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Gorakhpur Zoo: बब्बर शेर 'पटौदी' की भी सेहत बिगड़ी...आधी हो गई खुराक, 'मरियम' की मौत के बाद से है गुमसुम
Tue, 06 May 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 May 2025 12:41 AM IST
सार
चिड़ियाघर में शेरनी मरियम की मौत के बाद बब्बर शेर पटौदी काफी गुमसुम रहता है। साथी के जाने के बाद वह ज्यादातर समय बाड़े के कोने में पड़ा रहता है। चिड़ियाघर में फरवरी 2021 में इटावा लायन सफारी से दो बब्बर शेर लाए गए थे। इसमें शेर पटौदी और शेरनी मरियम शामिल थी। पटौदी को गुजरात के शक्करबाग से लाया गया था।
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चिड़ियाघर में बब्बर शेर।
विस्तार
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बब्बर शेर पटौदी की सेहत अभी खराब है। पिछले 15 दिनों से उसका इलाज चल रहा है। पटौदी की खुराक भी आधी हो गई है। चिड़ियाघर के चिकित्सक उसका इलाज कर रहे हैं। वहीं आईवीआरआई, बरेली की टीम भी उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए आ सकती है।
बब्बर शेर की औसत उम्र 15 से 16 वर्ष होती है। पटौदी करीब 15 वर्ष का हो गया है। ऐसे में उम्र के साथ उसकी खुराक भी कम हो गई है। दो-तीन दिन तक उसने कुछ नहीं खाया लेकिन इलाज के बाद उसने दोबारा भोजन शुरू कर दिया है।
हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन उसे बिना हड्डी वाला मीट ही दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उम्र ज्यादा होने की वजह से वह हड्डी नहीं तोड़ पा रहा है। आमतौर पर बब्बर शेर को गर्मी में 10 से 12 किलो मीट दिया जाता है लेकिन पटौदी अभी केवल चार से पांच किलो ही खा रहा है।
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उसकी गतिविधियां भी कम हो गई हैं। पटौदी में इंफेक्शन भी पाया गया था जो अब कम हो गया है। जल्द ही आईवीआरआई, बरेली से डॉक्टरों की टीम पटौदी की स्वास्थ्य जांच के लिए आ सकती है। चिड़ियाघर प्रशासन इटावा सफारी के चिकित्सकों से भी इलाज में मदद ले रहा है।
मरियम की मौत के बाद रहता है गुमसुम
चिड़ियाघर में शेरनी मरियम की मौत के बाद बब्बर शेर पटौदी काफी गुमसुम रहता है। साथी के जाने के बाद वह ज्यादातर समय बाड़े के कोने में पड़ा रहता है। चिड़ियाघर में फरवरी 2021 में इटावा लायन सफारी से दो बब्बर शेर लाए गए थे।
इसमें शेर पटौदी और शेरनी मरियम शामिल थी। पटौदी को गुजरात के शक्करबाग से लाया गया था। इसे पहले जंगल से पकड़ा गया था। इटावा सफारी में इसकी जोड़ी मरियम के साथ बनाई गई। वहां पर दोनों में नजदीकियां भी बढ़ गई थीं।
गोरखपुर आने के बाद ये दोनों एक-दूसरे को देखते रहते थे। पटौदी की उम्र करीब 15 वर्ष है। मरियम (17) इससे बड़ी थी। वह प्रदेश की सबसे उम्रदराज शेरनी थी। उम्र ज्यादा होने पर उसकी तबीयत खराब रहने लगी और दो अप्रैल 2024 को उसकी मौत हो गई।
पटौदी की सेहत में सुधार हो रहा है। उसने अब भोजन करना भी शुरू कर दिया है। चिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही है: विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर
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बब्बर शेर की औसत उम्र 15 से 16 वर्ष होती है। पटौदी करीब 15 वर्ष का हो गया है। ऐसे में उम्र के साथ उसकी खुराक भी कम हो गई है। दो-तीन दिन तक उसने कुछ नहीं खाया लेकिन इलाज के बाद उसने दोबारा भोजन शुरू कर दिया है।
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हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन उसे बिना हड्डी वाला मीट ही दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उम्र ज्यादा होने की वजह से वह हड्डी नहीं तोड़ पा रहा है। आमतौर पर बब्बर शेर को गर्मी में 10 से 12 किलो मीट दिया जाता है लेकिन पटौदी अभी केवल चार से पांच किलो ही खा रहा है।
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उसकी गतिविधियां भी कम हो गई हैं। पटौदी में इंफेक्शन भी पाया गया था जो अब कम हो गया है। जल्द ही आईवीआरआई, बरेली से डॉक्टरों की टीम पटौदी की स्वास्थ्य जांच के लिए आ सकती है। चिड़ियाघर प्रशासन इटावा सफारी के चिकित्सकों से भी इलाज में मदद ले रहा है।
मरियम की मौत के बाद रहता है गुमसुम
चिड़ियाघर में शेरनी मरियम की मौत के बाद बब्बर शेर पटौदी काफी गुमसुम रहता है। साथी के जाने के बाद वह ज्यादातर समय बाड़े के कोने में पड़ा रहता है। चिड़ियाघर में फरवरी 2021 में इटावा लायन सफारी से दो बब्बर शेर लाए गए थे।
इसमें शेर पटौदी और शेरनी मरियम शामिल थी। पटौदी को गुजरात के शक्करबाग से लाया गया था। इसे पहले जंगल से पकड़ा गया था। इटावा सफारी में इसकी जोड़ी मरियम के साथ बनाई गई। वहां पर दोनों में नजदीकियां भी बढ़ गई थीं।
गोरखपुर आने के बाद ये दोनों एक-दूसरे को देखते रहते थे। पटौदी की उम्र करीब 15 वर्ष है। मरियम (17) इससे बड़ी थी। वह प्रदेश की सबसे उम्रदराज शेरनी थी। उम्र ज्यादा होने पर उसकी तबीयत खराब रहने लगी और दो अप्रैल 2024 को उसकी मौत हो गई।
पटौदी की सेहत में सुधार हो रहा है। उसने अब भोजन करना भी शुरू कर दिया है। चिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही है: विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर