। बाहर निकली तो गोरखनाथ थाने के सामने से उन्होंने सिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की बस 4.30 बजे के करीब पकड़ा। ममता ने बताया कि उन्होंने ड्राइवर को टिकट का भुगतान किया हालांकि चालक ने उन्हें टिकट नहीं दिया। धर्मशाला पुल के नीचे उन्हें बस से उतार दिया। उनके पास दो बैग थे लेकिन एक बैग बस में ही रह गया। जब वे धर्मशाला से टेम्पो लेकर असुरन चौक पहुंची तो बैग का ध्यान आया। उन्होंने चौक पर ट्रैफिक के सिपाही को बैग छूटने की जानकारी दी। उसके वह घर चली गईं। 6.30 बजे के करीब आईसीसीसी से कॉल कर बैग की फोटो भेजी गई। हमने पहचान लिया तो वहां से बैग भिजवाया गया, रुपये और फोन दोनों सुरक्षित थे। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि महानगरवासियों को सुरक्षित परिवेश मुहैय्या कराने के लिए आईसीसीसी अपनी सेवाएं दे रहा है।
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गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर का मेला देख अपनी मां के साथ लौट रही ममता का बैग शुक्रवार को सिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की बस में छूट गया। लेकिन इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर की तत्परता से सिर्फ दो घंटे में बैग उन्हें वापस मिल गया। बैग में उनके रुपये और मोबाइल भी सुरक्षित थे।
असुरन चौक के निकट भेड़ियागढ़ निवासी ममता अपनी मां के साथ गोरखनाथ मंदिर में मेला देखने गई थीं। बाहर निकली तो गोरखनाथ थाने के सामने से उन्होंने सिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की बस 4.30 बजे के करीब पकड़ा। ममता ने बताया कि उन्होंने ड्राइवर को टिकट का भुगतान किया हालांकि चालक ने उन्हें टिकट नहीं दिया। धर्मशाला पुल के नीचे उन्हें बस से उतार दिया। उनके पास दो बैग थे लेकिन एक बैग बस में ही रह गया। जब वे धर्मशाला से टेम्पो लेकर असुरन चौक पहुंची तो बैग का ध्यान आया। उन्होंने चौक पर ट्रैफिक के सिपाही को बैग छूटने की जानकारी दी। उसके वह घर चली गईं। 6.30 बजे के करीब आईसीसीसी से कॉल कर बैग की फोटो भेजी गई। हमने पहचान लिया तो वहां से बैग भिजवाया गया, रुपये और फोन दोनों सुरक्षित थे। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि महानगरवासियों को सुरक्षित परिवेश मुहैय्या कराने के लिए आईसीसीसी अपनी सेवाएं दे रहा है।
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