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Gorakhpur News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बीएड की 90, डीडीयू में 60 प्रतिशत सीटें ही भरीं
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तीन चरणों की काउंसिलिंग के बाद अब डायरेक्ट एडमिशन में भी पिछड़ रहा डीडीयू
सिद्धार्थ विवि में बीएड की 7579 सीटों में से लगभग 6800 और डीडीयू में 9377 में 5500 ही भरीं
गोरखपुर। सत्र 2025-27 के लिए बीएड में प्रवेश को लेकर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों में डायरेक्ट एडमिशन में बीएड की लगभग 90 प्रतिशत सीटें भर पाई हैं। डीडीयू से संबद्ध कॉलेजों में लगभग 60 फीसदी सीटें ही भरी हैं।
डीडीयू और संबद्ध कॉलेजों में बीएड की कुल 9377 सीटें हैं। इनमें 330 सीटें वित्तपोषित और 9047 स्ववित्तपोषित हैं। डीडीयू व संबद्ध कॉलेजों में तीन चरणों की काउंसिलिंग के बाद कुल 1522 सीटें भरी थीं। इनमें वित्तपोषित सभी 330 सीटें भर गई थीं, जबकि स्ववित्तपोषित कॉलेजों की सिर्फ 1192 सीटें ही भर पाई थीं।
उधर, सिद्धार्थ विवि और संबद्ध कॉलेजों में 7579 सीटों में से सिर्फ 307 सीटें ही भर पाई थीं। तब लगा था कि बीएड में एडमिशन के दौरान डीडीयू की सीटें पहले भरेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 13 सितंबर से डायरेक्ट एडमिशन शुरू होने के बाद सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों में लगभग कुल 6800 सीटें भरी हैं, जबकि डीडीयू से संबद्ध कॉलेजों की लगभग 5500 सीटें ही भर पाई हैं।
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26 है डायरेक्ट एडमिशन की अंतिम तिथि
डायरेक्ट एडमिशन की अंतिम तिथि 26 सितंबर निर्धारित है। डीडीयू से संबद्ध कॉलेजों में लगभग 40 प्रतिशत सीटें खाली हैं। इसे देखते हुए कॉलेज सीटें भरे जाने की कवायद में जुटे हुए हैं। उधर, सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों के लोगों को भरोसा है कि जल्द ही सभी सीटें भर जाएंगी।
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इन वजहों से सिद्धार्थ विवि को प्राथमिकता दे रहे छात्र
डीडीयू में बीएड की पढ़ाई सेमेस्टर पद्धति से होती है। इसमें दो साल में कुल चार बार परीक्षाएं देने के साथ ही हर बार प्रैक्टिकल और असाइनमेंट जमा करना होता है। सिद्धार्थ विवि में अभी भी वार्षिक पद्धति से ही बीएड की पढ़ाई हो रही है। सिद्धार्थ विवि में दो वर्षों का बीएड का परीक्षा शुल्क सिर्फ 3300 रुपये है, जबकि डीडीयू में नौ हजार। माना जा रहा है कि सिद्धार्थ विवि में अभी भी वार्षिक पद्धति से ही बीएड की पढ़ाई होती है, इस वजह से छात्र वहां के कॉलेजों में प्रवेश में रुचि दिखा रहे हैं।
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वर्जनडीडीयू और संबद्ध कॉलेजों में अब तक बीएड की लगभग 60 प्रतिशत सीटें ही भर पाई हैं। अंतिम तिथि 26 सितंबर है। उस दौरान सीटें नहीं भरीं तो प्रवेश की तिथि विस्तारित किए जाने की मांग की जाएगी। डायरेक्ट एडमिशन में छात्रों का अच्छा रेस्पॉन्स मिला है।
- डॉ. सुधीर राय, महामंत्री, स्ववित्तपोषित कॉलेज प्रबंधक महासभा, डीडीयू
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डायरेक्ट एडमिशन से सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों में बीएड की लगभग 90 प्रतिशत सीटें भर गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से व्यावहारिक स्थितियां बेहतर होेने के कारण छात्र आ रहे हैं। संभावना है कि कई वर्षों बाद इस बार सभी सीटें भर जाएंगी।
