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गोरखपुर विरासत गलियारा: अतिक्रमण पर कार्रवाई...विरोध में हंगामा, व्यापारियों का आरोप- 'टीम ने की धक्का मुक्की'

Wed, 04 Jun 2025 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 04 Jun 2025 12:39 AM IST
सार

पांडेयहाता से धर्मशाला बाजार तक चौड़ी सड़क के प्रोजेक्ट विरासत गलियारा के निर्माण के दौरान मंगलवार को काफी गहमा-गहमी रही। निर्माण में बाधक बन रही सीढ़ी को तोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी की टीम बुलडोजर लेकर पांडेयहाता पहुंची। सीढ़ी तोड़ने का दुकानदारों ने विरोध किया। इसको लेकर दुकानदारों से कहासुनी हुई। व्यापारियों का आरोप है कि उनसे धक्का-मुक्की की गई।

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An altercation between traders and team,went to remove illegal encroachment under Gorakhpur Heritage Corridor
विरासत गलियारा के तहत नाले पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जिला प्रशासन, नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर और ग्रामीण कस्बों में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की। इस दौरान लोगों ने कई जगह विरोध करते हुए हंगामा किया। बक्शीपुर में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की टीम से दुकानदार ने मारपीट कर ली।
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विरासत गलियारा में निर्माण में बाधक बन रही सीढ़ी को तोड़ने पहुंची टीम पर व्यापारियों ने धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। उधर, गोरखपुर-सोनौली फोरलेन पर जंगल कौड़िया में फ्लाईओवर की सर्विस लेन के निर्माण में बाधक बने अतिक्रमण को प्रशासनिक अधिकारियों ने हटवाया। स्थानीय लोगों ने इसपर विरोध जताया।
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विरासत गलियारा : अधिकारियों ने दी मकान तोड़ने के लिए 15 दिन की मोहलत
पांडेयहाता से धर्मशाला बाजार तक चौड़ी सड़क के प्रोजेक्ट विरासत गलियारा के निर्माण के दौरान मंगलवार को काफी गहमा-गहमी रही। निर्माण में बाधक बन रही सीढ़ी को तोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी की टीम बुलडोजर लेकर पांडेयहाता पहुंची।  सीढ़ी तोड़ने का दुकानदारों ने विरोध किया। इसको लेकर दुकानदारों से कहासुनी हुई। व्यापारियों का आरोप है कि उनसे धक्का-मुक्की की गई।

एक दुकानदार ने मोबाइल छीनने तो दो ने धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। इसके बाद उद्घोषणा हुई कि जिन लोगों की रजिस्ट्री हो चुकी है, वे 15 दिन के अंदर अपने मकान तोड़ लें। जिन लोगों ने रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे रजिस्ट्री करा लें। इसके बाद मामला शांत हुआ।
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घंटाघर से कालीबाड़ी के बीच सीढ़ियों को मंगलवार को जेसीबी से तोड़कर हटाया जा रहा था। यह देख व्यापारी संजय कुमार ने विरोध जताया। उन्होंने तोड़फोड़ करने से पहले नोटिस देने की बात कही। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इसके बारे में उद्घोषणा करने की बात कही।  मकान तोड़ने और जमीन का मुआवजा देने की बातें भी हुईं। विरोध के दौरान व्यापारियों और अधिकारियों के बीच हुई कहासुनी का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
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व्यापारी संजय कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उनका मोबाइल छीन लिया था, जबकि दो व्यापारियों ने पुलिस पर धक्का देने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। इस मौके पर व्यापारी राजेश गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, संजय पटवा, राजन एवं सद्दाम आदि मौजूद थे।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, विरासत गलियारा में 830 मकान-दुकान तोड़े जाने हैं, जिसमें 550 रजिस्ट्री हो चुकी है। अधिकारियों ने व्यापारियों को 15 दिन की मोहलत दी। कहा कि वे सड़क के दायरे में आने वाले मकान-दुकान को तोड़ लें। यदि इस अवधि में मकान-दुकान नहीं तोड़े गए तो सरकारी खर्च से तोड़ने का कार्य किया जाएगा। साथ ही और इसका खर्च भी मकान मालिक से लिया जाएगा।

विरासत गलियारा में मकानों को तोड़ने के लिए टीम बुलडोजर ले गई थी, लेकिन सीढि़यों को तोड़ने के दौरान व्यापारियों ने समय मांगा तो उन्हें 15 दिन मोहलत दी गई है। नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। जो लोग भविष्य में दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, उन्हें भी मुआवजा दिया जाएगा: अरविंद कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
 
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