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गोरखपुर एम्स: इमरजेंसी में इलाज नहीं मिला, रेफर कर दिया- रास्ते में युवती की मौत- जानिए क्या था पूरा मामला
Mon, 10 Mar 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:08 AM IST
सार
युवती के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोपहर में बेटी को एम्स की इमरजेंसी में ले जाने पर तुरंत इलाज शुरू नही किया गया। तीन घंटे से ज्यादा तक इधर- उधर भटकाया गया। इसके बाद मेडिसिन के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू हुआ। रात में तत्काल आईसीयू की जरूरत और एम्स में आईसीयू की उपलब्धता नही होने की बात करते हुए रेफर कर दिया गया।
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गोरखपुर एम्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर एम्स के इमरजेंसी में सांस लेने में दिक्कत होने पर इलाज कराने के लिए आई 22 वर्षीय युवती को देर रात रेफर कर दिया गया। इसके बाद दूसरे अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले जाने के दौरान युवती की रास्ते में मौत हो गई। युवती के पिता ने इलाज के नाम पर पूरे दिन परेशान करने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
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शनिवार को भाटपार रानी देवरिया की 22 वर्षीय हाईस्कूल की छात्रा पूजा को सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन पहले निजी अस्पताल ले गए। वहां से बेहतर इलाज के लिए एम्स ले जाने के लिए कहा गया। पिता उमाकांत प्रजापति ने पैसों व्यवस्था कर तुरंत एंबुलेंस से एम्स लेकर आए।
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युवती के पिता ने आरोप लगाते हुए कहा कि दोपहर में बेटी को एम्स की इमरजेंसी में ले जाने पर तुरंत इलाज शुरू नही किया गया। तीन घंटे से ज्यादा तक इधर- उधर भटकाया गया। इसके बाद मेडिसिन के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू हुआ। रात में तत्काल आईसीयू की जरूरत और एम्स में आईसीयू की उपलब्धता नही होने की बात करते हुए रेफर कर दिया गया।
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बेटी की हालत अधिक खराब होने पर डाॅक्टरों से लगातार इलाज करने की प्रार्थना की। किसी ने एक बात नही सुनी। 112 नंबर से पुलिस और सांसद की भी मदद ली। इसके बाद फिर कुछ ही देर में रेफर कर दिया गया। चार घंटे तक एम्स के बाहर पूजा तड़पती रही, लेकिन कोई मदद नही मिली।
उमाकांत ने बताया कि एम्स से इलाज नही होने पर दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेस की मांग की, जिसे पूरा नही होने पर वें निजी एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल में ले जाने के दौरान रात में पूजा की मौत हो गई। एम्स की चौकी प्रभारी दीपशिखा ने बताया कि इस मामले में पूजा के परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नही दी गई है।
मरीज को सांस लेने में गंभीर रूप से दिक्कत थी। उसे तत्काल आईसीयू की जरूरत थी। एम्स के आईसीयू में बेड खाली नही होने के कारण मरीज को यहां भर्ती नहीं किया जा सका। रेफर के दौरान मरीज को एडवांस एंबुलेंस की जरूरत थी, जो उसे समय अस्पताल में मौजूद नही था। इस कारण एंबुलेंस की सुविधा समय पर नही मिल पाई: डॉ. आराधना सिंह, मीडिया प्रभारी