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UP: डंडे से हॉकी खेलते समय पेट में लगी गेंद... 11 साल के अविनाश की मौत; पहले पति और अब बुझा घर का इकलौता चिराग
Sun, 25 May 2025 03:05 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 25 May 2025 03:05 PM IST
सार
गोरखपुर के चौरीचौरा के इब्राहिमपुर गांव के कुसुली टोले के बाग में डंडे से हॉकी खेलते समय 11 साल के बालक के पेट में गेंद लग गई। जिससे बालक की मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
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किशोर की मां को संभालते गांव की महिलाएं
- फोटो : संवाद
विस्तार
गोरखपुर के चौरीचौरा इलाके के इब्राहिमपुर गांव के कुसुली टोले के बाग में शनिवार दोपहर हॉकी खेलने के दौरान पेट पर गेंद लगने से बालक अविनाश निषाद की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन अविनाश को लेकर एम्स की इमरजेंसी में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अविनाश निषाद इब्राहिमपुर गांव के सेहरा टोला का रहने वाला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक, कुसुली टोला में अविनाश निषाद दूसरे टोले के बच्चों के साथ हॉकी खेल रहा था।
बच्चों ने डंडे से हॉकी बनाया था। इससे भारी-भरकम बॉल पर मार रहे थे। खेलने के दौरान ही एक बच्चे ने तेजी से बॉल पर डंडा चलाया। बॉल सीधे अविनाश के पेट में जाकर लगी। शॉट इतना तेज था कि बॉल की छाप उसके पेट पर पड़ गई थी।
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चोट लगते ही अविनाश जमीन पर गिर गया। जानकारी पर ग्रामीणों की मदद से मां कुंती देवी बच्चे को लेकर एम्स की इमरजेंसी में पहुंचीं। वहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
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अविनाश निषाद इब्राहिमपुर गांव के सेहरा टोला का रहने वाला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक, कुसुली टोला में अविनाश निषाद दूसरे टोले के बच्चों के साथ हॉकी खेल रहा था।
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बच्चों ने डंडे से हॉकी बनाया था। इससे भारी-भरकम बॉल पर मार रहे थे। खेलने के दौरान ही एक बच्चे ने तेजी से बॉल पर डंडा चलाया। बॉल सीधे अविनाश के पेट में जाकर लगी। शॉट इतना तेज था कि बॉल की छाप उसके पेट पर पड़ गई थी।
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चोट लगते ही अविनाश जमीन पर गिर गया। जानकारी पर ग्रामीणों की मदद से मां कुंती देवी बच्चे को लेकर एम्स की इमरजेंसी में पहुंचीं। वहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पति पहले ही छोड़ दिए...अब बुझ गया घर का इकलौता चिराग
पति ने पहले ही दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया। जिसके लिए जिंदगी जी रही थी, वह आखिरी चिराग भी बुझ गया। बेटा मुझसे बहुत प्यार करता था, वो मुझे छोड़कर नहीं जा सकता है। यह पीड़ा हॉकी की गेंद लगने से मृत बालक की मां कुंती देवी बता रही थीं।
पति ने पहले ही दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया। जिसके लिए जिंदगी जी रही थी, वह आखिरी चिराग भी बुझ गया। बेटा मुझसे बहुत प्यार करता था, वो मुझे छोड़कर नहीं जा सकता है। यह पीड़ा हॉकी की गेंद लगने से मृत बालक की मां कुंती देवी बता रही थीं।
एम्स की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने अविनाश निषाद (11) को मृत घोषित किया तो मां की पीड़ा एक-एक करके आंसुओं के साथ बाहर आई। जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा इलाके के कुसुली गांव की कुंती देवी की 12 साल पहले कुशीनगर के युवक से शादी हुई थी।
आरोप है कि कुछ ही साल बाद पति का किसी अन्य महिला से संबंध हो गया, वह उसके साथ ही रहने लगा। इसको लेकर घर पर कुंती देवी से आए दिन झगड़ा होने लगा। करीब पांच साल से वह अपने मायके कुसुली में आकर रह रही हैं। यहां पर वह मजदूरी कर अविनाश को पढ़ा रही थीं।
अविनाश कक्षा पांच का छात्र था। कुंती हमेशा कहती थीं कि बेटा पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी हासिल कर लेगा, उस दिन सारे दुख दूर हो जाएंगे। लेकिन यह सपना टूट कर चकनाचूर हो गया। कुंती देवी बार-बार कह रही थीं कि अब किसके लिए जिंदा रहूंगी।
घर में मची चीख पुकार
अविनाश की मौत के बाद उसके ननिहाल में चीख पुकार मच गई। एक तरफ कुंती देवी को उनकी मां बिजुला देवी चुप करा रही थीं। वहीं कोने में बैठकर अपने नाती को याद कर दहाड़ मारकर रोने लग रही थीं। बिजुला देवी ने बताया कि अविनाश को खेलने जाने से रोका था।
अविनाश की मौत के बाद उसके ननिहाल में चीख पुकार मच गई। एक तरफ कुंती देवी को उनकी मां बिजुला देवी चुप करा रही थीं। वहीं कोने में बैठकर अपने नाती को याद कर दहाड़ मारकर रोने लग रही थीं। बिजुला देवी ने बताया कि अविनाश को खेलने जाने से रोका था।
उससे कहा था कि तुम्हारी मां काम से वापस आ जाएगी तभी घर से कहीं बाहर जाना है, लेकिन वह नहीं माना। थोड़ी ही देर में उसके घायल होने की सूचना आई। हमलोग दौड़कर गए, कुंती को सूचना देकर ग्रामीणों के साथ एम्स पहुंचे, जहां पता चला कि वह तो पहले ही मर चुका था।
छह बच्चों के साथ खेल रहा था हॉकी
गांव के आठ वर्षीय अच्छे निषाद ने बताया कि बाग के पास स्थित मंदिर में बैठा हुआ था। वहां पर छह बच्चों के साथ अविनाश खेल रहा था। इस दौरान सभी दौड़-दौड़ कर डंडे से बॉल पर मार रहे थे। इसी दौरान बॉल सीधे जाकर अविनाश के पेट में लगी और वह वहीं पर गिर गया।
गांव के आठ वर्षीय अच्छे निषाद ने बताया कि बाग के पास स्थित मंदिर में बैठा हुआ था। वहां पर छह बच्चों के साथ अविनाश खेल रहा था। इस दौरान सभी दौड़-दौड़ कर डंडे से बॉल पर मार रहे थे। इसी दौरान बॉल सीधे जाकर अविनाश के पेट में लगी और वह वहीं पर गिर गया।
पहले उसे उठाने की कोशिश हुई। इसके बाद चेहरे पर पानी मारा गया, लेकिन वह नहीं उठा। तब आस-पास अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी गई। इस दौरान अविनाश के साथ खेल रहे दूसरे टोले के बच्चे कहीं भाग गए।