- मुमताज अहमद, अध्यक्ष, स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा, सिद्धार्थ विवि
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सिद्धार्थ विवि में बीएड की 7579 सीटों में से लगभग 6800 और डीडीयू में 9377 में 5500 ही भरीं
गोरखपुर। सत्र 2025-27 के लिए बीएड में प्रवेश को लेकर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों में डायरेक्ट एडमिशन में बीएड की लगभग 90 प्रतिशत सीटें भर पाई हैं। डीडीयू से संबद्ध कॉलेजों में लगभग 60 फीसदी सीटें ही भरी हैं।
डीडीयू और संबद्ध कॉलेजों में बीएड की कुल 9377 सीटें हैं। इनमें 330 सीटें वित्तपोषित और 9047 स्ववित्तपोषित हैं। डीडीयू व संबद्ध कॉलेजों में तीन चरणों की काउंसिलिंग के बाद कुल 1522 सीटें भरी थीं। इनमें वित्तपोषित सभी 330 सीटें भर गई थीं, जबकि स्ववित्तपोषित कॉलेजों की सिर्फ 1192 सीटें ही भर पाई थीं।
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उधर, सिद्धार्थ विवि और संबद्ध कॉलेजों में 7579 सीटों में से सिर्फ 307 सीटें ही भर पाई थीं। तब लगा था कि बीएड में एडमिशन के दौरान डीडीयू की सीटें पहले भरेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 13 सितंबर से डायरेक्ट एडमिशन शुरू होने के बाद सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों में लगभग कुल 6800 सीटें भरी हैं, जबकि डीडीयू से संबद्ध कॉलेजों की लगभग 5500 सीटें ही भर पाई हैं।
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26 है डायरेक्ट एडमिशन की अंतिम तिथि
डायरेक्ट एडमिशन की अंतिम तिथि 26 सितंबर निर्धारित है। डीडीयू से संबद्ध कॉलेजों में लगभग 40 प्रतिशत सीटें खाली हैं। इसे देखते हुए कॉलेज सीटें भरे जाने की कवायद में जुटे हुए हैं। उधर, सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों के लोगों को भरोसा है कि जल्द ही सभी सीटें भर जाएंगी।
इन वजहों से सिद्धार्थ विवि को प्राथमिकता दे रहे छात्र
डीडीयू में बीएड की पढ़ाई सेमेस्टर पद्धति से होती है। इसमें दो साल में कुल चार बार परीक्षाएं देने के साथ ही हर बार प्रैक्टिकल और असाइनमेंट जमा करना होता है। सिद्धार्थ विवि में अभी भी वार्षिक पद्धति से ही बीएड की पढ़ाई हो रही है। सिद्धार्थ विवि में दो वर्षों का बीएड का परीक्षा शुल्क सिर्फ 3300 रुपये है, जबकि डीडीयू में नौ हजार। माना जा रहा है कि सिद्धार्थ विवि में अभी भी वार्षिक पद्धति से ही बीएड की पढ़ाई होती है, इस वजह से छात्र वहां के कॉलेजों में प्रवेश में रुचि दिखा रहे हैं।
वर्जनडीडीयू और संबद्ध कॉलेजों में अब तक बीएड की लगभग 60 प्रतिशत सीटें ही भर पाई हैं। अंतिम तिथि 26 सितंबर है। उस दौरान सीटें नहीं भरीं तो प्रवेश की तिथि विस्तारित किए जाने की मांग की जाएगी। डायरेक्ट एडमिशन में छात्रों का अच्छा रेस्पॉन्स मिला है।
- डॉ. सुधीर राय, महामंत्री, स्ववित्तपोषित कॉलेज प्रबंधक महासभा, डीडीयू
डायरेक्ट एडमिशन से सिद्धार्थ विवि से संबद्ध कॉलेजों में बीएड की लगभग 90 प्रतिशत सीटें भर गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से व्यावहारिक स्थितियां बेहतर होेने के कारण छात्र आ रहे हैं। संभावना है कि कई वर्षों बाद इस बार सभी सीटें भर जाएंगी।
- मुमताज अहमद, अध्यक्ष, स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा, सिद्धार्थ विवि