{"_id":"662c4e716df0312af0010466","slug":"gorakhpur-news-aiims-four-courses-including-bsc-mlt-got-approval-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-539189-2024-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स: बीएससी एमएलटी समेत चार पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स: बीएससी एमएलटी समेत चार पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी
विज्ञापन
गोरखपुर। एम्स में शुक्रवार को छठी स्थायी शैक्षणिक समिति (एसएसी) की बैठक बोर्ड रूम में आयोजित की गई। साढ़े चार घंटे तक चली बैठक में बीएससी और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों और पीएचडी पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा बैचलर ऑफ साइंस इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (बीएससी एमएलटी), बैचलर ऑफ साइंस इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी (बीएससी एमआरआईटी) एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी और ऑप्टोमेट्री टेक्नोलॉजी में एलाइड हेल्थ साइंसेज (एएचएस) पाठ्यक्रम शुरू करने की भी मंजूरी दी गई ।
कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि ये सभी एएचएस पाठ्यक्रम जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। इसके अलावा एमबीबीएस और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की उपस्थिति और संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण के लिए निर्णय लिया गया है। इससे न केवल शैक्षणिक सुविधा होगी, बल्कि इससे संस्थान की प्रगति के साथ-साथ विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के परिणामों का तेजी से मूल्यांकन और त्वरित प्रकाशन भी होगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रो. अशोक जान्हवी प्रसाद ने कहा कि अकादमिक समिति की बैठक में लंबित कई शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसका असर आने वाले वर्षों में एम्स की पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाओं पर दिखेगा।
विज्ञापन
इस दौरान प्रोफेसर (डॉ.) आरती लालचंदानी, पूर्व प्रिंसिपल और डीन जीएसवीएमएमसी कानपुर, डॉ. वीके तिवारी (प्रोफेसर, बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी), हिंदूराव अस्पताल नई दिल्ली और डॉ. रामनाथ चौरसिया, प्रोफेसर और प्रमुख न्यूरोलॉजी, बीएचयू वाराणसी ने स्थायी शैक्षणिक समिति के सदस्यों के रूप में हिस्सा लिया। एम्स की डीन एकेडमिक्स डॉ. महिमा मित्तल ने विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि ये सभी एएचएस पाठ्यक्रम जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। इसके अलावा एमबीबीएस और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की उपस्थिति और संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण के लिए निर्णय लिया गया है। इससे न केवल शैक्षणिक सुविधा होगी, बल्कि इससे संस्थान की प्रगति के साथ-साथ विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के परिणामों का तेजी से मूल्यांकन और त्वरित प्रकाशन भी होगा।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रो. अशोक जान्हवी प्रसाद ने कहा कि अकादमिक समिति की बैठक में लंबित कई शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसका असर आने वाले वर्षों में एम्स की पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाओं पर दिखेगा।
विज्ञापन
इस दौरान प्रोफेसर (डॉ.) आरती लालचंदानी, पूर्व प्रिंसिपल और डीन जीएसवीएमएमसी कानपुर, डॉ. वीके तिवारी (प्रोफेसर, बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी), हिंदूराव अस्पताल नई दिल्ली और डॉ. रामनाथ चौरसिया, प्रोफेसर और प्रमुख न्यूरोलॉजी, बीएचयू वाराणसी ने स्थायी शैक्षणिक समिति के सदस्यों के रूप में हिस्सा लिया। एम्स की डीन एकेडमिक्स डॉ. महिमा मित्तल ने विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हिस्सा लिया।