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Gorakhpur News: मार्च से शुरू हो जाएगी कैंसर के रोगियों की सिकाई की व्यवस्था
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गोरखपुर। एम्स में कैंसर रोगियों के ऑपरेशन के बाद अब रेडियोथिरेपी (सिकाई) की सुविधा की शुरुआत जल्द ही हो जाएगी। इस सुविधा के बाद मरीजों को सिकाई के लिए दूसरे कैंसर के अस्पतालों में भटकना नही पड़ेगा। कैंसर विभाग में लीनियर एक्सीलेटर मशीन के स्थापित होने के बाद इसके संचालन की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस वर्ष मार्च में कर्मियों की नियुक्ति के बाद मरीजों की रेडियोथिरेपी की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि एम्स के कैंसर रोग विभाग में लिवर का कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, मुंह का कैंसर, खाने की नली का कैंसर, स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि का इलाज कराने के लिए मरीज पहुंचते है। मरीजों की जांच के बाद कैंसर का उपचार भी शुरू कर दिया जाता है। कैंसर रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 40 से 45 मरीज दिखाने के लिए आते है, इसमें से कुछ मरीजों को रेडियोथिरेपी की जरूरत होती है। एम्स में रेडियोथिरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निराश होकर जाना पड़ता है।
बीआरडी में रेडियोथिरेपी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यहां पर लीनियर एक्सीलेटर मशीन नहीं है। ऐसे में एम्स में मशीन की सुविधा शुरू होने के बाद पूर्वांचल के मरीजों को निजी अस्पतालों एवं दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
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आधुनिक मशीन से ट्यूमर वाले हिस्से पर सीधे रेडिएशन डाला जा सकेगा। इससे अन्य कोशिकाओं पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। इसके संचालन के लिए मार्च तक कुछ कर्मियों की नियुक्ति हो जाएगी। कैंसर के मरीजों को कई बार कीमो कराना पड़ता है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च मंहगा है। इसके बाद कैंसर के मरीजों को एम्स में रेडियोथिरेपी की सुविधा बेहद सस्ते दर पर हो सकेगी।
-डॉ. मुकुल सिंह, सर्जरी विभाग
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बता दें कि एम्स के कैंसर रोग विभाग में लिवर का कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, मुंह का कैंसर, खाने की नली का कैंसर, स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि का इलाज कराने के लिए मरीज पहुंचते है। मरीजों की जांच के बाद कैंसर का उपचार भी शुरू कर दिया जाता है। कैंसर रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 40 से 45 मरीज दिखाने के लिए आते है, इसमें से कुछ मरीजों को रेडियोथिरेपी की जरूरत होती है। एम्स में रेडियोथिरेपी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निराश होकर जाना पड़ता है।
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बीआरडी में रेडियोथिरेपी की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यहां पर लीनियर एक्सीलेटर मशीन नहीं है। ऐसे में एम्स में मशीन की सुविधा शुरू होने के बाद पूर्वांचल के मरीजों को निजी अस्पतालों एवं दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
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आधुनिक मशीन से ट्यूमर वाले हिस्से पर सीधे रेडिएशन डाला जा सकेगा। इससे अन्य कोशिकाओं पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। इसके संचालन के लिए मार्च तक कुछ कर्मियों की नियुक्ति हो जाएगी। कैंसर के मरीजों को कई बार कीमो कराना पड़ता है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च मंहगा है। इसके बाद कैंसर के मरीजों को एम्स में रेडियोथिरेपी की सुविधा बेहद सस्ते दर पर हो सकेगी।
-डॉ. मुकुल सिंह, सर्जरी विभाग